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April 4, 2025 10:54 pm

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लूतरा शरीफ दरगाह का इंतजाम वक्फ नामा के मुताबिक अब खम्हरिया मस्जिद जमात करेगी , अखलाख खान की कमेटी को पद से हटाने के निर्णय को वक्फ अभिकरण रायपुर ने सही माना



बिलासपुर । छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के द्वारा मोहम्मद हाजी अखलाक खान के इंतजामिया कमेटी को घोर वित्तीय अनियमितता और मनमानी के कारण 10 अक्टूबर 2018 को पद से हटा दिया गया था लेकिन उन्होंने वर्ष 2000 से बिना किसी वैधानिक अधिकार के पद पर कब्जा जमाए हुए थे।
0 इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के द्वारा हाजी अकबर बक्शी की अध्यक्षता में एक नई इंतजामिया कमेटी 18 सितम्बर 2018 को नियुक्त किया गया जो 3 वर्ष की अवधि के लिए थी ।हाजी अकबर बख्शी की अध्यक्षता वाली कमेटी का कार्यकाल 13। अक्टूबर 2021 को समाप्त हो गया उसके बाद से लूतरा शरीफ दरगाह का इंतजाम मस्तूरी एस डी एम द्वारा किया जा रहा है
0 लूथरा शरीफ के संक्षिप्त इतिहास पर अगर नजर डालें तो हजरत बाबा सैयद इंसान अली के वालिद पिता सैयद मरदान अली थे जो कि काबुल से आकर यहां बसे थे ।बाबा साहब की वालिदा का नाम मुसम्मत बेगम बी उर्फ दादी अम्मा था। बाबा साहब अपने माता पिता के इकलौते पुत्र थे उनकी दो बहने इज्जत बी और दूसरी बहन उमराव बी थी। बाबा सैयद इंसान अली गुणों से भरपूर थे ।आप की शादी उमेश बी से हुई थी। बाबा साहब को कोई औलाद नहीं हुई ।बाबा साहब की वालिदा बेगम बी के द्वारा अपने बेटे बाबा साहेब की बीमारी का काफी इलाज भी कराया गया हालांकि इस तरह की कोई बीमारी नहीं थी लेकिन बाबा साहब के अलौकिक गुणों में लगातार इजाफा होता रहा आज भी क्षेत्र में ऐसे लोग मौजूद हैं जो उनके चमत्कारों के बारे में बताते हैं
0 बाबा साहब की वालिदा ने अपने हक के अधिपत्य की सच्ची में से अपने दो पुत्रों को 30%-30% हिस्सा देने के बाद बाकी हिस्सा अपने बेटे और बहू के लिए रखा था जिससे बाबा साहब की परवरिश हो सके।
0 चुकि बाबा साहब से उनकी माता या नाल मजूर समझती थी इसलिए उन्होंने अपने हक अधिपत्य अधिकार की शेष बची हुई भूमि के संबंध में 24अप्रैल 1929 को एक रजिस्टर्ड वक्फ नामा निष्पादित किया जिसमें यह कहा गया कि इस संपत्ति में मेरे अलावा मेरी बहु मुतवल्ली होंगे और हमारे बाद मेरा बेटा बाबा सैयद इंसान अली उपरोक्त संपत्ति की आमदनी से परवरिश पाएंगे उनके जाने के बाद संपूर्ण संपत्ति का इंतजाम मस्जिद जमात खमरिया संपूर्ण वक्फ संपत्ति की मालिक होंगे। पूरी व्यवस्था वे ही करेंगे। इस तरह दादी अम्मा जिन्होंने अपनी संपत्ति वक्फ कर दिया था उसके संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी खम्हरिया के मस्जिद जमात को वक्फ नामा के माध्यम से सौंप दिया था।
0 यह बात भी उल्लेखनीय है कि बाबा सैयद इंसान अली खम्हरिया मस्जिद में 14 साल तक नमाज पढ़ाने (इमामत) का कार्य किए उसके बाद लूत रा शरीफ आकर इबादत की और इबाबत या रियाजत में दिन रात मशगूल रहे।
