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April 5, 2025 2:17 am

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बेलतरा सीट से प्रत्याशी चयन अबूझ पहेली बना,कांग्रेस यादव,साहू,कौशिक को छोड़ कुर्मी चेहरे पर लगा सकती है दांव,ब्राह्मण प्रत्याशी के मोह से खतरा

*आवेदन जमा नहीं करने वाले और ब्लाक अध्यक्ष को एक आवेदन का स्थान रिक्त रखने का निर्देश देने वाले प्रदीप शर्मा ने सेवानिवृत चिकित्सक प्रदीप शुक्ला को कराया कांग्रेस प्रवेश

*बड़ा प्रश्न एन चुनाव के वक्त कांग्रेस प्रवेश करने वाले को मतदाता स्वीकार करेंगे?

बिलासपुर। दिल्ली तक तमाम राष्ट्रीय पार्टियों के लिए चर्चित हो चुके बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र को लेकर संभावित प्रत्याशियों के नामन पर अभी भी संशय बना हुआ है। पूरा मामला ब्राह्मण और गैर ब्राह्मण प्रत्याशी को लेकर उलझा हुआ है। हालांकि इस विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण प्रत्याशी रहे बद्रीधर दीवान तीन बार विधायक बने। कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग से प्रत्याशी बनाया और हर बार कांग्रेस पराजित हुई लेकिन बदलते हुए राजनीतिक परिदृश्य में यह कहना उचित नहीं होगा कि ब्राह्मण प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाएगा। कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग प्रत्याशी के रूप में कौशिक ,यादव, और साहू प्रत्याशियो को मौका दिया लेकिन तीनों को भीतर घात और कमजोर प्रत्याशी होने के कारण पराजय का सामना करना पड़ा। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के गैर ब्राह्मण विधायक रजनीश सिंह है इसलिए कहा जा सकता है कि कांग्रेस यदि साहू, यादव तथा कौशिक को छोड़कर पिछड़ा वर्ग से ही नया चेहरा चुनाव मैदान में उतारती है तो निसंदेह सफलता मिल सकती है ।उधर भारतीय जनता पार्टी भी ब्राह्मण प्रत्याशी की खोज में दावेदारों को खंगालने में लगी हुई है और और यही वजह है कि कांग्रेस में भी एक पैराशूट ब्राह्मण दावेदार जिसने अपनी हार की संभावनाओं को देखते हुए एक ऐसे सेवानिवृत चिकित्सक को कांग्रेस प्रवेश करा दिया है जो कल तक भाजपा नेताओं के चक्कर काटा करता था। उद्देश्य यही है कि कांग्रेस भी नए चेहरे के रूप में उक्त सेवानिवृत चिकित्सक को प्रत्याशी घोषित कर दे लेकिन इतिहास गवाह है कि एन चुनाव के वक्त पार्टी में शामिल होने वाले और दल बदल करने वाले नेताओं को मतदाता हरगिज़ पसंद नहीं करते और चुनाव में पराजित करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। बिलासपुर जिले में बिल्हा, बिलासपुर ,कोटा, तखतपुर और बेलतरा सामान्य सीट है जिस पर हर चुनाव में जातिगत आधार पर टिकट बांटे जाते हैं यानि ब्राह्मण और पिछड़ा वर्ग से प्रत्याशी घोषित किया जाता है । बिलासपुर से ब्राह्मण प्रत्याशी के रूप में शैलेश पांडे कांग्रेस की पहली पसंद है वहीं तखतपुर , बिल्हा और बेलतरा ओबीसी प्रत्याशी के भंवर जाल में फंसा हुआ है। अगर वर्ष 2003 के कांग्रेस प्रत्याशी चयन की बात करें तो पार्टी ने जातिगत समीकरण को दरकिनार करते हुए बिल्हा और बेलतरा से पिछड़ा वर्ग प्रत्याशी के रूप में सियाराम कौशिक और रमेश कौशिक को प्रत्याशी बनाया था इसलिए यह संभावना है कि इस बार भी बिल्हा और बेलतरा से पिछड़ा वर्ग प्रत्याशी को ही मौका दिया जाए। बिल्हा से पिछड़ा वर्ग प्रत्याशी जहां निश्चित है वहीं बेलतरा से भी पिछड़ा वर्ग प्रत्याशी के रूप में यादव, साहू, कौशिक समाज को छोड़कर नया चेहरा और शिक्षित प्रत्याशी के रूप में इंजीनियर लक्ष्मी कुमार गहवई को कांग्रेस मौका दे तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से लगभग 96 दावेदारों ने आवेदन किया है जिसमें दलगत आधार पर देखें तो कई दावेदारों का रिकॉर्ड ठीक नहीं है। भीतर घात से लेकर पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा संदिग्ध रही है। दावेदारो में जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य के अलावा विधानसभा क्षेत्र से बाहर के कई नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश कर पार्टी को मुसीबत में डाल दिया है। एक दावेदार को तो कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने यहां तक का दिया कि तुम्हारी लगातार शिकायतें मिल रही है जिस पर सफाई में उक्त दावेदार ने कहा कि शिकायत करने वाले लोग उनसे जलते हैं ।कई दावेदारों ने तो अपने कई परिचितों को भी यह कहकर आवेदन दिलवाया है की बड़े नेता जब उनसे पूछे कि तुम्हारे अलावा और किसे टिकट दिया जा सकता है तो वह उनका ही नाम बताए । गुटीय राजनीति के तहत भी बेलतरा विधानसभा में बड़ी संख्या में आवेदन जमा कराए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के तमाम आला नेता इस बार बेलतरा सीट से कांग्रेस की जीत के लिए भारी जोर लगा रहे हैं इसलिए हारने वाले और कमजोर दावेदार को प्रत्याशी बनाए जाने की कोई गलती नहीं करेंगे और जीत सकने वाले प्रत्याशी की तमाम तरह की छानबीन कर रहे हैं ।अब बात करें सेवा निवृत इंजिनियर लक्ष्मी कुमार गहवई कि तो वे कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष है है और वेलतरा विधानसभा क्षेत्र में कुर्मी मतदाताओं की संख्या काफी है। साथ ही कहा जा रहा है कि लक्ष्मी कुमार का गहवई को प्रत्याशी बनाए जाने से प्रदेश भर के कुर्मी समाज का वोट अन्य विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस को मिल सकता है। लक्ष्मी कुमार गहवई पिछले चुनाव के पहले से चुनावी तैयारी में लगे हैं और उसकी तैयारी की गंभीरता का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के एक-एक बूथ में किस जाति के कितने-कितने मतदाता है और किन-किन मतदाताओं को कांग्रेस के पक्ष में किया जा सकता है इसका पूरा खाका उन्होंने ग्राफिक्स के माध्यम से न केवल तैयार किया है बल्कि उन वोटरो से पिछले 5 साल से लगातार संपर्क में हैं। कांग्रेस पर्यवेक्षकों समक्ष जब उन्होंने अपनी तैयारी और बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव जीतने की अपनी योजना और नीति तथा जातिगत समीकरण का पूरा खाका ग्राफिक के रूप में सामने रखा तो पर्यवेक्षकों ने उसे काफी गंभीरता लिया और उनसे यह नहीं कहा कि आपको यदि टिकट नहीं मिलती है तो दो नाम बताएं जबकि पर्यवेक्षकों ने अन्य सारे दावेदारों से यह प्रश्न पूछा । ई लक्ष्मी कुमार की चुनाव में जितने धरातल स्तर पर जो तैयारी आंकड़ों के साथ की है शायद अन्य दावेदारों ने उतनी मेहनत नहीं की हो ।

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