
बिलासपुर ।जिले के सबसे बड़े जनपद पंचायत में कथित कमीशन खोरी को लेकर मचा बवाल अब शांत होते नजर आ रहा है ।दरअसल इस जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद को काफी मलाईदार माना जाता है और कई मुख्य कार्यपालन अधिकारी यहां पदस्थ होने के लिए लालाइत रहते है ।अभी भी जिला पंचायत में पदस्थ एक अधिकारी जो पूर्व में मुख्य कार्यपालन अधिकारी रहे हैं ,फिर से बिल्हा में पदस्थ होने जोर लगा रहे है और उन्होंने बिल्हा की एक बैठक में हाल ही में अपनी बात अप्रत्यक्ष रूप से कह भी डाला है ।
अब बात करें बिल्हा जनपद पंचायत के वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी की तो वे बड़े जीवट किस्म के है इतनी जल्दी हार वे नही मानने वाले है हर दृष्टिकोण से वे अपनी पहुंच बनाकर रखे है ।अभी हाल ही में जिला पंचायत के एक सभापति ने उन पर आर्थिक गड़बड़ी के जो आरोप लगाए उसकी गूंज राजधानी तक पहुंची तो विभागीय मंत्री ने जांच के आदेश दिए । मंत्री के आदेश का पालन करते हुए जिला पंचायत सी ई ओ ने जांच कमेटी बना दी ।कमेटी को 3 दिन में रिपोर्ट देने कहा गया था मगर जांच कमेटी ने 15 दिन बाद भी रिपोर्ट नही दी है ।बताते है जांच और पूछताछ में कमेटी को बिल्हा सीईओ के खिलाफ आर्थिक गड़बड़ी के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले है ।जिन लोगो से बयान लिए गए उन लोगो ने भी बिल्हा सीईओ के खिलाफ कुछ भी नही उगला है ।यह सब कैसे हुआ यह यक्ष प्रश्न बना रहेगा ।सिर्फ आरोप लगने या लगाए जाने मात्र से किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती ।आरोप के पक्ष में पुख्ता साक्ष्य जुटाने होते है। जिला पंचायत में बैठे अधिकारी जो बिल्हा सी ई ओ बनना चाहते है उनके उम्मीदों पर पानी फिर गया है । हम बिल्हा सी ई ओ को क्लीन चिट नही दे रहे है लेकिन उनके खिलाफ जो सुनियोजित तरीके से साजिश हो रही है उसमे निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि भी जाने अंजाने में सामने आ गए है । सारा खेल बिल्हा सी ई ओ की कुर्सी का है ।
बिल्हा जनपद पंचायत में हर माह लाखो का खेल होता है लेकिन चर्चित चेहरे निर्माण कार्यों का कमीशन सीधे नही बल्कि दूसरे के माध्यम से लेते है ।अपना अपना आदमी सेट कर रखे है ।बिलासपुर से बिल्हा तक कमीशन का खेला है।बिल्हा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुबह 7 बजे अपने घर से निकल जाते है और फील्ड! में इतना दौरा करते है कि जनपद पंचायत कार्यालय में बमुश्किल आधा घंटा बैठ पाते है ।उनका अपना सूत्र और कांट्रेक्ट है लेकिन प्रशासन में मंजे हुए और अनुभवी खिलाड़ी है उनसे पार पाना हर कोई के वश की बात नहीं है ।उनके खिलाफ हो चुकी जांच की रिपोर्ट खुलासा नहीं होना या फिर देरी होना यह बताता है कि “रात भर अंडा पकाया सुबह देखे तो कच्चा ही रहा “की तर्ज पर रिपोर्ट निकल जाए ।