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April 5, 2025 12:07 am

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विधानसभा चुनाव:क्या कहता है बिलासपुर जिले का राजनैतिक समीकरण?बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने प्रत्याशी का चयन कर लिया है?

बिलासपुर। वैसे तो छत्तीसगढ़ की तासीर क्षेत्रीयवाद से काफी दूर है और विधानसभा तथा लोकसभा के चुनावो में यहां के मतदाता सिर्फ कांग्रेस और भाजपा पर ही केंद्रित होकर वोट करते है कहीं कहीं भावनात्मक रूप से बसपा के साथ भी हो लेते है लेकिन सार कुल मिलाकर यही है कि सरकार बनाने की बात आती है तो कांग्रेस या भाजपा दोनो में से किसी एक को ही प्रदेश की जनता मौका देती है।एक समय राकांपा ने भले ही एक सीट पर चुनाव जीती लेकिन कांग्रेस को सरकार बनाने से रोक दी । इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी ने पार्टी गठन के बाद अच्छा प्रदर्शन करते हुए पहली बार में ही 5 विधायकों को विधानसभा में भेजा लेकिन श्री जोगी के निधन के बाद उनकी पार्टी तितर बितर हो गई है। अब तो जोगी कांग्रेस के चुनाव लड़ने पर ही संशय बना हुआ है । अब तो आम आदमी पार्टी का भी पदार्पण हो चुका है वही बसपा भी उत्तर प्रदेश के पार्टी विधायकों के बलबूते चुनावी तैयारी कर रही है। प्रत्याशियों के चयन की बात करें तो यह नामांकन दाखिले के अंतिम दिन और नाम वापसी की तिथि तक चलती है लेकिन इस बार प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने 90 विधानसभा क्षेत्रों में से एक मात्र जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी का चयन शायद कर चुकी है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार प्रदीप शर्मा को लांच करने स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदीप शर्मा के गांव अकलतरी  में एक से अधिक बार दौरा कर चुके है ,यहां तक कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में भेट मुलाकात कार्यक्रम भी मुख्यमंत्री ने अकलतरी ग्राम में ही आयोजित किया।प्रदीप शर्मा के पक्ष में मुख्यमंत्री की सक्रियता से कांग्रेस के तमाम दावेदारों के हाथ से तोते उड़ गए हैं और वे नजदीक के सामान्य विधानसभा क्षेत्रों की ओर रुख करते हुए सक्रिय हो गए है ।

विधानसभा चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आते जा रही है राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ती जा रही है सत्तारूढ़ दल कांग्रेस जहां सरकार की योजनाओं को लेकर विधानसभा क्षेत्रों में जनता के बीच जा रही है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी इसी सप्ताह जिले के 3 विधानसभा क्षेत्रों में भेंट मुलाकात कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों की ,विभिन्न समाजों की बातें सुनी, हजारों करोड़ रुपए के निर्माण कार्य की मंजूरी दी तथा उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रदेश सरकार के खिलाफ लगातार आंदोलन करके जनता के बीच सहानुभूति जुटाने की कोशिश में लगी हुई है ।
पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस से ज्यादा सीटें मिली थी ।रमन सरकार के खिलाफ माहौल होने के बावजूद भी कांग्रेस ने सिर्फ बिलासपुर तखतपुर और मरवाही विधानसभा क्षेत्र में सफलता पाई वही भारतीय जनता पार्टी को बिल्हा ,मस्तूरी, बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में जीत मिली थी जबकि कोटा विधानसभा क्षेत्र से जोगी कांग्रेसी ने जीत दर्ज की थी ।वर्तमान में मरवाही विधानसभा क्षेत्र नए जिले जीपीएम में शामिल है इसलिए बिलासपुर जिले में अब सिर्फ 6 विधानसभा क्षेत्र रह गए हैं। पिछले चुनाव में महत्वपूर्ण बात यह रही कि बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार 4 चुनाव से जीत दर्ज करते आ रहे पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल कांग्रेस के नए चेहरे शैलेश पांडे के हाथों पराजित हुए इस तरह कांग्रेस ने भाजपा के दो दशक पुराने क्षेत्र में सेंध लगाया वही तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस ने मामूली वोटों के अंतर से भारतीय जनता पार्टी को हराया जबकि मस्तूरी, बेलतरा और बिल्हा विधानसभा क्षेत्र ने भाजपा ने अपनी सीट बरकरार रखी।