
बिलासपुर ।केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने आज यहां छत्तीसगढ़ में भारी अव्यवस्था होने का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार को जमकर निशाने पर लिया ।उन्होंने भूपेश बघेल सरकार द्वारा राम गमन पथ यात्रा को लेकर उठाए गए कदम तथा रायगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय रामायण महोत्सव कार्यक्रम की तारीफ तो की लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि राम गमन पथ यात्रा पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के द्वारा सर्वे किया गया था एवं इसके लिए काम भी किए गए थे ।भूपेश बघेल सरकार और कांग्रेस के लोग चुनाव नजदीक होने के कारण रायगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय रामायण महोत्सव और राम गमन पथ पर काम कर रहे है। यह आयोजन पूरी तरह राजनैतिक है ।कांग्रेस भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि चलो अच्छा हुआ देर से ही सही कांग्रेस की सरकार को भगवान राम के प्रति सद्बुद्धि तो आई है। श्री चौबे ने छत्तीसगढ़ राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत खराब होने पूर्व प्रशासन में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए कहा कि शराब घोटाला, चावल घोटाला, गोठान घोटाला समेत पूरे विभागों में सरकार के संरक्षण में घोटाले हो रहे हैं। श्री चौबे के पत्रकारों से चर्चा शुरू होने के पहले ही एसईसीएल मुख्यालय के इंदिरा विहार स्थित भवन में बिजली चली गई ।भारी गर्मी और उमस के बीच श्री चौबे की प्रेस वार्ता बाहर गार्डन में आयोजित की गई । श्री चौबे ने कर्नाटक चुनाव के नतीजे को जनता का आदेश मानते हुए कहा कि हम इसे स्वीकार करते हैं। हार और जीत लगी रहती है ।भारतीय जनता पार्टी को वहां मिली हार का हमारी पार्टी समीक्षा कर रही है लेकिन आने वाले लोकसभा चुनाव में कर्नाटक की जनता दुगने उत्साह के साथ भारतीय जनता पार्टी का साथ देगी । हमें उम्मीद है।
उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री का जिक्र किए जाने पर नीतीश कुमार की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि वह पलटू राम है और रहेगा ।सारे विपक्षी दलों को एक करने नीतीश कुमार के प्रयास पर श्री चौबे ने कहा कि उसे किसी प्रकार की सफलता नहीं मिलेगी उनके नेतृत्व में विपक्षी दलों का एकजुट होना संभव ही नहीं है श्री चौबे द्वारा छत्तीसगढ़ में महिलाओं पर अत्याचार किसानों और युवाओं के द्वारा आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त किए जाने पर जब उनसे पूछा गया कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद ब्रिज भूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों और उनके खिलाफ लगातार धरना की जाने के बाद भी कोई कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है इस पर श्री चौबे ने कहा कि हम सब कानून पर भरोसा करते हैं किसी के आरोप मात्र लगा देने से कोई अपराधी नहीं बन जाता। इसके लिए सबूत होनी चाहिए ।कानून अपना काम कर रहा है।
श्री चौबे श्री से महंगाई तथा ट्रेनों के लगातार बंद होने के संबंध में पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर उन्होंने पत्र वार्ता ही समाप्त कर दी। इसके पहले उन्होंने विभागीय बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने एफसीआई के संचालन की समीक्षा की।
श्री चौबे ने इस इस बात की सराहना की कि भारत सरकार द्वारा PMGKAY और अन्य कल्याणकारी योजनाओं (OWS) के तहत किए गए आवंटन का 100% उठाव और वितरण छत्तीसगढ़ में हासिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि अप्रैल 2020 से दिसंबर 2022 तक छत्तीसगढ़ राज्य में 2 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को पीएमजीकेएवाई के सात चरणों के तहत 10,000 करोड़ रुपये मुफ्त में वितरित किए गए हैं, जो कोविड-19 महामारी के दौरान गरीबों को बहुत जरूरी राहत देने के लिए सामान्य एनएफएसए आवंटन से अधिक है। इसके अलावा, भारत सरकार ने राज्य में लाभार्थियों को एनएफएसए के तहत मुफ्त में खाद्यान्न वितरण की अनुमति दी है
