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April 4, 2025 3:25 pm

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गोबर विक्रेताओं को पहला भुगतान 5 अगस्त तक अनिवार्य रूप से हो -मुख्य सचिव आरपी मंडल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिए निर्देश


गौठान में उच्च गुणवत्ता की कम्पोस्ट खाद तैयार करने के निर्देश

बिलासपुर ।मुख्य सचिव आर.पी.मंडल ने आज गोधन न्याय योजना की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा करते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुसार गोबर बेचने वाले विक्रेताओं और अन्य हितग्राहियों को 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हितग्राहियों को 5 अगस्त को पहला भुगतान हर हालत में किए जाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे सभी गोबर बेचने वाले जो 1 अगस्त तक गोबर बेचेंगे। उन सबके बैंक खाता खोलने के निर्देश दिए गए। सभी गौठान समितियों के खाता कॉपरेटिव बैंक में अनिवार्य रूप से खोलने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर बेेचने वाले हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन की अध्यक्षता में बनायी गयी है। इस समिति में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, कृषि विभाग के सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता तथा सहकारिता विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. शामिल हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टर किसी प्रकार की समस्या आने पर श्री अमिताभ जैन अपर मुख्य सचिव वित्त एवं समिति के अन्य सदस्यों से सम्पर्क स्थापित कर समस्या का निराकरण कर सकते हैं। ये सभी अधिकारी प्रतिदिन जिलों के कलेक्टरों से गोबर विक्रताओं के लिए ऑनलाईन भुगतान की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपर मुख्य सचिव वित्त के सतत सम्पर्क में रहे। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के अन्तर्गत हितग्राहियों को उनके द्वारा बेचे गए गोबर का भुगतान 15 दिवस में भुगतान उनके बैंक खाता में ऑनलाईन हो जाए, इसके लिए स्थायी सिस्टम तैयार किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि खरीदे गए गोबर की सुरक्षा सुनिश्चित हो, इसके लिए समुचित व्यवस्था की जाए। गोठानों में वर्मी टांका तथा वर्मी बेड बनाने और उनमें उच्च गुणवत्ता की वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार की जाए। गौठानों में गोबर खरीदने, वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करने के लिए जिलों के गौठानों के लिए विभिन्न विभागों के मैदानी अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाए। इन अधिकारियों को अलग-अलग चार-पांच गौठानों की जिम्मेदारी दी जाए। समीक्षा के दौरान नगरीय क्षेत्र के गौठानों और वनक्षेत्रों में संयुक्त वन प्रबंधन समिति के द्वारा आवर्ती चराई योजना के अन्तर्गत बने गौठानों में भी गोबर क्रय करने एवं हितग्राहियों को समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। सभी गौठानों में शेडनुमा वृक्षों के पौधे रोपित किए जाएं। इसमें आम, बरगद, पीपल, बहेड़ा सहित अन्य फलदार पौधों का रोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह से मुख्य सचिव ने राम वन गमन पथ में आने वाले मार्गों पर 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण करने के भी निर्देश दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रत्येक जिले में गोबर विक्रताओं के भुगतान, हितग्राहियों की संख्या, उनके बैंक खाता, हितग्राहियों का पंजीयन सहित ऑनलाईन भुगतान की व्यवस्था और 5 अगस्त को गोबर विक्रेताओं को पहला भुगतान करने की व्यवस्था की समीक्षा की गयी है।

इस अवसर पर पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास गौरव द्विवेदी, उद्योग एवं विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, कृषि सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.एम.गीता, सहकारिता विभाग के सचिव प्रसन्ना आर और नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री अलरमेल मंगई डी. ने भी कलेक्टरों से गोधन न्याय योजना के अन्तर्गत आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में संभागायुक्त डाॅ. संजय अलंग एवं कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर ने बिलासपुर जिले में के जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। विडियो कान्फ्रेसिंग में वनमंडलाधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहकारी बैंक, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं एवं संबंधित अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

**मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से कलेक्टरों से चर्चा कर प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति, जांच और इलाज की व्यवस्थाओं की समीक्षा की**

*कोविड केयर सेंटर्स में सभी जिलों को बिस्तर बढ़ाने के निर्देश*

मुख्य सचिव आर.पी. मंडल ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस से सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से चर्चा कर प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति, जांच और इलाज की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कोविड-19 के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी जिलों के कोविड केयर सेंटर्स में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण की पहचान के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करने को कहा। साथ ही राजनांदगांव, बिलासपुर और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेजों में भी जल्द जांच शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सर्दी, बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे ज्यादा जोखिम वाले लोगों की जांच प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न तरह के को-मोरबिडिटी से पीड़ित लोगों की भी तत्परता से जांच कर सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है। श्री मंडल ने कोविड-19 पॉजिटिव्ह पाए गए लोगों की तेजी से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करने को कहा है ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा टीम लगाकर एक्टिव सर्विलांस के भी निर्देश दिए। उन्होंने लॉक-डाउन वाले शहरों में लॉक-डाउन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाने कहा।
मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कलेक्टरों को कोविड-19 के बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए होम-आइसोलेशन की अनुमति के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में प्रयोग के तौर पर इसकी अनुमति दी जा सकती है। होम-आइसोलेशन की इच्छा जाहिर करने वाले ऐसे व्यक्तियों जिनके घर में पर्याप्त संख्या में कमरें और कम से कम दो शौचालय हों, उन्हें ही इसकी अनुमति दें। श्री साहू ने होम-आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को इसके दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी देने को कहा। साथ ही उनसे नियमों का उल्लंघन न करने संबंधी घोषणा-पत्र भरवाकर होम-आइसोलेशन वाले घरों में इसकी जानकारी के लिए स्टीकर चस्पा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों को ईद, रक्षाबंधन और गणेश पूजा में भीड़ रोकने तथा शारीरिक-सामाजिक दूरी बनाए रखने स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया कि कोविड-19 पर नियंत्रण और इसके पीड़ितों की पहचान के लिए जांच की क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। इलाज और आइसोलेशन सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश के तीन मेडिकल कॉलेजों राजनांदगांव, बिलासपुर और अंबिकापुर में स्थापित उच्च स्तरीय बीएसएल-2 लैब में आरटीपीसीआर जांच की अनुमति मिल गई है। इन संस्थानों में जल्दी ही सैंपल जांच शुरू हो जाएगी। इनके शुरू होने से प्रदेश में सात संस्थानो में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा हो जाएगी। प्रदेश भर में ट्र-नाट मशीनों और रैपिड एंटीजन किट से भी जांच कर अधिक से अधिक लोगों को जांच के दायरे में लाया जा रहा है।
स्वास्थ्य सचिव ने सभी जिलों में लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में और बिना लक्षण वाले लोगों के उपचार के लिए कोविड केयर सेंटर्स में पर्याप्त संख्या में बिस्तरों एवं अन्य सुविधाओं का इंतजाम रखने को कहा है। उन्होंने कलेक्टरों को डॉक्टरों और नर्सिंग स्टॉफ के रहने की समुचित व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कोविड अस्पतालों में लगातार ड्यूटी कर रहे मेडिकल स्टॉफ को क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ भी मौजूद थे। बिलासपुर में संभागायुक्त डाॅॅ. संजय अलंग, कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर, वन मण्डलाधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहकारी बैंक, उप पंजीयक सहकारी संस्थाए एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

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