बिलासपुर ।हाईकोर्ट ने एक रिटायर्ड फार्मासिस्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए संचालक आयुर्वेद योग एवम नेचुरो पैथी तथा जिला आयुर्वेद अधिकारी बस्तर को अवमानना नोटिस जारी किया है ।

जानकारी के मुताबिक सरिता बिहार कॉलोनी बहतराई रोड बिलासपुर निवासी गायत्री शुक्ला जिला बस्तर में फार्मासिस्ट आयुर्वेद के पद पर पदस्थ थी और 28 फरवरी 2018 को सेवा से रिटायर हुई रिटायरमेंट के बाद भी सेवानिवृत्ति देयक नहीं दिए जाने से क्षुब्ध होकर गायत्री शुक्ला द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका दायर की गई। उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें समस्त सेवानिवृत्ति देने का आदेश दिया गया ।उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन न किए जाने से क्षुब्ध होकर गायत्री शुक्ला द्वारा हाई कोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पांडे एवं लक्ष्मीन कश्यप के माध्यम से रिट याचिका दायर की गई और यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध किसी प्रकार विभागीय जांच, अपराधिक मामला एवं विभागीय सजा ना होने के बावजूद भी रिटायरमेंट के 3 वर्ष पश्चात भी उसे समस्त रिटायरल डयूज जैसे फैमिली पेंशन ,जीपीएफ, जीआईएस ,अवकाश नकदीकरण, ग्रेच्युटी ,सातवें वेतन आयोग के एरियर एवं अन्य सेवानिवृत्त देयक से वंचित किया गया जबकि यह सभी राशि प्राप्त करना याचिकाकर्ता का अधिकार है। उच्च न्यायालय द्वारा दिसंबर 2020 में आदेश पारित किए जाने के पश्चात भी आज तक याचिकाकर्ता को किसी भी प्रकार का सेवानिवृत्ति देयक प्रदान ना कर उच्च न्यायालय के आदेश की घोर अवमानना की गई है। उच्च न्यायालय द्वारा उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए एवं नाराजगी जाहिर करते हुए नीरज बांसोड़ संचालक आयुर्वेद योग एवं नेचुरोपैथी तथा जगनू राम नेताम जिला आयुर्वेद अधिकारी बस्तर को नोटिस जारी कर तत्काल जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।