Explore

Search

April 4, 2025 3:10 pm

Our Social Media:

सरकारी जमीन को अपना बता14 लाख में सौदा कर 12 लाख ले भी लिया पीड़ित न्याय पाने भटक रहा

बिलासपुर । पूर्व सरपंच और दो जमीन दलालो ने मिलकर सरकारी जमीन को अपना बताते हुए बेचने का सौदा किया और एक व्यक्ति से 12 लाख रुपये वसूल भी लिए । पीड़ित को जब मालूम पड़ा कि जिस जमीन का उससे सौदा हुआ है वह सरकारी है तो उसने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू कर दी मगर उसे घुमाया जाता रहा । परेशान होकर पीड़ित ने अपनी व्यथा मुख्यमंत्री , नेताप्रतिपक्ष , कमिश्नर , कलेक्टर आदि को आवेदन के द्वारा बताया । सभी ने आवश्यक कार्रवाई और दोषियों के विरुद्ध मामला दर्ज करने पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया मगर पुलिस द्वारा कोई करवाई नही किये जाने से पीड़ित हताश और निराश हो गया है । उसकी गाढ़ी कमाई के 12 लाख रुपए से भूमाफिया लोग ऐश कर रहे है ।

शहर से लगे मंगला निवासी शिवकुमार रजक होटल चलाता है। उसे तखत पुर के कपसिया खुर्द निवासी गणेश दास मानिकपुरी पिता गया मानिकपुरी ने खसरा नम्बर 943/2रकबा 7डिसमिल जमीन कोखुद की भूमि होना बताकर 14 लाख रुपये में शिव कुमार रजक को बेचने का सौदा किया और 11 अप्रैल को नगद व चेक के द्वारा शिव कुमार रजक से दो गवाहों के सामने 12 लाख रुपए बयाना के रूप में लेकर इकरार नामा निष्पादित कर दिया । उसने जमीन की रजिस्ट्री 6 माह के भीतर करा देने की बात भी कही ।

शिव कुमार रजक ने कुछ माह बाद जमीन की रजिस्ट्री करा देने कहा तो गणेश दास आनाकानी करते हुए उसे घूमाता रहा । इस पर शिवकुमार रजक को कुछ शंका होने पर उसने पटवारी ,राजस्व अधिकारी से उस जमीन के बारे में पता किया तो शिवकुमार के होश उड़ गए । मालूम पड़ा जिस जमीन का उसने खरीदी के लिए सौदा किया है वह जमीन शासकीय है ।शिवकुमार के साथ गणेश दास व उसके साथियों पूर्व सरपंच ऋषि कश्यप और बसन्त कश्यप ने धोखाधड़ी करके 12 लाख रुपये वसूल लिए है ।

अब शिवकुमार को 12 लाख रुपये वापस भी नही दिया जा रहा। मानसिक और आर्थिक रूप से पीड़ित शिव कुमार ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी पुलिस अधिकारियों सिविल लाइन थाना में देने के बाद भी जब कोई मदद नही मिली तो शिव कुमार ने पूरे घटनाक्रम और अपने ठगे जाने तथा सरकारी जमीन को अपना बता उसेबेचने वाले गिरोह के बारे में मुख्यमंत्री ,गृहमंत्री , राजस्व मंत्री , सम्भाग के कमिश्नर , कलेक्टर नेता प्रतिपक्ष आदि को ज्ञापन के माध्यम से जानकारी देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उसके 12 लाख रुपये वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया तो सभी ने एसपी को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए इसके बाद भी किसी भी प्रकार की कार्रवाई नही होने से शिवकुमार हताश और निराश हो गया है और वह सोचने को मजबूर है कि सरकारी जमीन को भी बेच देने वाले लोगो को आखिर सरकारी संरक्षण क्यो मिला हुआ है । पुलिस आखिर कार्रवाई क्यों नही करना चाहती ।

Next Post

जेल से भागने के प्रयास में कैदी का पैर टूटा,एक की मौत

Sun Jul 14 , 2019
कोरबा जिले के कटघोरा उपजेल से रविवार सुबह दो कैदियों के जेल तोड़कर भागने की नाकाम कोशिश का मामला सामने आया है। दोनों कैदी बाउंड्रीवाल से कूद कर भाग रहे थे लेकिन 25 फीट दीवार से छलांग लगाने के कारण एक कैदी का पैर टूट गया। दर्द से कराह रहे […]

You May Like