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April 4, 2025 8:33 pm

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गाय ,भैस व बछड़ो की मौत मामले की चार सदस्यीय टीम जांच करेगी,43 पशुओं की मौत से राजधानी तक मे हलचल ,मुख्यमंत्री से लेकर कृषिमंत्री तक ने दोषियों पर कार्रवाई का आदेश दिया

बिलासपुर । तखतपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मेढपार में एक छोटे से जर्जर मकान में बंद करके रखे दर्जनों गाय और बैल में 44 पशुओं की दम घुटने से हुई मौत के मामले की जांच 4 सदस्यीय टीम करेगी । गभीर 3 गायों का उपचार चल रहा है । इतनी बड़ी लापरवाही की खबर राजधानी तक पहुंच जाने के बाद मुख्यमंत्री ,गौ सेवा आयोग तथा जिले के कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए पशुओं की मौत मामले की जांच ,मृत पशुओं के मालिको को मुआवजा तथा लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है । मृत पशुओं का प्रशासन के अधिकारयियो व पशु चिकित्सको की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कर दिया गया है ।कलेक्टर के आदेश के बाद पुलिस अधीक्षक ने गायों की मौत मामले में अज्ञात दोषियों के खिलाफ एफ,आईआर का आदेश दिया है।

कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर ने बताया कि जांच का आदेश दिया गया है। बिना हिलाहवाली रिपोर्ट शाम तक मिल जाएगी। इसके बाद दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि गायों का अंतिम संस्कार किया गया है। मुआवजा भी हमने तत्काल दिए जाने का एलान किया है।कलेक्टर सारांश मित्तर ने बताया कि मूक जानवरों की मौत बहुत दुखद है। इसमें जो भी जिम्मेदार होगा। उसके हम नहीं छोड़ेंगे।
पुलिस जानकारी के अनुसार जांच का इंतजार है। पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनिमयम की धारा 13 के अलावा आईपीसी की धारा 429 का अपराध दर्ज किया है।

ज्ञातव्य है कि ग्राम मेड़पार में 14 बाई 22 साइज के एक जर्जर कमरे में रात तक गायों को बन्दकर रखा गया। सुबह जानकारी मिली कि कई गायों की मौत हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच का आदेश दिया।

हिर्री थाना क्षेत्र में मेड़पार पंचायत में गांव के 70 से अधिक गायों को एक अंधेरे कमरे में बंद कर दिया गया जिससे 44 की मौत हो गई और 3 का इलाज चल रहा है । 44 पशुओं की मौत होने की अधिकृत जानकारी संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा डॉ रमेश सोनवानी ने दी है । इस घटना के बाद अधिकारियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई है कुछ दिन पहले ही प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा अपनी महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई गई थी और अधिकारी इस योजना को ही बट्टा लगा रहे है। गोधन न्याय योजना, नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी जैसी योजना का मूल मकसद ही गोधन का संरक्षण करना है।
उन्हें सड़को में न छोड़कर गौठान में रखना और उनको उचित चारा पानी तथा स्वास्थ्य की सेवा प्रदान करना है, लेकिन प्रदेश में घटी इस पहली घटना ने ही योजना के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। ग्रामीण अर्थ व्यवस्था में कृषि और गौवंश की मुख्य भूमिका है, बावजूद ऐसी बड़ी लापरवाही जिसमें मूक मवेशियों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है, अब इसके जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। मामले में बिलासपुर कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर ने दोषियों के खिलाफ़ एफआईआर और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है वहीं पशु मालिकों को उचित मुआवजा देने भी आदेश किया गया है।

प्रदेश में घटित इस बड़ी घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने वस्तुस्थिति का जायज़ा लिया हैै और आयोग केे द्वारा जांच किए जाने की बात कही है इसके अलावा आयोग की टीम को मौके पर जांच के लिए रवाना कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए बिंदु तय किए गए जिसके लिए पुलिस प्रशासन जुट गया है वही ग्रामीणोंं से तथ्योंं की जानकारी ली जा रही है,
फिलहाल मृत गायों का पोस्टमार्टम पश्चात अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा रहा वही गंभीर रूप से बीमार गायों की उपचार की व्यवस्था करते हुए उन्हें दूसरी जगह सुरक्षित रखने व्यवस्था की जा रही है।
तखतपुर के मेड़पार गांव में गायों की मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले को बेहद दुखद बताते हुए जांच के निर्देश दे दिए हैं. मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी, वहीं घटना को लेकर प्रशासन भी सक्रिय हो चुका है, मामले में जाँच दल का गठन किया जा रहा है |

