
बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा विधानसभा चुनाव में 21 प्रत्याशियों की अधिकृत घोषणा की गई है उसके बाद भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा अभी तक किसी भी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है लेकिन कल 1 अक्टूबर को विभिन्न सोशल मीडिया में प्रकाशित और संभावित प्रत्याशियों के नाम को लेकर बवाल मचा हुआ है ।विभिन्न विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता ही कथित सूची को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं तथा अधिकृत सूची जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं ।भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी का यह भी करना है कि पार्टी संगठन के बड़े नेताओं ने शुरुआती दौर में प्रत्याशी चयन को लेकर सार्वजनिक तौर पर यह कहा था और जमीनी स्तर पर भरोसा दिलाया गया था कि ज्यादातर विधानसभा क्षेत्र में नए चेहरे को मौका दिया जाएगा लेकिन कल जो संभावित और कथित सूची जारी हुई है उसमें ज्यादा ज्यादातर चेहरे पुराने हैं इससे नए दावेदारों में भी मायूसी का माहौल है और वे कथित सूची को स्वीकार करने से इनकार भी कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि पार्टी भले ही अधिकृत सूची जारी करने में तीन-चार दिन और देरी कर सकती है उसके बाद ही पार्टी की केंद्रीय समिति द्वारा जारी सूची पर ही विश्वास किया जा सकता है ।भाजपा के जमीन से जुड़े कई कार्यकर्ताओं का यह मानना था कि जारी संभावित सूची संभव है पार्टी द्वारा ही यह टेस्ट करने के लिए वायरल किया गया हो कि अधिकृत सूची जारी होने के पहले इस सूची पर पार्टी के लोगों की क्या प्रतिक्रिया होती है तथा ज्यादा विरोध होने पर प्रत्याशियों का नाम बदला जा सके क्योंकि यह सूची जारी होने पर पार्टी द्वारा ना तो इस पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया जाहिर की गई है और नहीं इस कथित सूची आपत्ति जताई गई है। वर्ष वर्ष 2018 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशी चयन को लेकर बड़ी लापरवाही बढ़ती थी और 15 साल के शासन को बेहतर मानते हुए यह भी जानने का प्रयास नहीं किया कि सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी बहुत जोरदार चल रहा है और पार्टी के विरुद्ध अंडर करंट है ।पार्टी ने ऐसे लोगों को टिकट दे दिया जिनके व्यवहार और आचरण से मतदाताओं में भारी आक्रोश था और अभी भी है।
पार्टी के इस निर्णय से पार्टी को सरकार गंवानी पड़ी थी यही नहीं पार्टी ने पिछले चुनाव में प्रत्याशी चयन की जो प्रक्रिया अपनाई उसके खिलाफ प्रदेश की जनता ने भाजपा को पूरी तरह नकारदिया और एक दो प्रत्याशी को छोड़ दें तो सारे गैर छत्तीसगढ़िया भाजपा प्रत्याशी चुनाव हार गए ।इस कथित सूची को देखकर लगता है कि पार्टी ने सबक नहीं लिया है पिछले चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर जो गलतियां की थी उस पर पार्टी संगठन के नेताओं ने निश्चित तौर पर चिंतन मनन किया होगा तभी तो संगठन के बड़े नेताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा था की इस बार ज्यादा से ज्यादा नए चेहरों को मौका दिया जाएगा ।कथित सूची को देखने से यह लगता है कि पार्टी संगठन के नेताओं ने पुराने ढर्रे और दबाव पर ही प्रत्याशियों का चयन किया है। इस निर्णय से पार्टी को भारी नुकसान होने की आशंका है फिर भी प्रत्याशियों की अधिकृत सूची सूची आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।संभव है भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा अधिकृत सूची जारी किए जाने के वक्त प्रत्याशी चयन में काफी बदलाव करें। अनेक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के अनेक समर्पित दावेदारों और नए चेहरों ने पिछले 2 साल से तो कई ने पिछले 1 साल से अपने-अपने क्षेत्र में टिकट की प्रत्याशा में सघन जनसंपर्क करने के साथ ही पार्टी के पक्ष में मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क में रहे हैं इन दावेदारों को अब निराशा हाथ लग रही है फिर भी अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा किए जाने तक उम्मीद की किरण अभी बाकी है।
Tue Oct 3 , 2023
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