बिलासपुर।क्या भाजपा में भी गुटीय राजनीति हावी होती जा रही है और पार्टी में श्रेय लेने और नही लेने का भी खेल तो नही चल रहा? यह अहम प्रश्न इसलिए उठ रहा है क्योंकि आज नामांकन दाखिल करने के समय बिलासपुर में मुख्यमंत्री , उप मुख्यमंत्री समेत भाजपा के तमाम विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे इस दौरान सिर्फ विष्णु यादव को ही कांग्रेस प्रवेश कराया गया उसके बाद कांग्रेस के चुनाव प्रभारी संतोष कौशिक और तखतपुर के कई कांग्रेसी नेताओ के भाजपा प्रवेश के लिए रायपुर में व्यवस्था क्यों कराई गई?इन लोगो का भाजपा प्रवेश विष्णु यादव के साथ बिलासपुर में ही हो सकती थी लेकिन ऐसा क्यों किया गया कि संतोष कौशिक व अन्य को बिलासपुर के बजाय भाजपा प्रवेश के लिए रायपुर बुलाया गया ।इसके पीछे भाजपा नेताओ की क्या कोई विशेष रणनीति थी? कही ऐसा तो नहीं कि तखतपुर के इन कांग्रेस नेताओं को बिलासपुर में सी एम की मौजूदगी में भाजपा प्रवेश का श्रेय किसी और नेता के खाते में चला जाता । विष्णु यादव चूंकि बिलासपुर से है इसलिए ही उसे बिलासपुर में भाजपा प्रवेश दिलाया गया और बेलतरा विधायक ने उसे भाजपा का गमछा पहनकर पार्टी प्रवेश कराकर अप्रत्यक्ष रूप से उसका श्रेय ले लिया जबकि संतोष कौशिक समेत तखतपुर के और कांग्रेस नेता का भाजपा प्रवेश शायद बिलासपुर में संभव नहीं था या फिर इन सबका भाजपा प्रवेश बिलासपुर में कराने के पक्ष में खुद भाजपा नेता नही थे । कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ है ।सत्ता में आने के बाद भाजपा नेताओ में कहीं श्रेय लेने की होड़ तो नही है?यह भी बड़ा सवाल है कि क्या भाजपा के प्रमुख नेताओ के बीच गुटीय राजनीति तो हावी नहीं है?कांग्रेस नेताओ के भाजपा प्रवेश से कांग्रेस प्रत्याशी और कांग्रेस पर क्या असर पड़ेगा यह अलग मुद्दा है । इसके पूर्व भी बिलासपुर की पूर्व महापौर वाणी राव का भी भाजपा प्रवेश और प्रेस वार्ता रायपुर में कराया गया ।
उल्लेखनीय है कि जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस के बिलासपुर लोकसभा चुनाव प्रभारी संतोष कौशिक ने भी भाजपा में प्रवेश कर लिया। संतोष कौशिक के साथ तखतपुर संगठन और नगर पंचायत के एक दर्जन कांग्रेसियों ने भी भाजपा का दामन थामा है।
।सीपत के पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश बाजपेई जो हमेशा यह कहते नही अघाते थे कि “अरे मेरा तन कांग्रेसी,मेरा मन कांग्रेसी , मरूं तो मेरा कफन भी कांग्रेसी ।वह भी भाजपा की शरण में जा चुके हैं।
तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह की अगुवाई में कांग्रेस से भाजपा में प्रवेश करने वाले संतोष कौशिक का नाम जिला कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार है। कांग्रेस संगठन ने पिछले दिनों ही उन्हें लोकसभा चुनाव का प्रभार दिया था। लेकिन कौशिक ने अपने साथियों के साथ कांग्रेस का हाथ छोड़कर बिलासपुर के बजाय रायपुर में मुख्यमंत्री के हाथों भाजपा प्रवेश किया।जबकि मुख्यमंत्री आज बिलासपुर में ही थे।संतोष कौशिक के अलावा रायपुर में भाजपा प्रवेश करने वालों में तखतपुर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष राजेश्वरी कौशिक, जनपद सदस्य दिव्या मिश्रा, पूर्व जनपद अध्यक्ष दिनेश कौशिक, पूर्वर जनपद सदस्य राकेश तिवारी, जनपद सदस्य योगेश साहू, सभापति रवि सोनी, जनपद सदस्य आयुषा खाण्डे, जनपद सदस्य आरती परमानन्द, पूर्व सरपंच विजय भौमिक, पूर्व पार्षद धात्री गुप्ता, पूर्व आईटी सेल राहुल श्रीवास, महामंत्री मनीष तिवारी का नाम प्रमुख है।
मूलत बसपाई पृष्टभूमि के संतोष कौशिक बसपा की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके है ।चुनाव हारने के बाद उन्होंने कांग्रेस प्रवेश किया था । संतोष कौशिक ने तखतपुर से विधानसभा की टिकट मांगी थी मगर पार्टी ने उसे टिकट नहीं दी थी तब भी उन्होंने भाजपा में शामिल होने जैसा कदम नहीं उठाया था । पिछले दिनों वे तखतपुर में आयोजित कांग्रेस की रैली में शामिल नहीं हुए थे । जबकि कुछ दिनों पूर्व संतोष कौशिक कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र यादव के साथ मौपका स्थित चुनाव कार्यालय में काफी देर तक बैठकर रणनीति तयार किया था । अब देखना यह है कि वे भाजपा में कब तक टिक पाते हैं। भाजपा में अभी अन्य मोर्चो की तरह भर्ती मोर्चा भी सक्रिय है जो दूसरे दलों के नेताओ की भर्ती भाजपा में करते है।यह भर्ती मोर्चा अन्य मोर्चो से ज्यादा सक्रिय है।