– कांग्रेस पार्षद और मकान मालिक दंपती ने निजी अस्पताल की नर्सों को कोरोना वायरस की बीमारी से पीडि़त होने का आरोप लगाकर घर से भगाया ० वार्ड क्रमांक २३ के पार्षद सीताराम जायसवाल और भारतीय नगर में रहने वाले दंपती का कारनामा ०. शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
बिलासपुर । .़ देश में लॉकडॉउन और कोरोना वायरस के संक्रमण से प्रभावित लोगों की सेवा करने वाले अस्पताल के कर्मचारियों को कोरोना वायरस से पीडि़त होने का आरोप लगाकर जनप्रतिनिधि और मकान मालिक घरों से निकाल रहे हैं। एेसे दो मामले शनिवार को सामने आए। दोनो ही मामलों में पुलिस ने अपराध दर्ज किया है ।
सिविल लाइन पुलिस के अनुसार गौरेला अंतर्गत ग्राम कन्हारी में रहने वाली सुमन कश्यप पिता हरिप्रसाद ( २५) शहर में स्थित माखिजा टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में स्टॉफ नर्स हैं। वह वर्ष २०१५ से भारतीय नगर स्थित कमल कपूर बंजारे के घर में किराये पर रहती हैं। उनके रूम पार्टन के रूप में विनायक नेत्रालय में कार्यरत ग्राम लगरा निवासी लक्ष्मी धु्रव रहती हैं। २३ मार्च को सुबह ८ बजे कमल कपूर बंजारे और उनकी पत्नी सारिका बंजारे ने सुमन और लक्ष्मी को अस्पताल में काम करने और कोरोना वारयस से पीडि़त होने का आरोप लगाते हुए मोहल्ले और घर के सदस्यों में वारयस फैलाकर बीमार करने का आरोप लगाया। बंजारे दंपती ने २३ मार्च को सुमन और लक्ष्मी को भगा दिया। रात को दोनों ड्यूटी के बाद घर पहुंची तो दोनों ने दरवाजा नहीं खोला और कोरोना वायरस से संक्रमित होने का आरोप लगाकर फिर से भगा दिया।
५ दिन सहेलियों के घरों में बीताया घर से निकाले जाने के बाद सुमन और लक्ष्मी अपने साथी नर्सों के घरों में १-१ दिन कर ५ दिनों तक रहकर अस्पताल में ड्यूटी की। २८ मार्च को सुमन और लक्ष्मी फिर से अपने कमरे में जाने के लिए कमल के घर पहुंची तो कमल और उसकी पत्नी सारिका ने दोबारा दोनों को वायरस से पीडि़त होने का आरोप लगाकर दरवाजा नहीं खोला। दंपती ने मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया। दोनों ने कमरे में रखे उनके सामान को वापस करने के लिए कहा, लेकिन दोनों ने उन्हें घर मे ंघुसने नहीं दिया। इसके बाद लक्ष्मी अपने गृहग्राम लगरा खैरा चली गई। वहीं सुमन ने शिकायत थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी दंपती के खिलाफ भादवि की धारा ३४१, महामारी अधिनियम १८९७ की धारा ३ और धारा १८८ के तहत अपराध दर्ज किया। बाक्स नर्स को दिलाया सामान वापस शिकायत के बाद पुलिस कर्मी सुमन के साथ कमल कपूर बंजारे के घर गई और दरवाजा खुलवाकर सुमन को उसका सामान वापस दिलाया। पुलिस ने सुमन को बताया कि वह लॉक डॉउन और उसके बाद भी घर में रह सकती है, लेकिन सुमन ने सामान निकालने और वापस गृहग्राम जाने की बात कही।
कांग्रेस पार्षद से कोरोना पीडि़त होने और बीमारी फैलाने का आरोप लगाकर नर्स को सामान समेत निकाला
सिविल लाइन अंतर्गत वार्ड २३ के कांग्रेस पार्षद सीताराम जायसवाल ने मगरपारा स्थित नारायणी अस्पताल में कार्यरत नर्स को कोरोना पीडि़त होने का आरोप लगाते हुए घर से निकाला और मकान खाली करा दिया। सिविल लाइन पुलिस के अनुसार मगरपारा नारायणी अस्पताल में रहने वाली पूजा कौशिक नर्स हैं। वह कांग्रेस पार्षद सीताराम के घर में किराये पर रहती हैं। २६ मार्च को सीताराम ने नर्स को कोरोना वायरस से पीडि़त होने का आरोप लगाया। पाषर्द ने पूजा को घर से भगा दिया। दोबारा जाने पर कांग्रेस पाषर्द ने दरवाजा नहीं खोला और उसे मकान खाली करने के लिए दबाव बनाया। पूजा ने इसकी जानकारी अस्पताल के संचालक को दी। अस्पताल संचालक ने सीताराम को मोबाइल पर समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। पाषर्द सीताराम के दबाव के कारण पूजा ने २७ मार्च को मकान खाली किया और वापस अपने गृहग्राम चली गई। अस्पताल के संचालक ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी कांग्रेस पार्षद के खिलाफ महामारी अधिनियम १८९७ की धारा ३ और आईपीसी की धारा ३४१, १८८ के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
अपराध दर्ज हो गया है
….कोरोना वायरस से पीडि़त मरीज होने और बीमारी फैलाने का आरोप लगाकर नर्सों को घर से निकालने की शिकायत मिली थी। जिसमें कांग्रेस पार्षद सीताराम जायसवाल और बंजारे दंपती के खिलाफ शिकायत की गई थी। तत्काल मामले की जांच के बाद आरोपी कांग्रेस पार्षद और बंजारे दंपती के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
परिवेश तिवारी थाना प्रभारी सिविल लाइन