
बिलासपुर। भाजपा की एक पालित पोषित नेत्री है कंगना रानावत जिसने देश की आजादी और महात्मा गांधी को लेकर उल्टे सीधे बयान बाजी कर रही है तो बिलासपुर के जिला पंचायत अध्यक्ष है अरुण चौहान जो महात्मा गांधी के नाम से शुरू किए गए योजना मनरेगा को ही चुना लगा रहे है । उन्होंने मनरेगा के 11 लाख रुपए अपने निजी जमीन के विकास करने में लगा दिए । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस की भद्र पिटवाने में अरुण चौहान ने कोई कसर नहीं छोड़ी ।एक तो बड़ी मुश्किल से सालों बाद जिला पंचायत में कांग्रेस की सत्ता आई उसे बनाए रखने के बजाय जिला पंचायत अध्यक्ष 5 साल के कार्यकाल में ही कांग्रेस को रसातल में पहुंचाने का लगता है पूरा इंतजाम कर दिए है ।सरकारी योजनाओं की राशि से अपना निजी स्वार्थ साधने की हरकत से कांग्रेस की और प्रदेश सरकार की छवि खराब करने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण चौहान के खिलाफ पार्टी क्या कारवाई करेगी यह तो पता नही लेकिन जिला प्रशासन और जिला पंचायत को निश्चित ही वसूली की कार्रवाई के साथ ही एफ आई आर भी करानी चाहिए ।
सत्ता की मद में चूर निर्वाचित जनप्रतिनिधि शासकीय योजनाओं में किस तरह पलीता लगा रहे है यह जिला पंचायत अध्यक्ष के गृह ग्राम में मिल जायेगा ।जहां जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण चौहान ने मनरेगा योजना की राशि से अपने निजी जमीन में 11 लाख रुपए के निर्माण कार्य करवा लिए । यह कृत्य अपराधिक माना जा सकता है ।जांच पश्चात राशि वसूली के साथ ही एफ आई आर भी होनी चाहिए । सरकारी योजनाओं की राशि निजी कार्यों में खर्च करने वाले जनप्रतिनिधियों में एक नया नाम बिलासपुर जिला पंचायत अध्यक्ष का भी जुड़ गया है । उन्होंने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून ( मनरेगा) के नियमों की न केवल धज्जि उड़ाई साथ ही पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 को भी धत्ता दिखा दिया, साथ ही एक्ट के अधिनियम 2005 के प्रावधानों को भी धत्ता दिखा दिया। अधिनियम कहता है कि इस एक्ट के तहत काम सिर्फ शासकीय भवन पर होगा ।
अब जानते हैं कि आखिर जिला पंचायत अध्यक्ष बिलासपुर के 11 लाख रुपए का कैसे दूरउपयोग किया । मई 2020 ग्राम पंचायत भरारी जनपद पंचायत तखतपुर में अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान का फॉर्म हाउस है इस पर जाने के लिए 11 लाख रुपए मिटटी, मुरम रोड और एक स्लेब कलवर्ट का निर्माण मनरेगा के तहत हुआ यह काम तब हुआ जब 5 साल पूर्व ही मुरूम रोड निर्माण पर प्रतिबंध लग चुका है ।नियम यह कहता है कि मनरेगा के तहत काम का प्रस्ताव पंचायत करेगा किंतु जहां ऐसा नहीं हुआ निर्माण एजेंसी ना तो पंचायत है ना जनपद 2020 मे विभागीय इंजीनियर ने पूरा काम करा डाला। पूरे मामले में जिला पंचायत का आदेश क्रमांक 105 व 81। मई 2020 में स्वीकृत की गई 30 मई 2020 को कार्य आदेश जारी हुआ कार्य आदेश ग्राम पंचायत को जारी हुआ है किंतु निर्माण किसी और ने कराया है। पूरे मामले में जिला पंचायत सीईओ आईएएस हरीश एस ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर ठोस कार्रवाई की जाएगी।