0 बाबा साहब इंसान अली 9 अक्टूबर 1960 को इस दुनिया से परदा (इंतकाल) फरमा गये तब वक्फ नामा के मुताबिक खम्हरियां जमात द्वारा बाबा साहब को लुतरा शरीफ में दफनाया गया।
0 बाबा साहब के परदा फरमाने के बाद खम्हरियां जमात द्वारा बाबा साहब के दरगाह के सबसे पहले मुतवल्ली (व्यवस्थापक) मुर्तुजा खां भूतपूर्व मालगुजार खम्हरियां को बनाया गया उनकी मृत्यु उपरांत खम्हरियां जमात के द्वारा अब्दुल सत्तार साहब कांकेर को मुतवल्ली बनाया गया उसके बाद अब्दुल गफ्फार साहब को लूतरा शरीफ का अध्यक्ष बनाया गया इसके पश्चात नजीर अहमद जरहाभाटा बिलासपुर वाले ने वहां का प्रभार संभाला था ।तत्पश्चात हारून सेठ अकलतरा अमीन सेठ कोरबा एवं मोहम्मद अली फारुकी रायपुर को सदर बनाया गया।
0 लूतरा शरीफ दरगाह की व्यवस्था का प्रभार खम्हरिया के जमात के द्वारा मोहम्मद अली फारुकी साहब को सौंपा गया तब मान खां व अन्य लोगों ने उनका विरोध करना शुरू किया तथा रायपुर से आए लोगों के साथ मारपीट की गई जिसकी रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई। प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप करते हुए लूत रा शरीफ की व्यवस्था अपने हाथों में लेते हुए तत्कालीन एसडीएम मसूद अख्तर को यहां का प्रभार प्रबंधक बनाया गया जिन्होंने करीब 2 साल तक काम किया।
0 लूत रा शरीफ दरगाह मस्जिद मदरसा व अन्य संपत्ति को मध्यप्रदेश शासन द्वारा 25अगस्त1989 को राजपत्र में वक्फ संपत्ति घोषित किया गया । उक्त घोषणा के 1 वर्ष के भीतर कोई आपत्ति नहीं होने से राजपत्र में प्रकाशित व संपत्ति अंतिम हो गई
0 मध्य प्रदेश बोर्ड द्वारा हाजी मोहम्मद हारून को द 28/ अप्रेल/98 को लुतरा शरीफ का मुतवल्ली बनाया तब इस आदेश के विरुद्ध मान खां शेर मोहम्मद आदि ने मध्य प्रदेश वक्फ अधिकरण भोपाल से उसे चुनौती दी गई जिस पर वक्फअधिकरण ने उक्त आदेश 28अगस्त/ 1998 को निरस्त कर दिया। उक्त निर्णय के विरुद्ध मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने जबलपुर उच्च न्यायालय में चुनौती दिया था तब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के द्वारा अधिकरण के निर्णय को यथावत रखा गया था ।वक्फ अभिकरण भोपाल ने 25जुलाई/1999 के निर्णय में यह स्पष्ट किया था कि –” ऐसा भी नहीं है कि कोई भी कमेटी अनियमितता या विषय विरुद्ध कार्य करती हो तो उसे आजीवन प्रबंध कमेटी में बने रहने का अधिकार नहीं है ।वक़्फ बोर्ड में शिकायत मिलने पर जांच के उपरांत यदि किसी प्रबंध कमेटी को दोषी पाया जाता है तो वक्फ अधिनियम के प्रावधान के अनुसार उसे हटाया जा सकता है। इसी प्रकार मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने इन्हीं बातों पर जोर देते हुए CR नंबर 2529/ 1999 में दिनांक 25/9/ 2000 को पारित आदेश में भी यह स्पष्ट किया है कि Needless to emphasize there that wakf Board will be at library to take appropriate action against non applieant and others mutuawallis in accordance with law”
