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April 5, 2025 7:23 am

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विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द किए जाने की मांग उठी

बिलासपुर । विधि विभाग के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भरत लोनिया अधिवक्ता ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से तथा छ.ग. प्रदेश कांग्रेस कमेटी से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विधि विभाग विवेक तंखा के इस्तीफा दे देने के बाद नये राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नये प्रदेश अध्यक्ष विधि विभाग की जल्द नियुक्ति की मांग की है । लोनिया ने कहा कि हर राजनीतिक पार्टी या उसके प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस्तीफा दे देने के बाद केन्द्रीय कमेटी एवं प्रदेश कमेटी भंग हो जाती है तथा उनके पदाधिकारी फिर पद में नहीं रहते हैं न पद का उपयोग करते हैं । चूंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष विधि विभाग के श्री विवेक तन्खा जी ने इस्तीफा दे दिया है तो विधि विभाग की राष्ट्रीय कमेटी एवं प्रदेश की कमेटी भंग हो चुकी है । इसलिए नये राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द से जल्द की जाये , ताकि छ.ग. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि विभाग के अध्यक्ष एवं कमेटी के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी की नियुक्ति हो सके । आगे लोनिया जी ने कहा कि छ.ग. प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के अध्यक्ष का कार्यकाल छ.ग. के अधिवक्ताओं के बीच में काफी असंतोष जनक रहा है । इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विधि विभाग के अध्यक्ष के द्वारा छ.ग. विधि विभाग के वेबसाइट ( http://cgpcclegal.com ) लांच होने के काफी महीनों के बाद भी उस पोर्टल में सिर्फ दो चार अधिवक्ता ही जुड़े हैं , जबकि पूरे प्रदेश में 35000 अधिवक्ताओं की संख्या है तथा इसका कारण यह भी है कि पूर्व अध्यक्ष ने विधि विभाग में पुराने कर्मठ विश्वसनीय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को नजर अंदाज व दर किनार किया , जिसमें अधिकतर छ.ग. राज्य विधिज्ञ परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं , जिन्हें पूरे प्रदेश भर से हजारों अधिवक्तओं ने अपना समर्थन देते हुए चुनाव जिताया था । अभी वर्तमान में छ.ग. विधि विभाग के हर कार्यक्रम में सिर्फ गिने – चुने दो चार अधिवक्ता ही रहते हैं । चूंकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और केन्द्र सरकार की बढ़ते महंगाई के खिलाफ विधि विभाग में धरना प्रदर्शन एवं अन्य कार्यक्रमों में गिने – चुने ही कुछ अधिवक्ता रहे जबकि पूरे प्रदेश भर से अधिवक्तओं के असंतुष्ट न रहने पर कम से कम 5 से 10 हजार अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन या अन्य कार्यक्रमों में उपस्थिति होती । सरकारी अधिवक्ताओं के पद में बीजेपी अधिवक्ताओं की नियुक्ति से असंतुष्ट कांग्रेस के कर्मठ एवं विश्वसनीय अधिवक्ताओं की मांग को विधि विभाग के द्वारा सही तरीके से नहीं रखा गया , न ही सरकार से कोई सही तरीके से मांग की गई जिस वजह से भी प्रदेश भर में सभी कांग्रेसी अधिवक्तओं में असंतोष है ।
प्रदेश विधि विभाग की निष्क्रियता की वजह से बीजेपी कार्यकाल में नियुक्ति हुए शासकीय अधिवक्ता की नियुक्ति कांग्रेस के कार्यकाल में बरकरार है जिससे छ.ग. के कांग्रेसी अधिवक्ताओं में काफी असंतोष है । छ.ग. उच्च न्यायालय में भी ऐसे अधिवक्ताओं की शासकीय पदों में नियुक्ति हुई जो भारतीय कानून के हिसाब से बिल्कुल विपरीत है ( दण्ड प्रक्रिया संहिता के अनुसार शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए 7 वर्ष अनिवार्य है । ) तथा छ.ग. कांग्रेस सरकार की पक्ष को सही तरीके से न्यायालय में लड़ने में असमर्थ हैं जिसके कारण कई बार छ.ग. कांग्रेस सरकार कई मुकदमें में हारी है । कांग्रेस की सरकार बनने के 3 वर्ष बाद भी अधिकांश शासकीय अधिवक्ताओं के पद निगम , मंडल एवं अन्य जगह अभी भी खाली है या पूर्व बीजेपी शासन काल की नियुक्यिा अभी भी बरकरार है , जिसके कारण प्रदेश के कांग्रेस कर्मठ कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है जो अशोभनीय है , इसलिए विधि विभाग के अध्यक्ष के पद में किसी ऐसे योग्य व्यक्ति की नियुक्ति की जानी चाहिए जो छ.ग. के प्रदेश भर की अधिवक्तओं में काफी लोकप्रिय हो तथा किसी भी वजह से काफी संख्या अधिक से अधिक अधिवक्ताओं कांग्रेस से जुड़ सके एवं पूर्व विधि विभाग विश्वसनीय एवं कर्मठ 1000 की संख्या में अधिवक्तओं कार्यकार्ताओं का जुड़ाव कांग्रेस में हो सके तथा वे हर कांग्रेस के धरना प्रदर्शन या कार्यक्रम में काफी संख्या में उपस्थित हो सके । इस मांग की काफी अधिवक्ता भरत लोनिया ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष , एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री , विधि मंत्री से की जायेगी । अंत में लोनिया ने कहा कि जल्द से जल्द राष्ट्रीय अध्यक्ष विधि विभाग की नियुक्ति हो जिससे प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति एवं कमेटी की गठन हो सके , जिससे कांग्रेस की विचारधारा एवं कांग्रेस के कार्यो का प्रचार – प्रसार सविस्तार हो सके एवं शासकीय पदों की रिक्त नियुक्ति भी की जा सके । बैठक में उपस्थित अधिवक्ता पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विधि विभाग भरत लोनिया , मनोहर सिंह , नितिन सिंह , अरविन्द सिंह चौहान , देवेन्द्र सोनी , ज्ञानेश्वर सिंह , दीपक भाई , सुबोजित कुमार , अमन मेमन अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे ।

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