
बिलासपुर ।गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में जिला खनिज न्यास के फंड से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा बनवाए जा रहे स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल को लेकर कई तरह के भ्रामक ,तथ्यहीन बातें प्रचारित की जा रही है एवम विभाग के अधिकारियों पर दोषारोपण किया जा रहा है । हमने इस बारे में जी पी एम जिले जिला प्रशासन के अधिकारियों ,आर ई एस के वरिष्ठ अधिकारियों और लोनिवि के अधिकारियों से बात की तो कहानी कुछ और ही सामने आई दरअसल निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग ने शासन द्वारा विभाग के लिए इसी वर्ष तय किए गए सी एस आर दर पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसमे बिजली पर व्यय और कंटींजेसी खर्च अलग होता है जिसे निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत राशि में जोड़ा जाता है।जानकारी के अभाव में ही निर्माण कार्य में व्यय होने वाली राशि को लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है । उल्लेखनीय है कि अपर्याप्त जानकारी के अभाव में यह आरोप लगाया जा रहा है कि जीपीएम जिला में कलेक्टर की नाक के नीचे डीएमएफ फण्ड की बंदरबांट धड़ल्ले से जारी है ।गौरेला व पेण्ड्रा में बन रहे स्वामी आत्मानन्द शासकीय इंग्लिश स्कूल को पीडब्ल्यूडी तकरीबन 1 करोड़ 10 लाख व 1 करोड़ 30 लाख में बनाने जा रहा है वही मरवाही में बनने वाले उसी स्कूल को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग 1 करोड़ 87 लाख में बनाएगा ।

कहा यह भी जा रहा किअधीक्षण अभियंता ने गड़बड़झाला करने नए एसओआर को आधार बनाया तत्पश्चात जीपीएम जिला कलेक्टर द्वारा ली गई डीएमएफ की बैठक में जबरिया लागत बढ़ाते हुए आरईएस के अफसरों द्वारा 1 करोड़ 87 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति ले ली गई अब आरईएस विभाग राज्य शासन को 40 लाख रुपए का चूना लगाने की योजना को मूर्त रूप देने में जुट गया है चूंकि निर्माण एजेंसी आरईएस है इसलिए शासन का 40 लाख किसकी जेब मे जाएगा यह बखूबी समझा जा सकता है । जीपीएम जिला के अंतर्गत गौरेला पेण्ड्रा मरवाही में बनने वाले स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी स्कूल भवन के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कार्यपालन अभियंता कार्यालय मरवाही द्वारा एस्टीमेट बनाने से लेकर अन्य औपचारिकता पूरी की गई डीएमएफ फण्ड से बनने वाले इन 3 स्कूल के निर्माण हेतु कलेक्टर द्वारा पीडब्ल्यूडी से भी स्टीमेट मांगा गया पीडब्ल्यूडी ने डेढ़ करोड़ के स्टीमेट वाली बिल्डिंग 1 करोड़ 10 लाख में बना देने की जानकारी दी तो कलेक्टर ने स्कूल बिल्डिंग निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी में दिलचस्पी दिखाई तत्पश्चात तकरीबन साढ़े 5 करोड़ का काम हाथ से जाता देख ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अफसरों ने निवेदन करते हुए कम से कम 1 स्कूल आरईएस को देने का निवेदन किया आरईएस की दौड़भाग को देखते हुए गौरेला व पेण्ड्रा का आत्मानन्द स्कूल पीडब्ल्यूडी व मरवाही में बनने वाला स्कूल आरईएस को डीएमएफ बैठक में देना तय किया गया 3 स्कूल के लिए मेहनत करने के बाद 1 स्कूल का निर्माण कार्य मिलने से झल्लाए आरईएस के अफसरों ने 3 स्कूल के बराबर 1 स्कूल में शासकीय राशि की बंदरबांट करने बड़ा खेल कर डाला तकनीकी स्वीकृति के बाद प्रशासकीय स्वीकृति से पूर्व नए एसओआर को आधार बनाते हुए आरईएस के अफसरों द्वारा स्कूल की लागत 40 लाख बढ़ाते हुए 1 करोड़ 87 लाख कर दिया गया अब पीडब्ल्यूडी जिस स्कूल भवन को 1 करोड़ 10 लाख में बनाएगा वही उसी भवन को आरईएस विभाग 1 करोड़ 87 लाख में बनाएगा ।
ये है सच्चाई
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल निर्माण के लिए जो राशि स्वीकृत की गई है और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग तथा लोक निर्माण विभाग का जो सी एस आर है उसका डिटेल उपर में है उसका अवलोकन से ही स्पष्ट हो जाता है कि आर ई एस का सी एस आर लोक निर्माण विभाग के सी एस आर से कम है और फिर आर ई इस एक नवंबर 2021 को घोषित नए सी एस आर के मुताबिक काम कर रहा है ।