इस तरह अधिकरण व उच्च न्यायालय ने न्यायालय में मान खां शेर मोहम्मद हाजी अखलाक को कोई क्लीनचिट नहीं दिया था किंतु उपरोक्त दोनों आवेदकों को अपने लिए अभय दान मांग कर मान खान शेर मोहम्मद और हाजी इखलाक खान लूथरा दरगाह की इंतजामिया कमेटी में अवैध रूप से वर्ष 2000 से 2018 तक काबीज रहे ।मान खां ,शेर मोहम्मद के द्वारा हाजी अखलाक खान को सदर घोषित कर मनमाना कार्य करने लगे। उपरोक्त कमेटी द्वारा ना तो मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के समक्ष और ना ही छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के समक्ष विधिवत अपने कमेटी को पंजीयन कराया बल्कि शासन के द्वारा राजपत्र में घोषित वक्फ संपत्ति पर काबिज रहकर मनमानी करते रहे। सन् 2000 से लेकर 2018 तक कार्य करने के दौरान हाजी अखलाक खान की कमेटी द्वारा वक्फ बोर्ड को आय व्यय का ना तो कोई हिसाब दिया गया और ना खर्च करने की अनुमति विधिवत वक्फ बोर्ड से प्राप्त की गई ।कमेटी द्वारा लुतरा खम्हरिया के जमात को भी कोई विश्वास में नहीं लिया गया।
0 लुतरा शरीफ व खम्हरिया के ग्रामीणों,पंच,सरपंच व जमात के द्वारा लगातार शिकायतें मिलने पर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने हाजी इखलाक खान, मान खान, व शेर मोहम्मद की कमेटी को विधिवत कार्यवाही करते हुए बर्खास्त कर दिया तथा हाजी अकबर बक्शी को लूथरा शरीफ तथा इंतजामिया कमेटी का सदर बनाया गया है जिनका कार्यकाल 17/सितम्बर/2021 से सफलतापूर्वक बिना किसी शिकायत व अनियमितता के समाज सेवा विधिवत हर वर्ष आडित रिपोर्ट वक्फ बोर्ड को जमा किया गया ।हाजी अकबर बक्शी के कमेटी के कार्यकाल के पश्चात वर्तमान में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मस्तूरी को लुतरा शरीफ का प्रभारी बनाया गया है ।
0 छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ अभिकरण ने अपने निर्णय में विस्तार से अखलाक खान व उनके के द्वारा किए गए घोर अनियमितताओं हेराफेरी व मनमानी का वर्णन किया है जिसके आधार पर उन्हे पद से हटाए जाने को अधिकरण ने न्यायोचित माना है।
0 चूंकि अखलाक खान की कमेटी ने उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्णय को गलत व्याख्या पर लूथरा शरीफ का इंतजाम अलग रूप से अपने हाथ में रखा हुआ था जिसे छत्तीसगढ़ राज्य अधिकरण ने अपने निर्णय दिनांक 28फरवरी/ 2022 को उपरोक्त समिति को वर्क बोर्ड रायपुर हटाए जाने के फैसले को सही माना है साथ ही वक्फ अधिकरण ने यह भी कहा है कि उपरोक्त कमेटी वाकिफ की मंशा के विपरित थी
0 छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड अधिकरण के उपरोक्त फैसले की रोशनी में खम्हरिया मस्जिद जमात के द्वारा सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि बाबा साहब की वालिदा दादी अम्मा के द्वारा निष्पादित वक्फ नामा अनुसार खम्हरियां मस्जिद जमात के सदर मोहम्मद खां (दरोगा गौंटिया) को लुतरा शरीफ इंतजामिया कमेटी का चेयरमैन बनाया जाएगा
