बिलासपुर । व्यापार विहार स्थित पर्यावरण संरक्षण मंडल का दफ्तर पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ कितना सजग है और उसके अधिकारी प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के प्रति कितने गंभीर है यह तो सारा सरकारी अमला अच्छी तरह जानता है मगर कोरोना को ढाल बनाकर अधिकारी आम जनता के लिए पिछले कई दिनों से दफ्तर को ही बन्द कर दिए हैं लेकिन सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है । आम लोगो के लिए दफ्तर भले ही बन्द है मगर उद्योग पतियों के लिए विभाग का दफ्तर पूरे समय के लिए वह भी बिना किसी सोशल डिस्टेंसिंग के खुला रहता है । दफ्तर के बाहर उद्योगपतियों की खड़ी महंगी गाड़ियां इसका सबूत है ।
पूरे संभाग में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानकारी इस विभाग से आम आदमी को मिलना तो दूर प्रवेश भी प्रतिबंधित है ।यदि कोई ऑफिस पहुंच भी जाए तो उन्हें सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगने कह दिया जाता है । विभाग के अधिकारी अपने चैम्बर में यदि बैठे रहते है तो वे सामान्य आदमी से मिलना ही नहीं चाहते । हां कोई उद्योगपति मिलना चाहे तो उनके लिए दफ्तर का दरवाजा खुला रहता है ।
दफ्तर का मुख्य द्वार आम लोगो के लिए पिछले कई दिनों से बन्द है यह कहते हुए कि कोरो ना के कारण सावधानी जरूरी है मगर उद्योगपति आते है तो उनके लिए कोरोना का न कोई भय है , न कोई डर बल्कि बिना किसी सोशल डिस्टेंस के उद्योगपतियों को बेधड़क आने जाने की छूट है क्योंकि वही तो विभाग के नाक और कान है । विभाग के अधिकारी शायद उद्योगपतियों के साथ उनके जो ताल्लुकात है वह राज ही रहे और वह राज बाहर न आ सके ।।