तखतपुर में हुए 44 गायों की मौत मामले में प्रदेश के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने सरपंच, सचिव, जनपद सदस्य के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात कही हैं। मंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं ।

कलेक्टर के आदेश के बाद पुलिस कप्तान ने मामले में अज्ञात दोषियों के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया है । कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर ने बताया कि जांच का आदेश दिया गया है। बिना हिलाहवाली रिपोर्ट शाम तक मिल जाएगी। इसके बाद दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जानकारी के अनुसार जांच का इंतजार है।

— कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर ने कहा कि मेड़पार में गायों की मौत के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को नहीं ब ख्शा जाएगा। य़ह जानते हुए भी कि गायों को छेककर घरों में रखा जाना है। बावजूद इसके बिना किसी सूचना और सरपंच ने मनमानी करते हुए गायों को जबरदस्ती घर से लाकर जर्जर भवन में रखा। यह अक्षम्य अपराध है। पता लगाया जा रहा है कि इस घटना के पीछे सरपंच के साथ सचिव की क्या भूमिका है। यदि दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई होगी। जबकि सचिव और सरपंच समेत सभी को मालूम है कि मे़ड़पार स्थित जर्जर भवन को गौठान बनाया ही नहीं जा सकता है। और ना ही बनाने का आदेश ही दिया गया है। बावजूद इसके घरों से जबरदस्ती गायों को एक दिन पहले लाकर जर्जर भवन में रखा गया। जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि इसके लिए जमीनी स्तर पर जिम्मेदार कौन है।

कलेक्टर सारांश मित्तर ने बताया कि मामले में रोका छेका का कोई सवाल ही नहीं है। क्योंकि जर्जर भवन में रखी गयी सभी गायों को एक दिन पहले ही एकत्रित कर लाया गया है। जबकि कल से पहले तक जर्जर भवन का उपयोग भी नहीं था। जाहिर सी बात है कि सरपंच ने मनमानी करते हुए गायों को जर्जर भवन में रखा। इसके पीछे उसके मंसूबों को पता लगाएंगे। जबकि गांव में गौठान जैसी कोई निर्माण भी नहीं है। मतलब यहां लोगों को अपने मवेशियों को घर पर ही रोककर रखा जाना है। बावजूद इसके सरपंच ने लोगों के घरों से मवेशियों को एकत्रित कर जर्जर भवन में रखा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस बात की जानकारी गांव पंचायत सचिव को भी नहीं है। बावजूद इसके बिना किसी को जानकारी दिए शुक्रवार की शाम सरपंच ने सभी के घरों से मवेशियों को एकत्रित कर जर्जर भवन में रखा। जानते हुए भी कि यहां गाय सुरक्षित नहीं है। श शासन का भी आदेश नहीं है। बावजूद इसके गायों को खतरे में रखा गया। इस बात का पता लगाया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।

मेढपार में पशुओं की मौत की खबर पर विधायक शैलेष पांडेय,क्षेत्र की विधायक रश्मि सिह शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद नायक ,आशीषसिह महापौर रामशरण यादव सभापति शेख नजीरुद्दीन जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान गांव पहुंचे और घटना के सम्बंध में ग्रामीणों से जानकारी ली । महापौर ने दोषियों के खिलाफ कड़ी करवाई किये जाने की मांग की है ।
चार सदस्यीय टीम करेगी जांच

कलक्टर डॉ सारांश मित्तर ने तखतपुर विकासखंड के मेढपार गॉंव के जर्जर पंचायत भवन में रखे गए पशुओं की मौत मामले में जांच का आदेश दिया है। कलेक्टर ने इसके लिए एक जांच कमेटी का भी गठन किया है। कमेटी को तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश किए जाने को कहा है।कलेक्टर सारांश मित्तर ने बताया कि घटना स्थल की वस्तुस्थिति का जायजा लिया है। हमने गायो की मौत को लेकर चार सदस्यीय टीम का गठन कर तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

कलेक्टर ने बताया कि चार सदस्यीय टीम का अध्यक्ष अतिरिक्त कलेक्टर को बनाया गया है। टीम में इसके अलावा टीम सदस्यो में सयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, उपसंचालक कृषि और कोटा एसडीएम शामिल है।कलेक्टर ने चार सदस्यीय टीम को सयुंक्त जांच रिपोर्ट तैयार कर तीन दिन के अंदर पेश करने को कहा है। कलेक्टर ने बताया रिपोर्ट मिलने के दोषी पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होने जानकारी दी कि पुलिस प्रशासन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम 13 और आईपीसी की धारा 429 के तहत अपराध दर्ज किया है।

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