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April 4, 2025 8:53 pm

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जब दिलीप सिंह जूदेव ने दुखी होकर भारी मन से कहा था :चुनाव तो जीत गया लेकिन पीड़ा इस बात की है कि असंख्य हिंदुओं ने मुझे वोट नही दिया

बिलासपुर । अब तो पता नही क्यों चुनाव में जीत हार का अंतर लाखो में होने लगा है और यदि कोई महत्वपूर्ण शख्स का चुनाव हो तो वह बड़ा दिलचस्प हो जाता है भले ही जीत हार का अंतर हजारों में ही क्यों न हो ।चार माह पहले विधानसभा चुनाव में जिन नेताओ को भारी टक्कर में फंसने और हार जाने तक की बात कही जा रही थी ऐसे नेता पचास हजार से भी ज्यादा वोटो से चुनाव जीते।आखिर यह चमत्कार कैसे हो गया कोई नही जानता लेकिन लोकसभा चुनाव में लाखो के बजाय दस बीस हजार वोट से कोई बड़ा नेता चुनाव जीते तो कहा जा सकता है चुनाव कड़ी टक्कर वाला रहा और कोई गड़बड़ी नहीं हुई । बात हम वर्ष 2009 में हुए बिलासपुर   लोकसभा चुनाव की कर रहे है। इस चुनाव में हिंदू सम्राट कहे जाने वाले दिलीप सिंह जूदेव और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की धर्मपत्नी डा रेणु जोगी के बीच  वास्तव में कांटे की टक्कर रही ।पूरे चुनाव में देशभर के साधु संत हिंदुत्व के ध्वजवाहक बनकर श्री जूदेव के प्रचार में पूरे बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र में फैल गए थे ।आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के हर गांव में साधु संतो की टोली चुनाव प्रचार करने में व्यस्त रहे ।विश्व हिंदू परिषद के बड़े नेता और प्रचारक भी बिलासपुर में श्री जूदेव के पक्ष में कूद पड़े थे।कई फायर ब्रांड नेता बिलासपुर में डेरा डाले हुए थे। आर एस एस की पूरी मंडली इस बात के लिए सक्रिय रही कि मिशनरियों के जवाब में सारे हिंदुओ का वोट भाजपा को यानि जूदेव के ही पक्ष में पड़े ।जैसे तैसे करके चुनाव प्रचार खत्म हुआ ।वोटिंग हुई और नतीजे आए तो वह चौकाने वाला रहा ।दिलीप सिंह जूदेव कड़ी टक्कर में सिर्फ 20 हजार वोटो से चुनाव जीत पाए । चुनाव परिणाम आने के बाद एक होटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दिलीप सिंह जूदेव से रहा नही गया उन्होंने भारी मन से कहा मैं चुनाव तो जीत गया ,बड़ी संख्या में हिंदू मतदाताओं ने मुझे वोट दिया लेकिन यह बड़े दुख की बात है कि असंख्य हिंदुओं ने मुझे वोट नही दिया।यह हिंदू सम्राट कहे जाने वाले दिलीप सिंह जूदेव की अंतरात्मा की पीड़ा थी जो उन्होंने पत्रकारों के समक्ष व्यक्त की।आज 2009 की स्थिति नही रही ।राजनैतिक माहौल बिल्कुल बदल गया है डेढ़ दशक में लाखो नए मतदाता आ  गए ।मतदाताओं की संख्या में डेढ़ गुना वृद्धि हो गई है ।केंद्र में भाजपा की सत्ता के 10 साल और प्रदेश में भाजपा के 15 साल की सत्ता के बाद हिंदुत्व की भावना परवान चढ़ी और चुनाव के सारे मुद्दे दरकिनार हो गए ।चुनाव में प्रत्याशियो की जीत हार का अंतर अब लाखो में होने लगा है ।भले ही एकतरफा वोट पड़ने के वकालत की जाए लेकिन असल जीत हार तो श्री जूदेव और डा रेणु जोगी के बीच रहा ।।                 आइए अब एक नजर बिलासपुर लोकसभा सीट के दूसरे चुनावो पर भी डालें

लोकसभा चुनाव वर्ष  2019 में इस सीट पर कुल 1876953 मतदाता थे. उस चुनाव में BJP प्रत्याशी अरुण साव को जीत हासिल हुई थी, और उन्हें 634559 वोट हासिल हुए थे. इस चुनाव में अरुण साव को लोकसभा सीट में मौजूद कुल मतदाताओं में से 33.81 प्रतिशत का समर्थन प्राप्त हुआ था, जबकि इस सीट पर डाले गए वोटों में से 52.43 प्रतिशत उन्हें दिए गए थे. लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्तव दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 492796 वोट मिले थे, जो संसदीय सीट के कुल मतदाताओं में से 26.26 प्रतिशत का समर्थन था, और उन्हें कुल डाले गए वोटों में से 40.72 प्रतिशत वोट मिले थे. इस सीट पर आम चुनाव 2019 में जीत का अंतर 141763 रहा था.

इससे पहले, बिलासपुर लोकसभा सीट पर वर्ष 2014 में हुए आम चुनाव के दौरान 1729229 मतदाता दर्ज थे. उस चुनाव में BJP पार्टी के प्रत्याशी लखन लाल साहू ने कुल 561387 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्हें लोकसभा क्षेत्र के कुल मतदाताओं में से 32.47 प्रतिशत ने समर्थन दिया था, और उन्हें उस चुनाव में डाले गए वोटों में से 51.48 प्रतिशत वोट मिले थे. उधर, दूसरे स्थान पर रहे थे INC पार्टी के उम्मीदवार करुणा शुक्ला, जिन्हें 384951 मतदाताओं का समर्थन हासिल हो सका था, जो लोकसभा सीट के कुल वोटरों का 22.26 प्रतिशत था और कुल वोटों का 35.3 प्रतिशत रहा था. लोकसभा चुनाव 2014 में इस संसदीय सीट पर जीत का अंतर 176436 रहा था।

उससे भी पहले, छत्तीसगढ़ राज्य की बिलासपुर संसदीय सीट पर वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान 1472793 मतदाता मौजूद थे, जिनमें से BJP उम्मीदवार दिलीप सिंह जूदेव ने 347930 वोट पाकर जीत हासिल की थी. दिलीप सिंह जूदेव को लोकसभा क्षेत्र के कुल मतदाताओं में से 23.62 प्रतिशत वोटरों का समर्थन हासिल हुआ था, जबकि चुनाव में डाले गए वोटों में से 45.18 प्रतिशत वोट उन्हें मिले थे. दूसरी तरफ, उस चुनाव में दूसरे स्थान पर कांग्रेस की उम्मीदवार डॉ. रेणु जोगी थीं, जिन्हें 327791 मतदाताओं का साथ मिल सका था. यह लोकसभा सीट के कुल वोटरों का 22.26 प्रतिशत था और कुल वोटों का 42.57 प्रतिशत था. लोकसभा चुनाव 2009 में इस संसदीय सीट पर जीत का अंतर 20139 रहा था।

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