बिलासपुर । प्रिंट व सोशल मीडिया में *”अगस्त में 12 दिन बैंक बंद”* के समाचार से जनता में व्याकुलता देखी जा रही हैं। जबकि सच्चाई यह हैं कि 3 अगस्त रक्षाबंधन, 11 अगस्त श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, 21 अगस्त हरितालिका, गणेश चतुर्थी व ओणम के अवसर पर छत्तीसगढ़ में बैंकों में अवकाश नहीं हैं।
उक्त स्थिति स्पष्ट करते हुए बैंकर्स क्लब के समन्वयक ललित अग्रवाल ने आमजनता से अपील की हैं कि भ्रामक समाचारों के बजाय अवकाश की जानकारी अपने अपने बैंकों से लेकर तदनुरूप कार्य संपादित करें।
श्री अग्रवाल ने कहा कि बैंकर्स शासन की समस्त जनपयोगी सेवाओ के अनुपालन के साथ जनधन, नोटबन्दी से लेकर कोरोना के भीषण संकट के दौरान जान हथेली पर रखकर रातदिन एक करके जनता की सेवा कर रहे हैं। प्रतिदिन डर लगा रहता हैं कि अनजाने में कहीं कोरोना के कैरियर ना बन जाये।
1. छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अम्बिकापुर व महासमुंद जिलों में लॉकडाउन के दौरान सुबह 10 बजे से दोपहर 2/3 बजे तक ही बैंक खोलने की अनुमति हैं। शायद बिलासपुर में कोरोना की स्थिति इनकी तुलना में सामान्य हैं।
2. जब लॉक डाउन में आम जनता को आवश्यक कार्य हेतु दोपहर 12 बजे तक ही आवागमन करने की अनुमति हैं तो क्या निर्धारित अवधि के पश्चात आमजनता नगदी जमा/आहरण व जानकारी लेने 4 बजे तक बिना रोकटोक के बैंक आवागमन के नाम शहर में घूम सकती हैं। जिससे लॉक डाउन के विफल होने का भय रहेगा।
3. कोरोना से जब अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अन्य व्ययों में 20% कटौती की जा रही हैं तो फिर निर्धारित अवधि के पश्चात बैंकों को बिना आम जनता की आवाजाही के खुले रहने के दौरान राष्ट्रीय संसाधनों (बिजली, एसी, टेलीफोन) के अपव्यय को रोकने हेतु ही समय निर्धारण आवश्यक हैं।
अन्य शासकीय कार्यालय जो लॉक डाउन में पूर्णतया बंद हैं कि तुलना में हम बैंकर्स डाक्टर, पुलिस, सफाई कर्मियों, मीडिया कर्मी के अलावा गुमनाम कोरोना वारिर्यस रूप में जनता की निर्बाध सेवा कर रहे है