उन्होंने बताया कि प्रधान मंत्री द्वारा 15.08.2021 को अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के दौरान एनएफएसए और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को फोर्टिफाइड चावल के वितरण के माध्यम से कुपोषित को पोषण प्रदान करने की घोषणा के अनुरूप, एफसीआई ने लगभग 34.35 एलएमटी फोर्टिफाइड चावल की खरीद की है। राज्य में 31.05.2023 तक। इसमें से 21.77 एलएमटी पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र को आईसीडीएस, एमडीएम और एनएफएसए योजनाओं के तहत देश के उच्च बोझ और आकांक्षी जिलों में वितरण के लिए रेक के माध्यम से भेजा गया है। राज्य भी। 01.04.2022 से पीडीएस के माध्यम से केवल एफआरके चावल का वितरण किया जा रहा है
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में गेहूं/गेहूं के आटे और अन्य संबंधित उत्पादों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने एफसीआई के माध्यम से 2021-22 के दौरान 11,860 मीट्रिक टन गेहूं और 2022-23 के दौरान 23232 मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री की।
उन्होंने भारतीय खाद्य निगम, छत्तीसगढ़ क्षेत्र के प्रयासों की सराहना की कि इसने विभिन्न राज्यों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कोविड-19 महामारी के दौरान भी चावल उपार्जन का कार्य निर्बाध रूप से जारी रखा है। भारत सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान KMS 2020-21,2021-22 और 2022-23 में क्रमशः 71.09 LMT, 92.01LMT और 87.53 LMT के दौरान किसानों से धान की खरीद में वृद्धि की है। केएमएस 2022-23 के दौरान 20 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए।
भंडारण संरचनाओं में सुधार सुनिश्चित करने के लिए, डब्ल्यूडीआरए के माध्यम से एफसीआई भंडारण गोदामों का प्रमाणन/पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। एफसीआई के स्वामित्व वाले 16 डिपो को 5 स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया और 5 डिपो को उत्कृष्ट श्रेणी के तहत रेट किया गया।
श्री चौबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए नई पहल की है। एफसीआई छत्तीसगढ़ क्षेत्र देश में एई-ऑफिस लागू करने वाला एफसीआई का पहला कार्यालय है।
इसके अलावा, पारदर्शिता लाने और एफसीआई के साथ खाद्यान्नों के वास्तविक समय डेटा तक पहुंच को सक्षम करने के लिए डिपो ऑनलाइन प्रणाली लागू की गई है।
छत्तीसगढ़ क्षेत्र में एफसीआई के सभी डिपो के लिए मिलर्स को स्टैक का आवंटन किया गया है।
एनआईसी टीम द्वारा विकसित ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से सीएमआर का वितरण किया जा रहा है ।सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए यह अपनी तरह की पहली पहल है।
केंद्रीय पर्यावरण वन ,उपभोक्ता मामले,खाद्य एवम सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री अश्वनी चौबे ने गुरुवार को एन टी पी सी,बालको एस ई सी एल और पर्यावरण विभाग से जुड़े अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली।उन्होंने राजेश कुमार, महाप्रबंधक, एफसीआई, सीजी और उनकी टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी ।
Fri Jun 2 , 2023
बिलासपुर।कहते हैं न कि केक कटेगा तो सबमें बटेगा,जी हां भारतीय जनता पार्टी में यही सब होने वाला है यानि विधानसभा चुनाव में नए चेहरों को प्राथमिकता देने के ढिंढोरे की हवा निकलने वाली है। दरअसल कर्नाटक चुनाव के नतीजे ने भाजपा को अंदर तक हिलाकर रख दिया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र […]