
बिलासपुर । जिले के तखतपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भरारी में पिछले 4 साल से आस्था महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकान के खिलाफ ग्राम पंचायत के उपसरपंच और कुछ पंचों द्वारा झूठी शिकायत करके राशन दुकान को निलंबित कराने की कोशिश की गई तथा राजनीतिक दबाव भी अधिकारियों पर डलवाया गया लेकिन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने महिला स्व सहायता समूह के पक्ष में स्थगन देते हुए खाद्य सचिव तखतपुर के अनुविभागीय अधिकारी ,खाद्य निरीक्षक तथा ग्राम पंचायत भरारी के उपसरपंच व शिकायतकर्ता पंचों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का आदेश दिया है ।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत भरारी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकान का संचालन वहां की आस्था महिला स्व सहायता समूह द्वारा पिछले 4 साल से किया जा रहा है ।इस दौरान समूह के खिलाफ राशन वितरण को लेकर कभी शिकायत नहीं की गई थी लेकिन उपसरपंच और कुछ पंचों ने कलेक्टर से लेकर एसडीएम एवं जनप्रतिनिधियों तक को इस आशय की शिकायत की कि केंद्र से 5 किलो अतिरिक्त चावल हितग्राहियों को देने का आदेश हुआ है उसे महिला समूह द्वारा नहीं दिया जा रहा है ।इस शिकायत पर खाद्य निरीक्षक द्वारा जांच किया गया एवं मौके पर चावल का उपलब्ध होना पाया गया लेकिन खाद्य निरीक्षक ने दुर्भावना वश तथा राजनीतिक दबाव के चलते दुकान संचालन के खिलाफ अपनी रिपोर्ट दे दी ।यह रिपोर्ट एसडीएम तखतपुर के पास पहुंची इसी बीच शिकायत कर्ताओं ने अधिकारियों पर राशन दुकान को निलंबित करने के लिए राजनीतिक दबाव भी डलवाया ।इसकी जानकारी होने पर महिला स्व सहायता समूह ने जांच की कारवाई को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की ।
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पी सेम कोशी की एकल पीठ ने महिला स्व सहायता समूह के पक्ष में स्थान देते हुए खाद्य सचिव के साथ ही तखतपुर sdm ,खाद्य निरीक्षक ,ग्राम पंचायत भ रारी के उप सरपंच सहित शिकायत कर्ता पंचों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है ।साथ ही कोर्ट ने आगामी सुनवाई तक पूरी जांच प्रक्रिया पर रोक लगा दी है ।