यह उल्लेखनीय है कि वर्तमान में मोहम्मद खां (दरोगा गौंटिया) ग्राम खम्हरिया मस्जिद कमेटी के जमात के मुतवल्ली सदर हैं
0 मोहम्मद खान उर्फ दरोगा गौंटिया द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के समक्ष आवेदन देकर लूथरा शरीफ इतेजामिया कमेटी का प्रभार तत्काल सौंपे जाने का आग्रह किया है जिस पर वक्फ बोर्ड के गठन होने पर निर्णय लेने की जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के द्वारा दी गई है
बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दरगाह कमेटी के पूर्व चेयरमैन हाजी अकबर बक्शी, ने कहा
अनुविभागीय अधिकारी मस्तुरी को मेरे कार्यकाल समाप्त होते ही छ.ग.वक्फबोर्ड के आदेश का परिपलन करते हुऐ मै सभी तरह का वित्तीय प्रभार, बैक खाते, एटीएम चेक बुक सहित सौप दिया हूं। उसके उपरान्त मुझे अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय से नोटिस प्राप्त हुई कि दरगाह ईन्तेजामिया कमेटी,मदरसा दारुल ऊलुम फैजाने इंशान अली शाह ,शाही नुरानी मस्जिद लुतरा शरीफ के सभी बैक खातो को प्रभारी अध्यक्ष अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा खुलाऐ गाई एक ही खाते मे सभी राशि डालेंने हेतु पत्र प्रप्त

: लुतरा शरीफ दरगाह का इंतजाम वक्फ नामा के मुताबिक खम्हरियां मस्जिद जमात करेंगी सदर खम्हरियां जमात
अखलाक खान की कमेटी को पद से हटाए जाने के निर्णय को वक्फ अधिकरण रायपुर न सही माना


लुतरा शरीफ दरगाह का संक्षिप्त में इतिहास
बिलासपुर न्यूज 0 छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के द्वारा मान खान से मोहम्मद हाजी अखलाक खान के इंतजाम या कमेटी को घोर वितरित की अनियमितता मनमानी के कारण दिनांक 10 नौ 2018 को अपने पद से हटा दिया गया था जो कि सन 2000 से बिना किसी वैधानिक अधिकार के उपरांत पद पर कब्जा जमाए हुए थे
0 इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के द्वारा हाजी अकबर बक्शी की अध्यक्षता में एक नई इंडिया में कमेटी दिनांक 18/ 9/ 2018 को नियुक्त की गई जो कि 3 वर्ष की अवधि के लिए की गई थी हाजी अकबर बख्शी की अध्यक्षता वाली कमेटी का कार्यकाल दिनांक 13/9/ 2021 को समाप्त हो गया उसके बाद से लो से लूथरा शरीफ दरगाह का इंतजाम शासन द्वारा किया जा रहा है
0 लूथरा शरीफ के संक्षिप्त इतिहास पर अगर नजर डालें तो हजरत बाबा सैयद इंसान अली के वाली पिता सैयद मरदान अली थे जो कि काबुल से आकर यहां बसे थे बाबा साहब की वालिदा का नाम मुसम्मत बेगम बी उर्फ दादी अम्मा था बाबा साहब अपने माता पिता के इकलौते पुत्र थे उनकी दो बहने इज्जत भी दूसरी बहन उमराव भी थी बाबा सैयद इंसान अली के गुणों से भरपूर थे आप की शादी उमेश जी से हुई थी बाबा साहब को कोई औलाद नहीं हुई बाबा साहब की वालिदा बेगम बी के द्वारा अपने बेटे बाबा साहेब की बीमारी का काफी इलाज भी कराया गया हालांकि इस तरह की कोई बीमारी नहीं थी लेकिन बाबा साहब के अलौकिक गुणों में लगातार इजाफा होता रहा आज भी क्षेत्र में ऐसे लोग मौजूद हैं जो उनके चमत्कारों के बारे में बताते हैं
