बिलासपुर। डॉक्टर तरु तिवारी कांग्रेस में और सहकारिता के क्षेत्र में जाना पहचाना नाम है ।पिछले 25 वर्षों से वे कांग्रेस में सक्रियता से जुड़े हुए हैं । सेमरताल ग्राम के मूल निवासी डा तरु तिवारी पिछले चार चुनाव से विधानसभा की टिकट मांगते आ रहे हैं इस बार भी उन्होंने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी की है और उन्हें उम्मीद है कि कांग्रेस कमेटी उनके आवेदन पर निश्चित तौर पर सकारात्मक रूप से निर्णय लेगी ।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर जिले में डॉक्टर तिवारी सहकारिता और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में प्रतिनिधि और वर्ष 2005 से 2010 में भाजपा शासनकाल के दौरान कृषक सहकारी समिति सकर्रा के निर्विरोध संचालक की हैसियत से सक्रिय रहे हैं उन्हें सहकारिता के क्षेत्र में अच्छा अनुभव है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जब विधानसभा चुनाव के लिए दावेदारों से आवेदन करने का निर्देश दिया तो डॉक्टर तरु तिवारी ने भी एक सामान्य कार्यकर्ता की हैसियत से बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी करते हुए आवेदन जमा कर दिया है। उल्लेखनीय है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस लगातार हार रही है ।उपयुक्त और जीत सकने योग्य प्रत्याशी नहीं देने के कारण कांग्रेस हर चुनाव में पराजित हो रही है ।इसीलिए डा तिवारी ने हारी हुई सीट बेलतरा से टिकट की मांग पार्टी से की है और जीत का भी दावा किया है ।उन्होंने विकल्प के रूप में बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से भी टिकट के लिए आवेदन किया है । उल्लेखनीय है कि डॉक्टर तिवारी कांग्रेस के हर कार्यक्रम तथा प्रदेश के सभी पदयात्राओं में सक्रिय रहे हैं। वे दिल्ली एवं जयपुर में कांग्रेस द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी पूरी सक्रियता के साथ भाग ले चुके हैं। वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में कभी भी शामिल नहीं रहे और नही उन्होंने कभी पार्टी छोडी । भाजपा शासनकाल के 15 वर्षो में वे कांग्रेस पार्टी के साथ निष्ठा पूर्वक जुड़े रहकर भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी के साथ रहकर कड़ा संघर्ष किया ।
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने इसलिए भी दावेदारी की है क्योंकि इनके पिता प्रसिद्ध साहित्यकार हैं तथा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय कोनी में कुल सचिव रहे हैं। कोनी बेलतरा विधानसभा में आता है ।पिछले कुछ वर्षों से कोनी शिक्षा हब के क्षेत्र में जाना जाने लगा है जिसका लाभ डॉक्टर तरु तिवारी को बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने पर भरपूर मिलेगा। डॉ तरु तिवारी वर्ष 2018 में कांग्रेस भवन में पुलिस द्वारा कांग्रेस जनों पर निर्ममतापूर्वक लाठीचार्ज किए जाने की घटना में पीड़ित रहे है और उन्हें भी पुलिस ने नहीं छोड़ा था और उन पर भी लाठियां बरसाई गई थी और वे गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बाद भी कांग्रेस ने उन्हें आज तक किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी या पद नहीं दी। वर्ष 2010 में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के संचालक का चुनाव डॉ तरु तिवारी ने पूरे दम खम के साथ लड़ा था तब भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी।चुनाव में डॉ तिवारी ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दी जिसके फल स्वरुप वोटो की गिनती में दोनो को बराबर बराबर वोट मिले तब पर्ची प्रक्रिया अपनाकर सत्ता की ताकत पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों ने उन्हें पराजित घोषित किया। डॉक्टर तिवारी सभी सामाजिक गतिविधियों में लगातार सक्रिय हैं। छात्र जीवन में वे रायपुर नगर शालेय छात्र संघ के उपाध्यक्ष रहे। उनकी शिक्षा पीएचडी गोल्ड मेडलिस्ट है। श्री तिवारी कांग्रेस में लगातार सक्रिय रहने के बाद भी गुटबाजी से पूरी तरह दूर है और उनको साफ सुथरी छवि के नेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने दो विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी की है ।जिले के बेलतरा और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में से किसी भी विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने टिकट की मांग की है। श्री तिवारी का सहकारी मुद्रणालय है जिसके वे अध्यक्ष भी हैं । वे वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के शहर एवं जिला कांग्रेस कमेटी दोनों में विशेष आमंत्रित सदस्य हैं ,चूंकि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस चार बार चुनाव हार चुकी है और बेलतरा विधानसभा सामान्य क्षेत्र है इसलिए सामान्य वर्ग से कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी चयन किया जाता है तो चुनाव परिणाम कांग्रेस पर के पक्ष में आने की पूरी संभावना है।
यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार की विदाई और सत्ता में कांग्रेस पार्टी के काबिज होने के बाद डॉक्टर तिवारी को उम्मीद थी कि उनके सहकारिता के क्षेत्र में प्रदीर्घ अनुभव को देखते हुए कांग्रेस द्वारा उन्हें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दिया जाएगा लेकिन पार्टी ने उनके आवेदन और कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं के अनुशंसा युक्त पत्रों के बाद भी बात नही बन पाई ।अब जबकि विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन होने में अभी समय है इसलिए डॉ तरु तिवारी को उम्मीद है कि उनके आवेदन पर पार्टी गंभीरता पूर्वक जरूर विचार करेगी।