
बिलासपुर ।,होटल आनंदम में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकारों के छतीसगढ़ी काव्यों में मानवीय मूल्यों पर शोध आलेख पी एच डी हेतु ए सृजन महंत पठन और अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया । जिनमें पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय , डॉक्टर बल्देव,डॉक्टर देव धर,महंत लक्ष्मण मस्तुरिया, डॉ विनय पाठक,द्वारिका प्रसाद विप्र,पंडित सुंदरलाल शर्मा, आदि अनेक साहित्यकारों के काव्य में मानवीय मूल्यों के विविध आयाम पर शोध आलेख है
इंटर नेशनल कांफ्रेंस का हिंदी विषय में सबसे बेस्ट अवार्ड सृजन महंत के शोध आलेख और शोध प्रस्तुति के क्षेत्र में था ।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ बुशरा सदून मोहम्मद अलनूरी बगदाद,प्रोफेसर ए डी. एन,वाजपेई,कुलपति अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय , डॉ विनय कुमार पाठक,पूर्व राज भाषा आयोग,अध्यक्ष छत्तीसगढ़,प्रोफेसर राजन यादव ,परामर्श दाता,राज भाषा आयोग ,भारत, उपस्थित थे।
इस अवसर पर डॉ रेखा दुबे डॉ रामन विश्वविद्यालय के द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन किया गया।कार्यक्रम संचालन सहयोग डॉ आनंद कश्यप, सहायक प्राध्यापक हिन्दी,और चंदानी खत्री रिसर्च स्कॉलर ने किया। इस कार्यक्रम के आयोजन सहयोग में डॉ फूलदास महंत,ने सहयोग किया।
सृजन महंत और बेला महंत ने छतीसगढ़ी काव्य में मानवीय मूल्य और कबीर की लोकव्यापक्ता को छत्तीसगढ़ के परिप्रेष्य में रेखांकित किया।

“छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकारों के छतीसगढ़ी काव्यों में मानवीय मूल्य ” पर आयोजित
इंटर नेशनल कांफ्रेंस में निर्णायक मंडल ने शोध के संगोष्ठी के अंत में हिंदी के क्षेत्र में पी एच डी शोध स्कॉलर सृजन महंत बेस्ट एवार्ड दिया गया।
शासकीय पातालेश्वर महाविद्यालय द्वारा आयोजित और नवीन शासकीय महाविद्यालय सकरी एवम डी वाइन कैरियर एकेडमी प्रायोजक के रूप में आयोजित संगोष्ठी में
भारत,सऊदी अरब,बगदाद ईराक ,3देशों के मानद डॉक्टरेट प्रोफेसरों के संयुक्त तत्वावधान में अंतर राष्ट्रीय अंतर विषयक शोध संगोष्ठी विविध शोध विषय जिनमें हिंदी,अंग्रेजी,अर्थशास्त्र, विज्ञान, कंप्यूटर साइंस,टेक्नोलॉजी,मैनेजमेंट,लाइब्रेरी , आर्ट, लॉ,आदि सभी विषय को साथ लेकर आयोजित की गई। जिसमें लगभग 150शोध आलेख पंजीयन के लिए आए। लगभग 35प्रतिभागी शोधार्थी विदेश से ऑन लाइन पेपर प्रेजेंट किए।