जिले के विभाजन के बाद बिलासपुर बिलासपुर जिले में 6 विधानसभा आ गए हैं जिसमें सर्वाधिक 3 सीटों पर भाजपा का कब्जा है 2 पर कांग्रेस का और 1 पर जोगी कांग्रेस काबिज है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने सलाहकार प्रदीप शर्मा के गृह ग्राम अकलतरी में तीन बार दौरा कर चुके हैं। श्री बघेल बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भेंट मुलाकात का कार्यक्रम भी अकलतरी में ही आयोजित करने के राजनीतिक मायने को लोग अब समझने लगे हैं तथा यह भी कहने लगे हैं कि छत्तीसगढ़ के 90 विधानसभा क्षेत्रों में से एकमात्र बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने प्रत्याशी का चयन कर लिया है और यहां से प्रदीप शर्मा को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा को भांपते हुए बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छुक तमाम कांग्रेसी नेताओं की इच्छाओं पर पानी फिर गया है और वे बेलतरा को छोड़ दूसरे विधानसभा क्षेत्रों की ओर अभी से रुख करने लगे हैं ।कई दावेदार तो पड़ोस के कोटा, तखतपुर जैसे सामान्य सीटों की ओर दौड़ लगाना शुरू कर दिए हैं। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से महापौर रामशरण यादव, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष विजय केसरवानी, पूर्व पराजित प्रत्याशी राजेंद्र साहू, जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा, त्रिलोक श्रीवास, एलके गहवई, अजय सिंह ठाकुर समेत कई अन्य दावेदार थे जो अब मुख्यमंत्री के दौरे और प्रदीप शर्मा के प्रति लगाव को देखते हुए चुनावी मैदान से लगभग हट गए हैं ।पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने तो कोटा विधानसभा क्षेत्र में जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों की बातें सुन रहे हैं और उद्घाटन शिलान्यास भी कर रहे हैं। इससे लगता है कि अटल श्रीवास्तव ने कोटा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। पिछले विधानसभा चुनाव में कोटा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी विभोर सिंह थे जो जोगी कांग्रेस की प्रत्याशी श्रीमती रेणु जोगी के हाथों पराजित हुए ।अब शायद हो सकता है विभोर सिंह फिर से दावेदारी ना करें। वैसे कोटा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के दर्जनभर दावेदार है। यह उल्लेखनीय है कि कोटा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा आज तक चुनाव नही जीत पाई है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से पिछले दो दशक से कांग्रेस के दावेदारों ने ही कांग्रेस प्रत्याशी को हराने में बड़ी भूमिका निभाई है ऐसा माना जाता है। इसीलिए बेलतरा से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं का कहना था कि किसी नए चेहरे को प्रत्याशी बनाया जाए ताकि उसे भितरघात का सामना न करना पड़े और कांग्रेस की जीत पक्की हो ।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शायद इसी थीम पर अपने सलाहकार प्रदीप शर्मा को बेलतरा से कांग्रेस प्रत्याशी बनाए बनाए जाने का मन बना लिया है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में साहू और कुर्मी तथा यादव मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है और इन तीनों वर्गों से प्रत्याशी चयन ना करके सामान्य वर्ग से प्रत्याशी घोषित किया जाता है तो इन तीनों वर्गों की भूमिका कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने में कैसी रहेगी यह आसानी से समझा जा सकता है ।वही भारतीय जनता पार्टी के पास वर्तमान विधायक रजनीश सिंह के विकल्प के तौर पर एक भी प्रभावी चेहरा नहीं है हालांकि बिल्हा जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रम सिंह ठाकुर,शुशांत शुक्ला,पार्षद राजेश सिंह ,द्वारिकेश पांडेय भी बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार हैं बेलतरा करके यह बता दिया है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में कुर्मी, साहू, यादव वर्ग के अलावा सूर्यवंशी समाज के मतदाताओं पर भी भारतीय जनता पार्टी की नजर है।
इसी तरह बिल्हा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के पास वर्तमान विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के विकल्प के तौर पर कोई भी प्रभावी नेता नहीं है भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी हालांकि प्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक तौर पर लगातार सक्रिय हैं लेकिन विधायक धरमलाल कौशिक के वे काफी नजदीकी है इस लिहाज से श्री सवन्नी बिल्हा से टिकट की मांग करें इसकी गुंजाइश कम है हालांकि यह भारतीय जनता पार्टी के ऊपर निर्भर करता है कि बिल्हा क्षेत्र से धरमलाल कौशिक को रिपीट किया जाए अथवा उसका विकल्प कौन हो विचार किया जाए। बिल्हा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी राजेंद्र शुक्ला भारी वोटों के अंतर से चुनाव हारे थे इसलिए इस बार कांग्रेस उस पर दांव लगाने का खतरा नहीं उठाएगी । क्षेत्र से जिला पंचायत की सदस्य जागेश्वरी घनश्याम वर्मा और अंबालिका साहू पिछले चुनाव से ही प्रबल दावेदार रहे हैं वही पूर्व विधायक सियाराम कौशिक की बहू और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गीतांजलि कौशिक भी बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस से टिकट के प्रबल दावेदार हैं । अब बात करें मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र की तो यहां से भारतीय जनता पार्टी के डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी विधायक हैं और पार्टी के पास उनका भी कोई विकल्प नहीं है हालांकि वहां से जिला पंचायत पूर्व सदस्य राजेश सूर्यवंशी ,जिला पंचायत सदस्य चांदनी भारद्वाज भी दावेदार हैं ।