0 बाबा साहब की वालिदा ने अपने हक के अधिपत्य की सच्ची में से अपने दो पुत्रों को 30%-30% हिस्सा देने के बाद बाकी हिस्सा अपने बेटे और बहू के लिए रखा था जिससे बाबा साहब की परवरिश हो सके
0 चुकि बाबा साहब से उनकी माता या नाल मजूर समझती थी इसलिए उन्होंने अपने हक अधिपत्य अधिकार की शेष बची हुई भूमि के संबंध में दिनांक 24/4 1929 को एक रजिस्टर्ड वक्फ नामा निष्पादित किया जिसमें यह कहा गया कि इस संपत्ति में मेरे अलावा मेरी बहु मुतवल्ली होंगे और हमारे बाद मेरा बेटा बाबा सैयद इंसान अली उपरोक्त संपत्ति की आमदनी से परवरिश पाएंगे उनके जाने के बाद संपूर्ण संपत्ति का इंतजाम मस्जिद जमात खमरिया संपूर्ण वक्फ संपत्ति की मालिक होंगे पूरी व्यवस्था वे ही करेंगे इस तरह दादी अम्मा जिन्होंने अपनी संपत्ति वक्फ कर दिया था उसके संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी खम्हरिया के मस्जिद जमात को वक्फ नामा के माध्यम से सौंप दिया था
0 यह बात भी उल्लेखनीय है कि बाबा सैयद इंसान अली खम्हरिया मस्जिद में 14 साल तक नमाज पढ़ाने (इमामत) का कार्य किए उसके बाद लूथरा शरीफ आकर इबादत की इबाबत या रियाजत में दिन रात मशगूल रहे
0 बाबा साहब इंसान अली दिनांक 9 अक्टूबर 1960 को इस दुनिया से परदा (इंतकाल) फरमा गये तब वक्फ नामा के मुताबिक खम्हरियां जमात द्वारा बाबा साहब को लुतरा शरीफ में दफनाया गया
0 बाबा साहब के परदा फरमाने के बाद खम्हरियां जमात द्वारा बाबा साहब के दरगाह के सबसे पहले मुतवल्ली (व्यवस्थापक) मुर्तुजा खां भूतपूर्व मालगुजार खम्हरियां को बनाया गया उनके मृत्यु उपरांत खम्हरियां जमात के द्वारा अब्दुल सत्तार साहब कांकेर को मुतवल्ली बनाया गया उसके बाद अब्दुल गफ्फार साहब को लूथरा शरीफ का अध्यक्ष बनाया गया इसके पश्चात नजीर अहमद जरहाभाटा बिलासपुर वाले ने वहां का प्रभार संभाला था तत्पश्चात हारून सेठ अकलतरा अमीन सेठ कोरबा एवं मोहम्मद अली फारुकी रायपुर को सदर बनाया गया
0 यह है कि लूथरा शरीफ दरगाह की व्यवस्था का प्रभार खम्हरिया के जमात के द्वारा मोहम्मद अली फारुकी साहब को सौंपा गया तब मान खां व अन्य लोगों ने उनका विरोध करना शुरू किया तथा रायपुर से आए लोगों के साथ मारपीट की गई जिसकी रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप करते हुए लूथरा शरीफ की व्यवस्था अपने हाथों में लेते हुए तत्कालीन एसडीएम मसूद अख्तर साहब को यहां का प्रभार प्रबंधक बनाया गया जिन्होंने करीब 2 साल तक काम किया
0 लूथरा शरीफ दरगाह मस्जिद मदरसा व अन्य संपत्ति को मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनांक 25/8/ 1989 को राजपत्र में वक्फ संपत्ति घोषित किया उक्त घोषणा के 1 वर्ष के भीतर कोई आपत्ति नहीं होने से राजपत्र में प्रकाशित व संपत्ति अंतिम हो गई
