
बिलासपुर ।महिला एवम बाल विकास विभाग ने नारायण पुर ,बालोद,बिलासपुर,दुर्ग ,गरियाबंद और रायपुर जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी /जिला महिला एवम बाल विकास अधिकारी को एक परिपत्र जारी कर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थितबल विकास परियोजनाओं के आंगन बाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार के रूप में सबसिडी वाले गेंहू और फोर्टिफाइट चावल का अतिरिक्तआबंटन किए जाने की जानकारी दी है । क्या है फोर्टीफाइड चावल?
विटामिन A, विटामिन B1, विटामिन B12, फोलिक एसिड, आयरन और जिंक सभी पोषक तत्व का मिश्रण
फोर्टिफाइड चावल में शामिल होता है।
यह लोगों की खुराक में आवश्यक पौष्टिक तत्वों की पूर्ति के साथ ही कुपोषण के नियंत्रण में काफी हद तक मददगार साबित होगी। जिसका लाभ राज्य के सभी लोग प्राप्त कर सकेंगे।
भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार यह राइस वितरित होगा
आम चावल के मुकाबले में फोर्टिफाइड चावल में अधिक पौष्टिक होगा।
क्या है परिपत्र में?
महिला एवम बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक द्वारा 25 अक्टूबर को जारी परिपत्र में कहा गया है कि पूरक पोषण आहार व्यवस्था के सुचारू संचालन हेतु भारत शासन से गेहूं आधारित न्यूट्रिशन प्रोग्राम अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सब्सिडी दर पर चावल हेतु ₹413 रोटी प्रति कुंटल एवं गेहूं हेतु ₹404 प्रति कुंतल निर्धारित की गई है अतः इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में निर्धारित दरों पर भुगतान किया जाना है ।फोर्टीफाइड चावल की दरों के संबंध में पृथक रूप से अवगत कराया जाएगा ।
आवंटन जिलों की मांग लाभांवित हितग्राहियों की संख्या के आधार पर दिया जाता है यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य स्तर से जारी फोर्टीफाइड चावल एवं गेहूं के आवंटन का पूर्ण उपयोग राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप किया जाना है पूर्व में प्राप्त आवंटन का उपयोग करने के पश्चात ही आवंटन की मांग की गई है संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारियों द्वारा तीसरी बचत शेष होने के पश्चात भी आवंटन की मांग की जाती है एवं आवंटित चावल एवं गेहूं का शेष उपलब्ध रहता है तो इस हेतु वह स्वयं उत्तरदाई होंगे आप सभी अवगत हैं कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एवं छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा एवं पोषण अधिनियम 2012 प्रभाव है इसलिए राज्य स्तर से चावल एवं गेहूं का आवंटन की मांग के अनुसार दिया जाता है यदि आपके द्वारा जिले में पूर्व की बचत होने के उपरांत भी 45 चावल एवं गेहूं के आवंटन की मांग की जाती है तो इसे तो आप स्वयं उत्तरदाई होंगे यदि आवंटन की आवश्यकता नहीं है तो तत्काल समर्पण किया जाए यदि उपलब्ध होने के बाद भी समर्पण नहीं किया जाता है तो इसे तू संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी उत्तरदाई होंगे अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण रुप से पालन किया जाए उपलब्ध कराए जा रहे गेहूं के आवंटन का भारतीय खाद्य निगम से उठाओ किए जाने हेतु वैधता अवधि 25 मार्च 2022 तक है अतः दिए जा रहे चावल गेहूं का उठाव 25 मार्च 2022 के पूर्व किया जाना सुनिश्चित करें निर्धारित समय अवधि में चावल गेहूं का उठाव ना होने पर संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी का उचित किया जाएगा समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी को सूचना प्राप्त गेहूं के उठाओ हेतु तत्काल जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम को उपलब्ध कराएं एवं आंगनबाड़ी केंद्र लगने वाली गेहूं की मात्रा का उचित मूल्य की दुकान नागरिक आपूर्ति निगम के कंप्यूटर में तत्काल करना सुनिश्चित करें ताकि फोर्टीफाइड चावल गेहूं का उठाव समय सीमा में हो सके चयनित महिला स्व सहायता समूह संस्थाओं को दिए जा रहे 45 चावल गेहूं के आवंटन के विरुद्ध प्राप्त खाद्यान्न की मात्रा की मानिटरिंग नियमित रूप से की जावे एवं पदक 45 चावल गेहूं के विरुद्ध खाद्यान्न पूरी मात्रा में प्राप्त होना तथा फोर्टीफाइड चावल गेहूं का भंडारण साफ सुथरी जगह में किया जाना सुनिश्चित करें चावल गेहूं के किए गए उठाओ का पोषण आहार कार्यक्रम के वास्तविक हितग्राहियों हेतु पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें और चावल गेहूं का किसी भी प्रकार से नियमित उपयोग ना हो यह भी सुनिश्चित किया जाए जिले में चयनित महिला स्व सहायता समूह संस्थाओं को दिए जा रहे चावल गेहूं के आवंटन एवं उठाव की जानकारी रूप से संधारित किया जाना भी सुनिश्चित करें संचालनालय द्वारा प्रदत चावल गेहूं के पोषण आहार कार्यक्रम हेतु गेहूं का उपयोगिता प्रमाण पत्र मात्रा सहित उठाओ की मात्रा दर्शाते हुए निर्धारित प्रपत्र में संचालनालय मासिक जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से भिजवाए निर्देशानुसार वास्तविक पोषण की जानकारी गेहूं के उठाओ या उसका पूरक पोषण आहार कार्यक्रम हेतु किए गए उपयोग संबंधी चाही गई जानकारी निर्धारित प्रपत्र में समय सीमा पर भी जाना सुनिश्चित करें और गेहूं के उपयोग के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें योजना अंतर्गत गर्भवती महिलाओं हेतु किए जा रहे एवं गेहूं का अभिलेख संधारित किया जाए एवं उनके उपयोग किया जाए संधारित किया जाए राज्य शासन द्वारा पूरक पोषण आहार व्यवस्था के सुचारू रूप से क्रियान्वयन एवं मॉडिफाइड चावल व गेहूं के आवंटन के उपयोग के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए पूरक पोषण आहार का प्रभाव खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं 2011 के प्रावधानों का पालन किया जाए पूरक पोषण आहार एवं महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 25 जनवरी 2022 द्वारा पूरक पोषण आहार व्यवस्था के संबंध में जारी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए ।