बिलासपुर ।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा अतिथि व्याख्याता नियुक्ति के विज्ञापन पर रोक लगा दी गई है।
उच्च न्यायालय के द्वारा महाविद्यालय से सेवा समाप्त किए गए अतिथि व्याख्याताओं के लिए व्यवस्था बनाने निर्देशित किया है।
महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याता समूह छत्तीसगढ़ के आवाहन पर कल 26.अगस्त से रायपुर स्थित धरना स्थल बुढा तालाब में अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिवसीय प्रदेश व्यापी आंदोलन करेंगे जिसमे पूरे प्रदेश के पांचों संभागों से अतिथि व्याख्याता भारी संख्या में धरना प्रदर्शन में शामिल होंगे ।
राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण बेरोजगार घूम रहे अतिथि व्याख्याताओ ने अपनी रोजगार संबंधित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर मोर्चा करने की ठान ली है।
महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याताओ की तीन प्रमुख मांगे कुछ इस प्रकार है :-
- नियमित सहायक प्राध्यापक भर्ती से प्रभावित ( सेवा से हटाये गए) अतिथि व्याख्याताओ की पुनर्नियुक्ति ।
- अतिथि व्याख्याताओ के लिए 12 माह की पूर्णकालिक अवधि तक कार्य के साथ एकमुश्त वेतन की व्यवस्था।
- सीधी भर्ती/स्थानांतरण/पदोन्नति से नियमित सहायक प्राध्यापक की पदस्थापना होने पर अतिथि व्याख्याताओ की जॉब सुरक्षा।
इसी प्रकार कांग्रेस जन घोषणा के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के द्वारा भार साधक सचिव उच्च शिक्षा विभाग को पत्र प्रेषित किया गया है, परंतु वर्तमान में आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की वास्तविक कार्य धरातल पर अतिथि व्याख्याताओं की मांगों को लेकर पूरी नहीं की जा सकी है। अतिथि व्याख्याताओं की जायज मांगों को लेकर तत्काल मुख्यमंत्री को संज्ञान लेते हुए 26, 27 अगस्त 2022 तारीख को घोषणा के साथ ही लिखित में इस मामले का पटाक्षेप कर आजादी का वास्तविक अमृत महोत्सव मनाते हुए अतिथि व्याख्याओं की मांगों को पूरी कर उन्हें हर्षोल्लास भरी सौगात दे सकते हैं।
यह जानकारी नागरिक संघर्ष समिति, कोरबा के अध्यक्ष मो. न्याज नूर आरबी ने दिया है।