

,बिलासपुर । अविभाजित मप्र सरकार के दौरान वर्ष 1972 में बिलासपुर लोक निर्माण विभाग में एक ट्रेक्टर खरीदी गई जो विभागीय मेटेरियल ढोने का काम आता था ।आश्चर्य तो यह है कि यह ट्रेक्टर 50 साल बाद भी उपयोग में लाया जा रहा है ।छत्तीसगढ़ राज्य बने 22 साल हो गए लेकिन ट्रेक्टर और ट्राली का नंबर तक नही बदला गया है और एम पी सीरीज के नंबर एम पी 02 7180 पर ही यह ट्रेक्टर ट्राली चल रहा है ।यदि गांव का कोई किसान एम पी सीरीज का कोई ट्रेक्टर या अन्य वाहन चलाए तो कई बार उसका चालान हो जाया रहता और जब्ती भी ।कायदे से लोक निर्माण विभाग के इस ट्रेक्टर ट्राली को राइट आफ कर कबाड़ में रख दिया जाना था ।


लोनिवि का यह अजूबा ट्रेक्टर विभाग का सामान लेकर मस्तूरी मल्हार नारायण पुर सरगांव तक सफर करता है पता चला इस ट्रेक्टर ट्राली का ईंधन एवरेज एक लीटर में 6 किलोमीटर से भी कम है ।लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इस ट्रेक्टर के आड़ में तेल पी रहे ।यदि ऐसा नहीं होता तो ट्रेक्टर ट्राली को कब का चलन से बाहर कर दिया गया होता । लोक निर्माण विभाग के संभाग क्रमांक एक का यह अजूबा वाहन अधिकारियो के लिए शायद आय का एक अलग जरिया बन चुका है ।