बिलासपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद रिक्त हुए मरवाही विधानसभा में उपचुनाव के लिए हालांकि चुनाव आयोग ने तिथि की घोषणा नही की है मगर वहां चुनावी सरगर्मी शुरू हो गई है । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम मंत्रियों का दौरा वहां हो चुका है एवं कांग्रेस संगठन के तमाम बड़े नेता भी लगातार दौरा कर रहे है इसी बीच प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष विष्णुदेव साय भी कल 17 अगस्त को मरवाही पेंड्रा गौरेला के दौरे पर पहुंच रहे है । वे वहां भाजपा संगठन के नेताओ से चुनावी तैयारियों के सम्बंध में चर्चा कर मरवाही क्षेत्र में भाजपा संगठन को रिचार्ज करेंगे ।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु देव साय कल 17 अगस्त को रायपुर से रवाना हो बिलासपुर होते हुए पेंड्रा पहुंचेंगे । विस्तृत कार्यक्रम प्रदेश भाजपा ने जारी किया है ।(देंखें)
श्री साय के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उपचुनाव के रूप में मरवाही में होने वाला चुनाव पहला है इसलिए उनके लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है जबकि प्रदेश में भाजपा अब विपक्ष में है तथा डेढ़ साल बाद भी भाजपा विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और सरकार गवाने की पीड़ा को नही भूल पाई है । डेढ़ साल विपक्ष में रहने के दौरान भी भाजपा अपनी खोई प्रतिष्ठा को वापस लाने कुछ खास नही सकी है । श्री साय भी प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद ज्यादा सक्रिय नही दिख रहे जबकि उन्हें संघठन चलाने का अच्छा अनुभव है और वे पहले भी प्रदेश अध्यक्ष रह चुके है लेकिन लगता है प्रदेश में अभी भाजपा के अनुकल माहौल नही बन पाया है । मरवाही का उपचुनाव हालांकि सत्तारूढ़ दल के लिए कोई खास मायने नही रखता क्योकि वहां से जीत दर्ज करने पर कांग्रेस विधायकों की संख्या 69 से 70 हो जाएगी इसी तरह भाजपा के लिए भी कोई ज्यादा लाभदायक नही रहेगी । भाजपा के 14 विधायकों की संख्या 15 ही हो सकेगी मगर मरवाही में यदि सहानुभूति लहर चल गई तो कांग्रेस भाजपा दोनो को कोई नफा नुकसान नही होगा और जोगी कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित होगा । इसके बाद भी कांग्रेस मरवाही सीट को जीतने जी जान से जुटी हुई है । भाजपा में सरगर्मी प्रदेश अध्यक्ष के वहां पहुंचने के बाद ही नजर आएगी ।