

बिलासपुर ।कोयला खदान में हजारों लोगो की भीड़ जुटाकर खुले आम कोयला चोरी करवाने का मामला सोशल मीडिया और अखबारों में आने के बाद पूरा सिस्टम सक्रिय हो गया है ।कोरबा कलेक्टर श्रीमती रानू साहू और एस पी भोजराज पटेल खदान एरिया में पहुंचे और एसई सी एल अधिकारियो से चर्चा की तथा कोयला चोरी रोकने आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।।कलेक्टर ने कहा कोयला खदान की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के पास है ।हमने कुछ महीने पहले एस ई सी एल अधिकारियो की बैठक में कोयला चोरी रोकने आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे मगर उसका पालन नहीं किया गया ।कोयला चोरी किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद दो दिन से हड़कंप मचा हुआ है ।आईजी डांगी ने भी जांच टीम बना दी है तो कोरबा एस पी ने कोयला खदान क्षेत्र वाले 2 थानेदार को लाइन अटैच तो कर दिया है लेकिन आदेश में कोयला चोरी की घटना का उल्लेख नहीं है ।


कोयला खदान में कोयला चोरी होने का वीडियो वायरल होते ही सिस्टम की पूरी पोल खुल गई है। जांच शुरू होने से पहले एसईसीएल से लेकर सीआईएसएफ और एसपी हरकत में आ गए हैं ।एसईसीएल अफसरों के निर्देश पर सीआईएसएफ ने खदान एरिया में सर्च और गश्त बढ़ा दी है। साथ ही दूसरी ओर एसपी ने दीपका थाना प्रभारी अविनाश सिंह और हरदी बाजार के चौकी प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया है । वहीं जांच से पहले कार्रवाई पर पल्ला झाड़ रहे हैं ।एशिया के सबसे बड़े कोल माइंस खदान में कोयला चोरी होने की खबर के बाद खलबली मच गई है ।आई जी रतन लाल डांगी ने कल ही इस मामले में जांच के आदेश जारी कर दिया था ।
दरअसल भारी वाहनों में कोयला लोड कर चोरी कर खपाने का अवैध कारोबार काफी पहले से चल रहा है ।इन कोयला माफियाओं का सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस से सेटिंग भी बताया जाता हैं इसीलिए कोयला निकालने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होती । यह भी कहा जा रहा है कि ट्रक और ट्रेलर में बिना दस्तावेज कोयला ठिकानों तक पहुंचाने के लिए संबंधित थानेदार और पुलिस अफसरों से सेटिंग रहती है इस वजह से भी बिना दस्तावेज के कोयला बिलासपुर और आसपास के को तक पहुंच जाता है । कभी छापेमारी करते नहीं है और ना ही कोई रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। प्रतिदिन लगभग 4000 मिट्रिक तन कोयला चोरी चला जाता है इसके बाद भी एस ई सी एल प्रबंधन की तरफ से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती । इस बारे में एस ई सी एल के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित विभाग के द्वारा कार्रवाई की आवश्यकता है ।
,लोडिंग पाईंट पहुंचे कलेक्टर और एसपी वायरल वीडियो होने के बाद कोरबा जिला कलेक्टर रानू साहू जिला पुलिस अधीक्षक भोज राम पटेल कोयला चोरों द्वारा बनाए लोडिंग पॉइंट को देखने पहुंचे और खुद वीडियो बनाकर प्रबंधन को फेंसिंग करने का निर्देश दिया ।
,अधिकारी कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा
चोरी की घटनाओं से परेशान एसईसीएल की दीपका खदान में अधिकारी और कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। डीजल व कोयला चोर हथियार से लैस होकर खदान के अंदर बेधड़क घुसते हैं और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। इससे निपटने के लिए अधिकारी कर्मचारियों ने अब डंडा उठा लिया है। ड्यूटी के दौरान संगठित होकर कर्मचारी चोरों को खदेड़ने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि इसका नेतृत्व कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि एसईसीएल की खदानों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के अलावा त्रिपुरा राइफल्स के जवानों को भी तैनात किया गया है। इसके बाद भी खदानों में चोरी की घटनाएं नहीं रुक रही है। दिनदहाड़े चोर पिकअप वाहन लेकर डीजल चोरी करने घुस जाते हैं। इन्हें रोकने का प्रयास करने वाले जवान व सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने से भी नहीं चूकते। खदान क्षेत्र के थाना व पुलिस चौकियों में इस तरह की घटनाओं की शिकायतें की लंबी फेहरिस्त है।
एसईसीएल की गेवरा कोल परियोजना में सैकड़ों की संख्या में लोगों के द्वारा कोयला चोरी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद खदानों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन व पुलिस ने गंभीरता दिखाई है। बिलासपुर रेंज के आईजी रतनलाल डांगी ने एक दिन पूर्व कोयला चोरी की जांच के आदेश दिए थे। आज कलेक्टर और एसपी ने गेवरा व दीपका खदान का निरीक्षण कर सुरक्षा उपयों का जायजा लिया। यहां खदानों की सुरक्षा व्यवस्था काफी सामान्य पाई गई। लिहाजा मौके पर ही जेसीबी वाहन को बुलवाया गया और खदान के चारों तरफ गड्ढा खुदवाने के साथ ही उनके फेंसिंग के निर्देश कलेक्टर ने दिए है। मीडिया से चर्चा के दौरान कलेक्टर के बताया,कि जनवरी फरवरी माह में एसईसीएल की बैठक लेकर अधिकारियों को खदानों की सुरक्षा को लेकर निर्देशित किया था लेकिन अधिकारियों ने प्रशासन के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। कलेक्टर ने खदान के पास एक पोस्ट बनाने को कहा और निरीक्षक स्तर के अधिकारी की मौजूदगी 24 घंटे रखने के आदेश उन्होंने दिए है।,