कांग्रेस की बात करें तो यहां से पूर्व विधायक दिलीप लहरिया ,लोकसभा चुनाव में पराजित प्रत्याशी प्रेमचंद जायसी,जयंत मनहर आदि दावेदार हैं ।
जिले के तखतपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की वर्तमान विधायक संसदीय सचिव रश्मि सिंह है लेकिन इस विधानसभा क्षेत्र में जीत हार का फैसला 500 से 1000 मतों के बीच ही होता है इसलिए किसी भी प्रत्याशी की जीत का दावा करना मुश्किल होता है इस बार भारतीय जनता पार्टी क्षेत्र से ज्यादा जोर लगा रही है ।पूर्व प्रत्याशी हर्षिता पांडे के अलावा पूर्व संसदीय सचिव राजू सिंह क्षत्री, पूर्व सांसद लखन लाल साहू भी भाजपा से टिकट के दावेदार हैं वही कांग्रेस से संतोष कौशिक गुरुजी ,ब्लॉक अध्यक्ष बालाराम कौशिक भी दावेदार हैं
अब बात करें बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र की तो 4 बार से निर्वाचित भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल को हराने वाले कांग्रेस विधायक शैलेश पांडे का जलवा कम नहीं हुआ है और वे शहर के मतदाताओं से लगातार संपर्क में और सक्रिय भी है ।उन्होंने कोरोना काल में भी शहर के जरूरतमंदों के लिए लगातार सक्रिय होकर काम किया, जिसके चलते उनके खिलाफ पुलिस में मामला भी दर्ज किया गया था । कांग्रेस का एक वर्ग उनके खिलाफ लगातार है गुटीय राजनीति बिलासपुर में जमकर हो रही है लेकिन विधायक शैलेश पांडे ने बीते 4 साल में अपनी अलग टीम बना डाली है ।भाजपा नेता पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल चुनावी साल में काफी सक्रिय हो गए हैं और जनता की समस्याओं को लेकर भरी दोपहरी में मैं पैदल यात्रा कर कार्यालयों में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप रहे हैं और शहर वासियों को एहसास करा रहे हैं कि बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से इस बार भी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी वही रहेंगे दूसरा कोई नहीं ।अब यह भारतीय जनता पार्टी संगठन के ऊपर निर्भर करता है कि पिछले चुनाव में हारने और जीतने वालों में से किस किसको टिकट दिया जाए। अमर अग्रवाल ने इस बार भी टिकट पाने पूरा जोर लगा दिया है कार्यकर्ताओं की लगातार बैठक कर जमीनी स्तर पर भाजपा के पक्ष में और कांग्रेस शासन के खिलाफ आंदोलन करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
अभी भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश में प्रदेश सरकार के नरवा, घुरवा, बाड़ी में धांधली का आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रही है। गौठान में जाकर गाय ढूंढ रहे हैं। बिलासपुर जिले में भी भाजपा के नेता व कार्यकर्ता, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष गोठानो में जाकर सरकार के भ्रष्टाचार को खोज रहे हैं लेकिन टिकट किसे मिलेगी यह चुनाव के समय ही पता चलेगा अभी तो सिर्फ आरोपों का दौर चल रहा है नए नए घोटाले सामने लाया जा रहा है।जवाब में 15 साल पुराने घोटालों को पुनर्जीवित किया जा रहा है।
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तो क्या अरुण साव सीएम चेहरा होंगे?
भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश सरकार के खिलाफ किए जाने वाले तमाम आंदोलन को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव के नेतृत्व में किए जाने का निर्देश दिए जाने और साहू समाज को ज्यादा महत्व देकर चुनाव जीतने की रणनीति से स्पष्ट है भाजपा सांसद अरुण साव के चेहरे पर विधानसभा चुनाव लडा जायेगा यानि अरुण साव सी एम चेहरा हो सकते है।यदि ऐसा है तो प्रश्न उठता है अरुण साव को क्या विधानसभा चुनाव लड़ाया जायेगा,,यदि हां तो कहां से? चूंकि अरुण साव पुराने बिलासपुर जिला (अब मुंगेली)के  निवासी है इसलिए लोगो में उत्सुकता है कि अरुण साव  को लोरमी,कोटा,बिल्हा ,बिलासपुर सामान्य विधानसभा क्षेत्रों में से कहां से प्रत्याशी घोषित किया जाएगा?यह भी हो सकता है कि अरुण साव को विधानसभा चुनाव लड़ाने के बजाय चुनाव नतीजे आने के बाद निर्णय लिया जाए।

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