
बिलासपुर। शहर में पिछले काफी अर्से से नाली निर्माण से लेकर कई निर्माण कार्यों में सड़क यातायात बाधित हो रही है कई तरफ रोड डायवर्ट किया जा रहा है ।इस तरह की खुदाई से ट्रैफिक पुलिस वाले भी परेशान और हलाकान हैं। ऐसे में कोई नया निजी संस्थान अपने दुकान के उद्घाटन के लिए आधी सड़क को घेर ले और कार्यक्रम आयोजित कराये तो सड़क में गुजरने वाले वाहनों और नागरिकों को क्या क्या परेशानी हो सकती है इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है ।आधी सड़क को घेरने का मामला और कहीं नहीं बल्कि बीच चौराहे पर और व्यस्ततम सड़क अग्रसेन चौक में आज देखने को मिला। कार्यक्रम के उद्घाटन के लिए जिस मुख्य अतिथि को बुलाया गया था वह लगभग 3 घंटे विलंब से पहुंची मगर संस्थान द्वारा आधी सड़क को घेर कर बाउंसरों के हवाले कर दिया था ताकि अगर कोई सामान्य नागरिक इसका विरोध करें तो उससे बाउंसर लोग ही निपटे हालांकि उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बमुश्किल 10 मिनट रुकी और भिलाई के लिए निकल गई लेकिन आधी सड़क को 3 घंटे तक घेरे रखने को लेकर वहां से गुजरने वाले वाहनों को बड़ी परेशानी हुई ।
बड़ा सवाल यह है कि इसी तरह आधी सड़क को व्यस्ततम मार्ग पर घेरकर निजी कार्यक्रम करने वालों को अनुमति कौन देता है वहां पर मौजूद एक ट्रैफिक जवान से जब यह सवाल किया गया तो उसका सीधा सा जवाब था की भाई साहब मुझसे क्या पूछते हो यह तो बड़े अधिकारियों से पूछिए जिन्होंने अनुमति दी है मैं तो खुद वाहनों की आवाजाही मैं हो रही परेशानी से परेशान हूं और इंतजार कर रहा हूं कि कार्यक्रम जल्दी निपट जाए और आधा सड़क को जो घेर कर समस्या पैदा कर दी गई है वह दूर हो जाए।
इस तरह की अनुमति(यदि वास्तव में दी और ली गई हो तो) देने वाले अधिकारियों को विचार करना चाहिए कि व्यस्तम सड़को को घेरने से वाहनों की आवाजाही से दिक्कत तो होती ही है साथ ही मारपीट और विवाद की भी संभावना के साथ ही दुर्घटना की भी आशंका रहती है।