Explore

Search

April 6, 2025 6:03 am

Our Social Media:

सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल व्यापार विहार में राजीव गांधी शिक्षा मिशन की उपचारात्मक शिक्षा की कक्षाओं में बच्चों से हो रहा भेदभाव!

कमजोर बच्चों का चयन नहीं , अपनों को   लाभ पहुंचाने का आरोप

बिलासपुर । राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत उपचारात्मक शिक्षा उपलब्ध कराने में निजी स्कूलों में बच्चों से भेदभाव किया जा रहा है। जो बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं या जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं उनके लिए सरकार डा. एपीजे अब्दुल कलाम आजाद उपचारात्मक शिक्षा योजना चला रही है । निजी स्कूल इस योजना का स्कूल के प्रमोशन के लिए उपयोग कर रहे हैं। कमजोर बच्चों की जगह पढ़ाई में तेज बच्चों को कोचिंग संस्थानों से विशेषज्ञ शिक्षकों को बुलाकर पढ़ाई कराई जा रही है ताकि वे मेरिट सूची में आकर स्कूल का नाम रोशन करें।
जिले के व्यापार विहार स्थित सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधन के द्वारा उपचारात्मक शिक्षा के लिए बाहरी कोचिंग संस्थान से शिक्षक बुलाकर उन बच्चों को पढ़ाया जा रहा है जो बच्चे पढ़ाई में पहले से बेहतर हैं । सरकार की यह योजना शाला त्यागी और पढ़ाई में किसी कारण कमजोर उन बच्चों के लिए है जो नियमित कक्षाओं की पढ़ाई से बाकी बच्चों की तरह प्रदर्शन कर पाने में समर्थ नहीं हैं। इस योजना का फायदा गलत तरीके से उठाया जा रहा है। स्कूल में उन बच्चों को कोचिंग कराई जा रही है, जिनके मेरिट सूची में आने की संभावना देखी जा रही है। इसमें स्कूल प्रबंधन बच्चों की सफलता से स्कूल का नाम बढ़ाना चाहता है जबकि सरकार कमजोर बच्चों को आगे लाने के लिए यह योजना शुरू की है।
आम तौर पर स्कूल कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करते हैं ताकि सभी बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर सकें। सेंट जेवियर्स स्कूल में ऐसा नहीं हो रहा है। यहां चीन्ह-चीन्ह कर बच्चों का चयन उपचारात्मक शिक्षा योजना के तहत लगाई जा रही कक्षाओं के लिए किया जा रहा है। इससे कमजोर बच्चों में हीन भावना के शिकार भी हो रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि यदि वे पढ़ाई में होशियार होते तो इन विशेष कक्षाओं का हिस्सा होते। स्कूली बच्चों में स्वस्थ स्पर्धा के लिए जरूरी है कि स्कूल प्रबंधन सभी बच्चों को आगे बढ़ने का समान अवसर उपलब्ध कराए।

स्कूल प्रबंधन ने बच्चों से भेदभाव होने से इंकार किया है। उसका कहना है कि उपचारात्मक शिक्षा की कक्षाओं का लाभ सभी बच्चों को उपलब्ध कराया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि हमारे सभी बच्चे अच्छा प्रदर्शन करें। कमजोर बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी टी. आर. साहू ने कहा कि उपचारात्मक शिक्षा की कक्षाओं में बच्चों से भेदभाव होने की बात गंभीर है। इसकी जांच कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

Next Post

सेमरताल में मातृशक्तियों ने पटेल जयंती पखवाड़ा पर किया विचार गोष्ठी का आयोजन

Thu Oct 19 , 2023
सेमरताल – छत्तीसगढ़ कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच के महिला प्रकोष्ठ के बैनर तले पटेल जयंती पखवाड़ा विचार गोष्ठी का आयोजन ग्राम सेमरताल के अटल समरसता भवन में आज दोपहर के समय किया गया। विचार गोष्ठी के मुख्य अभ्यागत कूर्मि चेतना मंच के प्रदेशाध्यक्ष इंजी. लक्ष्मीकुमार गहवई थे। गोष्ठी का प्रारंभ […]

You May Like