0 मध्य प्रदेश बोर्ड द्वारा हाजी मोहम्मद हारून को दिनांक 28/ 4/98 को लुतरा शरीफ का मुतवल्ली बनाया तब इस आदेश के विरुद्ध मान खां शेर मोहम्मद आदि ने मध्य प्रदेश वक्फ अधिकरण भोपाल से उसे चुनौती दी गई जिस पर वह अधिकरण गोपाल ने उक्त आदेश 28/8/ 1998 को निरस्त कर दिया उक्त निर्णय के विरुद्ध मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने जबलपुर उच्च न्यायालय में चुनौती दिया था तब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के द्वारा अधिकरण के निर्णय को यथावत रखा था वक्फ अभिकरण भोपाल ने दिनांक 25/7/1999 के निर्णय में यह स्पष्ट किया था कि –” ऐसा भी नहीं है कि कोई भी कमेटी अनियमितता या विषय विरुद्ध कार्य करती हो तो उसे आजीवन प्रबंध कमेटी में बने रहने का अधिकार नहीं है वक़्फ बोर्ड में शिकायत मिलने पर जांच के उपरांत यदि किसी प्रबंध कमेटी को दोषी पाता है तो वक्फ अधिनियम के प्रावधान के अनुसार उसे हटाया जा सकता है इसी प्रकार माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने इन्हीं बातों पर जोर देते हुए CR नंबर 2529/ 1999 में दिनांक 25/9/ 2000 को पारित आदेश में भी यह स्पष्ट किया है कि Needless to emphasize there that wakf Board will be at library to take appropriate action against non applieant and others mutuawallis in accordance with law”
इस तरह मानमानी अधिकरण व माननीय उच्च न्यायालय ने न्यायालय में मान खां शेर मोहम्मद हाजी अखलाक को कोई क्लीनचिट नहीं दिया था किंतु उपरोक्त दोनों आवेदकों को अपने लिए अभय दान मांग कर मान खान शेर मोहम्मद और हाजी इखलाक खान लूथरा दरगाह की इंतजामिया कमेटी में अवैध रूप से सन 2000 से 2018 तक का काबीज रहे मान खां ,शेर मोहम्मद के द्वारा हाजी अखलाक खान को सदर घोषित कर मनमाना कार्य करने लगे यह यहां यह भी गौरतलब है कि उपरोक्त कमेटी द्वारा ना तो मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के समक्ष और ना ही छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के समक्ष विधिवत अपने कमेटी को पंजीयन कराया बल्कि शासन के द्वारा राजपत्र में घोषित वक्फ संपत्ति पर काबिज रहकर मनमानी करते रहे सन् 2000 से लेकर 2018 तक कार्य करने के दौरान हाजी अखलाक खान की कमेटी द्वारा वक्फ बोर्ड को आय व्यय का नाम तो कोई हिसाब दिया गया और ना खर्च करने की अनुमति विधिवत वक्फ बोर्ड से प्राप्त की गई कमेटी द्वारा लुतरा खम्हरिया के जमात को भी कोई विश्वास में नहीं लिया गया
0 लुतरा शरीफ व खम्हरिया के ग्रामीणों,पंच,सरपंच व जमात के द्वारा लगातार शिकायतें मिलने पर मिलने पर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने हाजी इखलाक खान, मान खान, व शेर मोहम्मद की कमेटी को विधिवत कार्यवाही करते हुए बर्खास्त कर दिया तथा हाजी अकबर बक्शी को लूथरा शरीफ तथा इंतजामिया कमेटी का सदर बनाया गया है जिनका कार्यकाल 17/9/2021 से सफलतापूर्वक बिना किसी शिकायत व अनियमितता के समाज सेवा विधिवत हर वर्ष आडित रिपोर्ट वक्फ बोर्ड को जमा किया गया हाजी अकबर बक्शी के कमेटी के कार्यकाल के पश्चात वर्तमान में संभागीय अधिकारी राजस्व मस्तूरी को लुतरा शरीफ का प्रभारी बनाया गया
