बिलासपुर 02मार्च ।पनिका जाति को सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश के जिलों में अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित किए जाने की मांग समाज प्रमुखों के द्वारा विगत 1971 के बाद लगातार की जा रही है,इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री मंत्री भूपेश बघेल,और इसके पहले अजीत जोगी, डॉ रमन सिंह पूर्व मुख्य मंत्री से पनिका समाज ने भेंट मुलाकात कर ज्ञापन देकर करते रहे हैं। इसी तारतम्य में पनिका समाज के सर्व प्रमुख डॉ चरण दास महंत ने डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में पनिका समाज की विशाल रैली को रायपुर में झंडा दिखाकर अगवानी किया था,।अनुसंधान आयोग से इस जाति में अनुसूचित जनजाति के गुण मिलते हैं कि नहीं इस पर कोरबा जिले में आयोग की टीम ने आकर परीक्षण भी करके रिपोर्ट दिया था,जिसमे यह कहा था कि पनिका जाति का रहन सहन,शादी ब्याह, गोंड,कंवर जनजाति की तरह ही मिलता जुलता है,फिर भी आज तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी।
विगत दिनों समाज के लोगों ने वर्तमान विधान सभा अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत और सांसद ज्योत्सना महंत ,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर ज्ञापन सौंपा था,इस पर डॉ चरणदास महंत जी और उनकी सांसद धर्मपत्नी श्रीqमती ज्योत्सना महंत ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था,जिस पर अनुसूचित जनजाति जाति मंत्री भारत सरकार ने डॉ चरण दास महंत को पत्र लिखकर विधान सभा से प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजने कहा था,इस पर छत्तीसगढ़ शासन ने अनुसंधान विभाग को शीघ्र ही रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है। मुख्य मंत्री का कहना था कि इस पर प्रस्ताव आने दीजिए , फिर पारित करने विषयक निर्णय लिया जावेगा।
इसी के फलस्वरूप पनिका जाति को सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित किए जाने विषयक अशासकीय प्रस्ताव मनेन्द्र गढ़ के विधायक विनय जायसवाल की ओर से विधान सभा में प्रस्तुत हो चुका है ,जिसकी सुनवाई विधान सभा अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत 03मार्च 2023शुक्रवार को करेंगे।
यह जानकारी पनिका समाज महासमिति के राष्ट्रीय महासचिव डॉ पी डी महंत ने देते हुए बताया
कि पनिका समाज को इसकी जानकारी दूरस्थ अंचल,पहाड़ों,जंगल में रहने वाले समाज के लोगों को जनहित में हो सके।