*सरकारी अस्पतालों से जनता का भरोसा टूट रहा *
निजी अस्पतालों में नोडल अधिकारी बैठाया जाए*
बिलासपुर* । पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने अनियंत्रित हो रहे कोरोना महामारी और उससे लगातार मौतों को देखते हुए राज्य सरकार को सुझाव दिया है कि कोरोना से निपटने केवल स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी दे देने के बजाय एक सुस्पष्ट नीति बनाया जाए ।डॉक्टरों को फ्री हैंड किया जाए एवं पैरामेडिकल स्टाफ व डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए ।इसी तरह जिन निजी अस्पतालों के चयन कोरोना मरीजों के इलाज के लिए किया गया है वहां नोडल अधिकारी के रूप में सरकारी अमले को तैनात किया जाए । पत्रकारों से चर्चा करते हुए अमर अग्रवाल ने कहा कि जब राज्य सरकार को पता था कि कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ सकती है तो उसी वक्त नीतियां बना लेनी चाहिए थी ।आज सरकारी अस्पतालों पर लोगो का भरोसा नही रह गया है तो निजी अस्पतालों में कोरोना टेस्टिंग की कोई व्यवस्था नही है । सरकार इतने बड़े महामारी से निपटने के लिए सिर्फ स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी दी रखी है जबकि सारे कार्य छोड़ हर विभाग के अमले को इसमें लगाना चाहिए था । उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है मगर आश्चर्य है सरकारी अस्पतालों के बेड खाली हैं ।पॉजिटिव मरीजों में 60 प्रतिशत लोग होम आइसोलेट होकर इलाज करा रहे । होम आइसोलेट मरीजों को बताया ही नही जा रहा कि उन्हें कौन सी दवाई लेनी है और वह दवाई कहाँ मिलेगी । डॉक्टरों द्वारा उन मरीजों की निगरानी और देखभाल तो दूर की बात है । सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों व स्टाफ में असुरक्षा की भावना है ।उनका तो बीमा भी नही कराया जा रहा । कुल मिलाकर महामारी से स्थिति काफी चिंताजनक है ।सरकार को तमाम व्यवहारिक परेशानियों को देखते हुए कारगर नीतियां बनानी चाहिए । सरकारी अस्पतालों में अब डॉक्टर भी उपलब्ध नही रहते ।कोरोना पॉजिटिव जांच केंद्रों में लोग जांच तो करवा रहे है मगर पॉजिटिव निकले व्यक्तियों को तत्काल अस्पताल पहुंचने व इलाज शुरू करने कोई व्यवस्था नही है । पूरी व्यवस्था चरमरा गई है ।और सरकार फेल होती दिख रही है और जनता कोरोना से डरी हुई है ।। श्री अग्रवाल ने कहा कोरोना से बचने व सावधानी के लिए जनता को जागरूक करने सरकार की तरफ से ठोस और सकारात्मक गाइडलाइन जारी नही की गई है । यही नही इस बारे में सरकार समाज सेवी संगठनों व अन्य से कोई राय भी नही ले रही है । जबकि सुझाव और सावधानी से लोगो को संक्रमण के जद में आने से बचाया जा सकता है ।अब भी समय है सरकार को सचेत हो जाना चाहिए ।