
बिलासपुर।अटल विश्व विद्यालय में स्व श्री रोहणी कुमार वाजपेई व्याख्यानमाला का आयोजन कोनी स्थित प्रशासनिक भवन के सभागार में आयोजित किया गया ।कार्यक्रम के। मुख्य अतिथि संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि सिंह थी, मुख्य वक्ता सुशील त्रिवेदी पूर्व आईएएस छत्तीसगढ़ थे। विशिष्ट अतिथि पुरातत्व विद राहुल कुमार सिंह, और डॉ विवेक वाजपेई थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेई ने किया।
अतिथियों ने कार्यक्रम से पहले विश्व विद्यालय के नवीन परिसर में वृक्षारोपण का कार्य किया। उसके बाद डा विवेक वाजपेई ने स्व श्री रोहणी कुमार वाजपेई का जीवन परिचय दिया । राहुल कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि रोहणी कुमार वाजपेई छत्तीसगढ़ के एक सच्चे सपूत थे जिन्होंने स्वतंत्रता के संघर्ष में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्य अतिथि रश्मि आशीष सिंह संसदीय सचिव ने बिलासपुर जिले में स्वतंत्रता आन्दोलन व स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए उनसे सभी को प्रेरणा लेने की बात कही। मुख्य वक्ता सुशील ति्वेदी पूर्व आईएएस ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन व नवजागरण को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से अनोखा कहा जिसमें आदिवासी, मजदूर, किसान सभी ने भाग लिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में 1774 के हल्बा विद्रोह से लेकर आजादी तक छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन को व्याख्या की। कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेई ने अपने उद्बोधन में स्व रोहणी कुमार वाजपेई को केन्द्र में रखकर छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानीयों के शोध कार्यों को बढ़ावा देकर नयी पीढ़ी को जागरूक करने के लिए विश्व विद्यालय में कार्य करने का संकल्प लिया। डा सुधीर शर्मा कुलसचिव अटल बिहारी वाजपेई विश्व विद्यालय ने अपने उद्बोधन में आज के कार्यक्रम की सार्थकता को उपयोगी बताया। अंत में आभार प्रदर्शन कार्यक्रम सवन्वयक सौमित्र तिवारी ने किया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से परीक्षा नियंत्रक डॉ पी के पांडेय, उपकुलसचिव श्रीमती नेहा यादव, शैलेन्द्र दुबे, सहायक कुलसचिव प्रदीप सिंह, वित्त अधिकारी अलेक्जेंडर कुजुर, डॉ पूजा पांडेय, डा गौरव साहू, डॉ यशवंत पटेल, रासेयो डा मनोज सिन्हा, सहित विश्व विद्यालय के समस्त अधिकारी, प्राध्यापक, कर्मचारी, विद्यार्थी और शहर के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ रश्मि गुप्ता ने किया।