बिलासपुर। राजनैतिक समीक्षक और देश प्रदेश की राजनीति तथा रणनीति पर पैनी नजर रखने वाले ई एल के गहवई का मानना है कि इस बार लोकसभा चुनाव कई अर्थों में भिन्न है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह वर्ष 2014 और 2019 में भारतीय जनता पार्टी को सफलता दिलाई थी वैसा क्रेज 2024 के चुनाव में न तो नरेंद्र मोदी और न ही भाजपा के पक्ष में एकतरफा दिखाई दे रहा है ।जिस तरह छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान भूपेश बघेल और कांग्रेस के खिलाफ माहौल उतना ज्यादा बुरा नही दिख रहा था लेकिन सरकार चली गई ठीक उसी तरह लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की लोकप्रियता घटती हुई दिखाई दे रही है इसीलिए छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के बतीजे अप्रत्याशित आ सकते है जिसमे भाजपा को कई सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है ।
उन्होंने कहा :संभावित नतीजों की बात करें तो बिलासपुर लोकसभा सीट कांग्रेस के पक्ष में जाने के आसार दिख रहे है ।छत्तीसगढ़ के 8 सीटों पर नतीजे किसी भी पार्टी के पक्ष में एकतरफा नही बल्कि कांटे की टक्कर की स्थिति है । कोरबा ,जांजगीर ,रायगढ़ ,दुर्ग , राजनांद गांव ,बस्तर ,कांकेर और महासमुंद में भाजपा भले ही जीत का दावा करे लेकिन इन सीटों में भाजपा कड़े मुकाबले में फंसी है ।इसलिए नतीजे कुछ भी आ सकते है । उनका मानना है कि जिस तरह भाजपा ने विधानसभा चुनाव महतारी वंदन योजना शुरू करने की घोषणा देकर महिला वोटर को लुभाया था उसी तरह लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की महालक्ष्मी योजना की घोषणा को महिलाओ ने गंभीरता से लिया है । इसके अलावा इस बार अजा,अल्पसंख्यक अजजा वर्ग के मतदाताओं का झुकाव कांग्रेस की ओर जाता दिख रहा है ।बहुजन समाज पार्टी समर्थक वोटर भी इस बार भाजपा के पक्ष में नहीं दिखे ।जिसका सीधा लाभ कांग्रेस के पक्ष में जाता दिख रहा है । जातिगत मतदाता भी इस बार एकजुट नजर आए है । बिलासपुर लोकसभा सीट अंतर्गत कई विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को बढ़त मिल रही है ।