बिलासपुर । वैसे तो आग से 30 फीसदी जल जाने वालों का त्वरित उपचार के बाद भी बच पाना मुश्किल होता है मगर गैस सिलेंडर से 60 प्रतिशत जल चुकी जयरामनगर की 27 वर्षीया एक विवाहिता को सघन उपचार और बेहतर इलाज के जरिये स्काई अस्पताल के चिकित्सको की कुशल टीम ने सवा माह में ही नया जीवन प्रदान करके चिकित्सीय जगत में सकारात्मक उदाहरण पेश किया है ।
राजकिशोर नगर जाने के मार्ग में बसन्त विहार गेट के पहले और रॉयल पैलेश के बगल में स्थित “स्काई हॉस्पिटल” में 11 नवम्बर को जयराम नगर की एक विवाहिता श्रीमती कविता कुर्रे को गम्भीर रूप से जली हालत में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था । जैसा कि कविता कुर्रे ने बताया कि घर मे बिजली नही थी और चाय बनाने के लिए गैस सिलेंडर जलाने चिमनी का उपयोग किया लेकिन चिमनी की लौ से सिलेंडर में आग पकड़ ली और उसे भी चपेट में लिया ।
स्काई हॉस्पिटल में भर्ती किये जाने पर डॉक्टरों ने पाया कि कविता का चेहरा, स्वांस नली ,गर्दन, सीना व फेफड़ा झुलस गया था । इस तरह के मरीजों को बचाना मुश्किल होता है लेकिन स्काई अस्पताल मेअत्याधुनिक बर्न यूनिट होने का लाभ कविता को मिला ।स्काई अस्पताल के डायरेक्टर डॉ विकास शर्मा ने बताया कि बर्न वाले मामलों में सबसे पहले मरीज को इंफेक्शन से पूरी तरह बचाना होताहै । तथा एक वार्ड में सिर्फ एक ही मरीज को रखना पड़ता है ताकि मरीज को किसी भी प्रकार का इंफेक्शन न हो उसके साथ ही बेहतर उपचार जरूरी होता है ।
डॉ शर्मा ने बताया कि वैसे तो बिलासपुर के कई अस्पताल में बर्न यूनिट है मगर रायपुर के बाद सिर्फ स्काई अस्पताल में अत्याधुनिक बर्न युनिट की सुविधा है जहां पूरी टीम के साथ डॉक्टर पीड़ित मरीज का उपचार बेहतर तरीके से तरीके है कविता कुर्रे मरीज का सफल इलाज इस बात का प्रमाण है जिसे हमने 60 प्रतिशत जली हालत में होने के बाद भी बचाया है और आज वह पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर सामान्य ढंग से बातचीत करने की स्थिति में है और एक दो दिन में उसे अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी । जले हालत में गम्भीर मरीजो को इंफेक्शन कंट्रोल की सुविधा सिर्फ स्काई अस्पताल में ही है ।
डॉ शर्मा ने इलाज पर होने वाले खर्च के सम्बंध में कहा कि यह सब मरीज की गम्भीरता पर निर्भर करता है । उन्होंने कहा अपोलो और हमारे यहां के इलाज में होने वाले खर्च में काफी अंतर है । इसी तरह रायपुर के इलाज में भी जितना खर्च होता है उससे आधी से भी कम खर्च में हमारे यहां बेहतर उपचार की व्यवस्था सम्भव है ।