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April 4, 2025 11:35 am

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बीते वर्ष में सिम्स ने हासिल की एक और उपलब्धि ** *दन्त चिकित्सा विभाग में सफलतापूर्वक हुई 131 मरीजों के जबड़ों सर्जरी


बिलासपुर, 08 जनवरी 2024/सिम्स अस्पताल ने बीते वर्ष में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की हैे। यहां के दन्त चिकित्सा विभाग में 131 मरीजों के जबड़ों सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। दंत चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संदीप प्रकाश तथा उनकी टीम में शामिल डॉ.जण्डेल सिंह ठाकुर, डॉ भूपेंद्र कश्यप, डॉ हेमलता राजमणि, डॉ प्रकाश खरे एवं डॉ सोनल पटेल कीे कड़ी मेहनत के फलस्वरूप यह उपलब्धि हासिल की गई है। इनमें मुख्यतः सड़क दुर्घटना में टूटे जबडों, मुँह के अनेक प्रकार के कैंसर, सिस्ट एवं अन्य जबडे की गंभीर बीमारी का इलाज किया गया।
महंगी सर्जरी का आयुष्मान योजना से किया गया निशुल्क इलाज –
निजी अस्पतालों में जहां सर्जरी का खर्च आम लोगों के लिए वहन करना मुश्किल होता है वहीं सिम्स में आयुष्मान योजना के तहत यह तमाम गंभीर सर्जरी निःशुल्क की गई। सड़क दुर्घटना में घायल 68 मरीजों के नीचे के जबड़े की टूटी हड्डी को प्लेटिंग एवं विभिन्न तकनीकों के माध्यम से जोडकर उपचार किया गया। 22 मरीजों के जबड़े में तार बांध कर उसे जोड़ा गया । कुछ मरीजों के दोनो जबड़े भी टूटे गए थे, ऐसे 15 मरीजों का उपचार किया गया। बीते साल में कुछ मरीज के चेहरा सड़क दुर्घटना में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गये थे, ऐसे 2 मरीजों का प्लेटिंग करके सफल ऑपरेशन किया गया। साथ ही 8 मुँह के कैंसर के मरीजों जिसमे 2 होठ के कैंसर , 4 मुँह के अंदर के कैंसर तथा 2 जीभ के कैंसर की सर्जरी की गयी । इस प्रकार विभिन्न प्रकार के मरीजों की स्थिति के अनुसार बीते वर्ष 131 मरीेजों के जबड़ों का सफलतापूर्वक आपरेशन कर उपचार किया गया।

सिम्स को मिले एडवांस मशीनों से मरीजों को मिल रही बेहतर सुविधाएं

/सिम्स चिकित्सालय में मरीजों को बेहतर पैथोलॉजी सेवाए देने के लिए अहमदाबाद से इंटास कम्पनी की एडवांस जांच मशीन मंगवाई गई थी जिसका लाभ मरीजो को प्राप्त हो रहा है। यह मशीन सीएसआर मद से सिम्स को उपलब्ध कराई गई है। डॉ. बीपी सिंह द्वारा दिए गए प्रोजेक्ट के तहत 2016 से बेस्ट वर्किंग ब्लड सेंटर सिम्स बिलासपुर का है। एजीटेटर मशीन का उपयोग ब्लड से पीआरपी बनाये हुए को सेपरेट रखा जाता है ताकि खराब ना हो। ब्लड कलेक्शन मॉनीटर का उपयोग फ्लेबोटॉमी में उपयोग होता है, जिसमें कितना ब्लड डोनर से प्राप्त हो रहा है के साथ-साथ ब्लड को बैग में मिक्स करते रहना भी है। जेल मैट्रिक्स का भी उपयोग क्रॉस मैच में ही किया जाता है जहां पेशेंट एवं ब्लड बैग के ब्लड ग्रुप की जांच बारीकी से की जाती है।

विगत वर्ष डाईग्नोसिस एवं रिसर्च की दुनिया ने पैथोलॉजी डिपार्मेंट सिम्स बिलासपुर में सराहनीय कार्य हुआ। इम्यूनो हिस्टोकेमेस्ट्री और हिस्टोपैथोलॉजी डायग्नोसिस में कैप गाइड गाइडलाइन की सहायता से दुर्लभ कैंसर जैसे कोलन जियोकार्सिनोमा, कोलेंजियो योकार्सिनोमा रिकरेंस ऑफ़ द लिपो सार्काेमा और विभिन्न त्वचा संबंधी कैंसर की डायग्नोसिस के 2000 से ज्यादा स्पेसिमेन में कैंसर की जांच की गई साथ ही साथ स्त्रियों में प्रजनन अंगों संबंधित कैंसर की भी जांच की गई और थायराइड संबंधित जांच भी की गई। उक्त कार्यों के लिए सिम्स के डीन डॉ केके सहारे ने पैथोलॉजी विभाग की सराहना की।

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