0 माननीय छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ अभिकरण ने अपने निर्णय में विस्तार से अखलाक खान व उनके के द्वारा किए गए घोर अनियमितताओं हेराफेरी व मनमानी का वर्णन किया है जिसके आधार पर अपने पद से हटाए जाने को अधिकरण ने न्यायोचित माना है
0 यह है कि चुकी अखलाक खान की कमेटी ने उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्णय को गलत व्याख्या पर लूथरा शरीफ का इंतजाम अलग रूप से अपने हाथ में रखा हुआ था जिसे छत्तीसगढ़ राज्य अधिकरण ने अपने निर्णय दिनांक 28फरवरी/ 2022 को उपरोक्त समिति को वक्फ बोर्ड रायपुर हटाए जाने के फैसले को सही माना है साथ ही वक्फ अधिकरण ने यह भी कहा है कि उपरोक्त कमेटी वाकिफ की मंशा के विपरित थी।
0 छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड अधिकरण के उपरोक्त फैसले की रोशनी में खम्हरिया मस्जिद जमात के द्वारा सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि बाबा साहब की वालिदा दादी अम्मा के द्वारा निष्पादित वक्फ नामा अनुसार खम्हरियां मस्जिद जमात के सदर मोहम्मद खां (दरोगा गौंटिया) को लुतरा शरीफ इंतजामिया कमेटी का चेयरमैन बनाया जाएगा।
यह उल्लेखनीय है कि वर्तमान में मोहम्मद खां (दरोगा गौंटिया) ग्राम खम्हरिया मस्जिद कमेटी के जमात के मुतवल्ली सदर हैं।
0 मोहम्मद खान उर्फ दरोगा गौंटिया द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के समक्ष आवेदन देकर लूथरा शरीफ इतेजामिया कमेटी का प्रभार तत्काल सौंपे जाने का आग्रह किया है जिस पर वक्फ बोर्ड के गठन होने पर निर्णय लेने की जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के द्वारा दी गई है।
बिलासपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दरगाह कमेटी के पूर्व चेयरमैन हाजी अकबर बक्शी, ने कहा
अनुविभागीय अधिकारी मस्तुरी को मेरे कार्यकाल समाप्त होते ही छ.ग.वक्फबोर्ड के आदेश का परिपलन करते हुऐ मै सभी तरहा की वित्तीय प्रभार बैक खाते एटीएम चेक बुक सहित सौपत दिया गया उसके उपरान्त मुझे अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय से दरगाह ईन्तेजामिया कमेटी,मदरसा दारुल ऊलुम फैजाने इंशान अली शाह ,शाही नुरानी मस्जिद लुतरा शरीफ के सभी बैक खातो को प्रभारी अध्यक्ष अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा खुलवाए गए एक ही खाते मे सभी राशि डालने हेतु पत्र प्राप्त हुआ जिसपर मैने वक्फबोर्ड से मस्जिद मदरसे की राशि को ईन्तेजामिया के नई बैक खाते डालना मुस्लिम ला के सरियत अनुसार उचित है या नही इसकी जानकारी वक्फबोर्ड से पत्र द्वारा मंगवाई है वक्फबोर्ड से इस बारे में अभी तक जवाब नही आया है। वक्फबोर्ड द्वारा जैसा दिशानिर्देश दिया जाता है बैक कार्यों को उसी के अनुरूप किया जायेगा ।

प्रेस कांग्रेस में हाजी आदम मेमन, वकील शौकत अली, मोहम्मद नज़ीर हुसैन,शेख हमीद बिस्मिल्लाह, राशिद अली,शेख निजामुद्दीन,अब्दुल करीम बेग, अब्दुल लतीफ, सैय्यद हमीद अली, महफूज़ अली, कासीम अंसारी,इस्माइल खान,इशरार खान,अब्दुल शहनावाज,आदि मौजूद रहे

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