बिलासपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर काबिज लोगो को पट्टा दिए जाने की घोषणा का कुछ लोग बेजा फायदा उठाना शुरू कर दिए है । शहर से लगे सिरगिट्टी जिसे नगर निगम में शामिल किया जा चुका है में करीब 80 डिसमिल आबादी (सरकारी जमीन) जो बेशकीमती है को कुछ लोग औने पौने दाम पर बेच रहे है ।स्थिति यह है कि एक हजार रुपये प्रति वर्गफीट की जमीन को सिर्फ एक सौ रुपये के भाव से बेच दिए गए । खरीदार लोग वहां आनन फानन में दुकान और घर बनाना शुरू कर दिये है । सरकारी जमीन को बेचने की शिकायत नवम्बर माह में जिला प्रशासन नगर निगम आयुक्त आदि से की गई मगर तत्काल कार्रवाई नही होने से वहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू हो गया ।
शिकायत के बाद अधिकारियो के नगर निगम चुनाव में व्यस्त हो जाने का बेजा फायदा उन लोगो ने उठाया जो सरकारी जमीन बेचे और खरीदे । कब्जा करने का उनका उद्देश्य पट्टा प्राप्त करना है । इधर तहसीलदार ने इसकी जानकारी होने व शिकायत मिलने की बात स्वीकार करते हुए कहा है कि फौरी तौर पर निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश सोमवार को दिया जाएगा उसके बाद निगम अमले के साथ जेसीबी लेकर वहां पहुंच निर्माण कार्य को तोड़ा भी जाएगा ।
शहरी क्षेत्रो में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण तेजी से बढ़ रहा है । यही नही सरकारी जमीन को कौड़ी के मोल बेचने का भी गोरखधंधा चल रहा है यदि प्रशासन के अधिकारी इसे गम्भीरता से नही लेंगे तो बाद में भारी दिक्कतें होगी । राज्य सरकार द्वारा पट्टा बांटे जाने की घोषणा का लोग बेजा फायदा उठाना चाहते है । रामकिशोर मिर्झा और अजय मनहर द्वारा वहां सरकारी जमीन में दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है ।
सिरगिट्टी में प्रगति नगर वार्ड क्रमांक 10 में फैले करीब 80 डिसमिल सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा करने और उसे टुकड़े में बेचने की शिकायत कलेक्टर बिलासपुर और नगर निगम आयुक्त से की गई थी । शिकायत पर उसी दौरान करवाई हो जाती तो निर्माण कार्य कदापि नही हुआ होता । कलेक्टर व निगम आयुक्त को 18 नवम्बर 2019 को किया गया था । सूर्यवंशी समाज के अध्यक्ष राम खेलावन सेंगर ने शिकायत में कहा था कि नगर निगम के वार्ड क्रमांक 10 सिरगिट्टी के अजा बस्ती खसरा नम्बर 336 में श्रीमती सुशीला बाई पति मालिक राम व पुत्र राजेन्द्र,सुरेंद महेंद्र सोनवानी निवासी ग्राम बिरकोना द्वारा शासकीय जमींन की अवैध रूप से बिक्री की जा रही है जबकि उक्त सरकारी जमीन में भविष्य में शासकीय योजनाओं के तहत निर्माण किया जाना है ।इसलिए उक्त सरकारी जमीन पर कब्जा , बिक्री और हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल रोका जाकर शासकीय जमीन को सुरक्षित किया जाए ।
शिकायतकर्ता ने इसी आशय का एक वाद तहसीलदार के न्यायालय में भी दायर किया गया है । इस बारे में अतिक्रमण को लेकर पटवारी श्री वर्मा ने कहा शिकायत है और मामला तहसीलदार के न्यायालय में है जहां से सोमवार को निर्माण कार्य को रोकने स्थगन आदेश दिया जाएगा । तहसीलदार तुलाराम भारद्वाज ने भी कहा है कि स्थगन आदेश के बाद अवैध निर्माण को नगर निगम का अमला भेज कर तोड़ा जाएगा ।जिस स्थान पर 80 डिसमिल सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा और निर्माण कार्य का खेल चल रहा है उसी स्थान पर चार दिनों पूर्व महापौर रामशरण यादव पहुंचे थे मगर वार्ड के पार्षद जो उनके साथ थे ने महापौर को सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा और निर्माण कार्य की जानकारी जानबूझ कर नही दी थी । अब प्रशासन कब तक सरकारी जमीन को अतिक्रमण धारियों से मुक्त करा पाते है यह देखना है ।