
बिलासपुर । जिनका तबादला हो चुका है उन्हें रिलीव नहीं करना और जो कर्मचारी जिला मुख्यालय में पदस्थ है उसे ग्रामीण क्षेत्र में तथा जो ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ है उसे जिला मुख्यालय में लंबे समय से अटैच करके रखने का काम किसी और विभाग में नहीं बल्कि महिला एवं बाल विकास विभाग में ही संभव है और यह सब तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह के संरक्षण में होता रहा है। सुरेश सिंह का तबादला तो सुकमा हो चुका है लेकिन उनके यहां बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के दफ्तर में जिन कर्मचारियों को वर्षों से सुनियोजित ढंग से अटैच करके रखा गया है उनका रवैया अभी भी नहीं सुधरा है और वह वे उसी रुतबे में काम कर रहे हैं जैसे डीपीओ सुरेश सिंह के कार्यकाल में करते थे ।सुरेश सिंह के तबादला के बाद भी जिला कार्यालय के कर्मचारियों का रवैया नहीं बदला है ।।
डीपीओ सुरेश सिंह के कार्यकाल में सीपत परियोजना में पदस्थ ग्रेड 3 जगदीश शुक्ल को बिलासपुर जिला मुख्यालय में अटैच किया गया ।इसी तरह जिला कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी श्रीमती अर्चना मनियम को सीपत में अटैच किया गया ।जगदीश शुक्ला को पिछले 3 साल से बिलासपुर में अटैच कर काम लिया जा रहा है कहा जा रहा था कि जगदीश शुक्ला से हाईकोर्ट में विभागीय मामलो की देखरेख और जवाब दावा पेश करने के लिए अटैच किया गया है सवाल यह उठता है कि विभाग में क्या सिर्फ एकमात्र जगदीश शुक्ला ही ऐसे हैं जिन्हें हाई कोर्ट के प्रकरणों का ज्ञान है इसके अलावा और कोई जानकार नहीं है ?उन्हें 3 साल से मुख्यालय में अटैच रखने के पीछे आखिर क्या उद्देश्य रहा है ? डी पीओ सुरेश सिंह के हटने के बाद भी जिला कार्यालय में कर्मचारियों के रवैए में बदलाव नहीं आने के चलते काम में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं दिख रहा है। एक महिला कर्मचारी मंजू दीक्षित है जिनका ढाई वर्ष पहले तबादला हो चुका है और उन्हें अभी तक किन कारणों से रिलीव नहीं किया गया यह स्पष्ट नहीं है ।मंजू दीक्षित जिला कार्यालय में ही कार्यरत है ।हालत यह है कि महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय में पिछले कई वर्षों से शासन के आदेशों का पालन होने के बजाय मौखिक आदेशों पर काम ज्यादा होते रहे । डीपी ओ सुरेश सिंह के कार्यकाल में जिला कार्यालय में जो अव्यवस्था और गंदगी थी उसे सुरेश सिंह के तबादले के बाद भी जिला कार्यालय मैं ढोया जा रहा है ।
बेहतर यही होता कि डीपीओ सुरेश सिंह के कार्यकाल में उनके जितने भी हित चिंतक अधिकारी कर्मचारी बिलासपुर जिले में पदस्थ हैं और जो शासन के आदेशों का पालन ना कर मनमौजी रवैया अपनाए हुए हैं उनका भी अन्यंत्र तबादला कर दिया जाए ताकि जिला कार्यालय में नए सिरे से शासन के मनमाफिक कार्य हो सके और शासन की योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन हो सके।