पीडीएस चावल में गड़बड़ी,दुकाने सस्पेंड मगर भाजपा नेता पर कार्रवाई क्यों नही?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और रतनपुर नपा के 6 पार्षद कलेक्टर से मिल कार्रवाई की मांग की
बिलासपुर । लॉक डाउन के दौरान गरीबो को राशन बाटने पार्षद निधि से चावल क्रय करने के मामले में रतनपुर नगर पालिका में जो धांधली सामने आई है उससे आशंका हो चली है कि और भी नगरीय निकायों में ऐसी ही गड़बड़ी से इनकार नही किया जा सकता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी और रतनपुर के आधा दर्जन पार्षदों ने कलेक्टर से नगरीय निकायों द्वारा पार्षद निधि से क्रय किये चावल की भूमिका की जांच कराने व रतनपुर नपा अध्यक्ष के खिलाफ भी करवाई की मांग की है ।
रतनपुर में पिछले दिनों लॉक डाउन में गरीबो को राशन बाटने के नाम पर रतनपुर नगर पालिका के अध्यक्ष और भाजपा नेता राशन दुकान के चावल को अपने दफ्तर व बाथरूम में डंप करके रखा था जिसकी पार्षदो ने शिकायत की तो उसके दफ्तर से 71 बोरी चावल बरामद तो किय्या गया मगर कार्रवाई में सिर्फ राशन दुकानों को सस्पेंड किया गया और नपा अध्यक्ष के विरुद्ध कोई कार्रवाई नही की । आज कारवाई की मांग करते हुए जिला कांग्रेस के अध्यक्ष विजय केशरवानी और रतनपुर नपा के 5 भाजपा व एक कांग्रेस पार्षद कलेक्टर से मिले और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी । जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने आरोप लगाया है कि भाजपा के नेता पिछले 15 वर्षों से पीडीएस के राशन में धांधली करते आये है मगर सत्ता परिवर्तन के बाद भी भाजपा के नेता राशन में गड़बड़ी करने से बाज नही आ रहे है । श्री केशरवानी के साथ गए नपा के पार्षदो रमेश सूर्य,संजय कोसले,बिरिज मरावी,पार्वती संतोष कुम्हार, खुशाल अनुरागी और नीतू सिंह ने कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि लॉक डाउन में मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना अंतर्गत बिना राशन कार्ड धारियों को पार्षद निधि से राशन दिए जाने की शुरुआत पूरे प्रदेश सहित बिलासपुर जिले में भी की गई है इस योजना का लाभ गरीब परिवारों को मिल रहा है मगर रतनपुर नगर पालिका में नपा अध्यक्ष जो भाजपा नेता भी है के दफ्तर व बाथरूम में बड़ी मात्रा में पीडीएस का चावल जिसमे आनन्द मिल कोटा से लाट नम्बर3223 मिलने और पता चलने पर पार्षदो को पार्षद निधि के बदले यही चावल दिया जा रहा था जबकि रतनपुर नगर पालिका द्वारा चावल प्रदाय करने टेंडर निकाला गया था और आपूर्ति हेतु आदेश भी जारी किया गया था लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा नेता घनश्याम रात्रे द्वारा सरकारी चावल की अवैध खरीदी कर इस योजना में अपने आर्थिक लाभ के लिए पद का दुरुपयोग किया गया जो गम्भीर अपराध की श्रेणी में आता है। खाद्य विभाग मामले की जांच कर रहा है । सरकारी चावल की इस तरह की सुनियोजित गड़बड़ी किये जाने का मामला सामने आने के बाद जिले के सभी नगरीय निकायों में पार्षद निधि से गरीबों के लिए मंजूर किये गए राशन पर प्रश्न लग रहा है। ऐसा मालूम पड़ता है कि राशन दुकान दरों से मिली भगत कर सरकारी चावल को रिसाइकल करके गरीबो को दिया गया होगा । इसलिए अनुरोध है कि पूरे मामले पर खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर सभी नगरीय निकायों के पार्षद निधि से खरीदे गए चावल का स्रोत की जांच की जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए । प्रतिनिधि मंडल ने यह भी कहा कि कुछ विश्वस्त सूत्रों से यह भी ज्ञात हुआ है कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में स्टॉक की मात्रा कम मिली है जिससे यह प्रतीत होता है कि नगरीय निकायों द्वारा राशन दुकानों से ही चावल लिया गया होगा । इसमें भाजपा से जुड़े दुकान संचालको की भूमिका संदिग्ध है । इसके पहले भी लोकसभा चुनाव के दौरान इन्ही लोगो द्वारा गरीब जनता को राशन का नमक व चावल न देकर कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचाया गया । प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में जनहित योजनाओं पर यही राशन दुकानदार और चंद भाजपा नेता पलीता लगाने का प्रयास कर रहे है । जो लोग ऐसे कार्यो में संलग्न है उनकी पृथक से जांच कराई जानी चाहिए । कलेक्टर सारांश मित्तर ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है ।