
बिलासपुर । रेत को लेकर जबरदस्त हलचल है ।राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के 3 साल बाद अचानक मुख्यमंत्री ने कारवाई का निर्देश दिया तो पूरे प्रदेश में जिला प्रशासन ,खनिज विभाग और पुलिस ने ताबड़तोड़ कारवाई शुरू की और 24 घंटे के भीतर जब्त किए रेत का पहाड़ खड़ा कर दिए ।अवैध रेत उत्खनन और संग्रहण की जानकारी सबको थी मगर सबके हाथ बंधे हुए थे ।पिछले 15 साल सत्ता से बाहर रहे कांग्रेस के लोगो को सत्ता प्राप्ति के तुरंत बाद हर क्षेत्र में अपनी आय बढ़ाने की लालसा जागी और जो क्षेत्र मिला उसमे आजमाना शुरू कर दिया । ऐसा नहीं है कि रेत के धंधे में सिर्फ वर्तमान सरकार में ही अति हो रहा है ,भाजपा शासनकाल में भी कई बड़े भाजपा नेता रेत की अवैध खुदाई और कमाई में आगे रहे है ।रेत के अवैध उत्खनन और संग्रहण तथा मारपीट ,विवाद,गुटीय लड़ाई अविभाजित मप्र शासन के दौर में भी होता रहा है ।कांग्रेस भवन में रेत को लेकर कांग्रेस नेताओ के बीच मारपीट और दुकानें बंद कराने की घटना तो बहुत से नेताओ को याद होगा तब सिविल लाइन पुलिस ने एक युवा नेता की बेरहमी से इतनी पिटाई की थी कि वह दुबारा सक्रिय राजनीति में नहीं आ पाया और लगातार स्वास्थ्य खराब होने के बाद उसका घर से निकलना तक बंद हो गया और कुछ अरसे बाद उसकी सांसें ही थम गई । अविभाजित मप्र में रेत को लेकर इतनी लड़ाई और विवाद बढ़ा कि तब जिला प्रशासन ने रेत की कीमत तो तय किया ही कलेक्टर में एक काउंटर की व्यवस्था की गई ताकि उस काउंटर से कोई भी व्यक्ति रेत खरीदने के लिए कूपन प्राप्त कर सके ।हम बिलासपुर वासी बड़े भाग्यशाली है कि हम अंतः सलिला अरपा नदी की गोद में रहते है इसलिए रेत की कोई कमी बिलासपुर में नही है ।आपको जानकर आश्चर्य होगा किबिलासपुर की रेत बेंगलूर और बनारस तक जाता है ।बिलासपुर में रेत 1500 रुपए ट्रेक्टर और 8 हजार रुपए तक में एक हाइवा रेत आसानी से उपलब्ध हो जाता है मगर बनारस में यही रेत 90 हजार रुपए प्रति ट्रक मिलता है ।रेत माफिया बिलासपुर से रेत बनारस और बेंगलूर तक भेजकर भारी कमाई कर रहे है ।जिन खदानों की नीलामी नही हुई उसमे भी रेत माफिया रेत निकाल रहे है ।नगर निगम सीमा क्षेत्र में आने वाले रेत खदानों पर निगम का अधिकार है मगर अवैध उत्खनन और संग्रहण करने वालो पर निगम प्रशासन ने कभी भी कारगर कार्रवाई नहीं की ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रशासन ने अब जाकर कार्रवाई शुरू की है । कई कांग्रेस नेता और समर्थको का रेत व्यवसाय में बड़ा दखल है इसलिए कार्रवाई होने पर तड़फड़ा रहे है और संग्रहित रेत को जेबीटी किए जाने की कार्रवाई पर वे सिफारिश भी करवाने की कोशिश कर रहे है कोई विश्वास कर सकता है कि एक प्रभावी कांग्रेस नेता रेत से कमीशन के रूप में प्रतिदिन बड़ी राशि की उगाही करता है अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उक्त नेता की कमाई पर निश्चित रूप से असर पड़ेगा ।शनिवार को कलेक्टर के निर्देश पर SDM ने पुलिस और खनिज विभाग के साथ मिलकर रेत चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए निकले थे। टीम को तो नदी में रेत निकालते कोई नहीं मिला लेकिन बूटापारा में लावारिश हालत में सौ हाईवा से ज्यादा रेत मिल गया। रेत चोरों ने इसे शासकीय जमीन में डंप करके रखे थे। SDM ने रेत को जब्तकर निगम ठेकेदारों को सौंप दिया। सूचना मिलते ही दर्जनों ठेकेदार रेत उठाने के लिए गाड़ी लगा दी। शाम 7 बजे तक ठेकेदारों ने 50 हाईवा से अधिक रेत उठा लिए थे।
शनिवार की सुबह SDM पुलक भट्टाचार्य और राजस्व विभाग की टीम ने रेत घाटों का निरीक्षण किया। नदी में रेत निकालते हुए कोई नही मिला। लेकिन इसी दौरान उन्हें खबर मिली कि अरपा नदी के किनारे राजकिशोर नगर स्थित ऊर्जा पार्क के बाजू में बड़ी मात्रा में शासकीय जमीन पर रेत डंप करके रखी गई है। खबर मिलते ही राजस्व विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई। यहां खनिज विभाग की टीम को भी बुलाया गया। खनिज अफसरों ने उन्हें बताया कि यहां एक हजार क्यूसेक मीटर रेत है। जो करीब 100 हाइवा से ज्यादा है। SDM ने पंचनामा बनाकर रेत को जब्त कर लिया। साथ ही नगर निगम और दूसरे विभागों के ठेकेदारों को रेत उठवाने और खनिज विभाग के पास रायल्टी जमा कराने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही ठेकेदारों ने एक के बाद एक दर्जनों गाड़ियां रेत उठाने के लिए लगा दी। देर शाम तक ठेकेदार डंप रेत का उठाव करते रहे। जानकारी के अनुसार शाम 7 बजे तक 50 हाईवा से ज्यादा रेत ठेकेदारों ने उठा लिए थे।
एक दिन पहले ही शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी कलेक्टरों और SP को रेत के अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अवैध उत्खनन व परिवहन के लिए सीधे कलेक्टर और SP की व्यक्तिगत जवाबदेही होने की बात कही है। CM के सख्त तेवर देखकर सभी जिलों में रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। लेकिन बिलासपुर में अफसर निर्देश मिलने के एक दिन बाद कार्रवाई के लिए निकले। जब्ती के बाद विरोध और विवाद
SDM पुलक भट्टाचार्य और उनकी टीम जब मौके पर पहुंची, तब दयालबंद के करम गोरख और उसके साथी वहां पहुंच गए। उन्होंने पहले साल 2019 से रेत डंप कर रखने का दावा किया और अपनी परची भी दिखाई। जब इतने में बात नहीं बनी, तब वह कांग्रेस नेताओं की एप्रोच बताकर धौंस दिखाने लगा। इस दौरान युवकों की भीड़ भी जुट गई थी, जो तहसीलदार व उनकी टीम से बहस कर रहे थे।