रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मंडल ने शनिवार को चिप्स कार्यालय में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण,रामवन पथ गमन,आदिवासी क्षेत्रों में समुदायिक वनाधिकार पट्टों का वितरण, अनुसुचित जनजाति जिलों के आश्रम एवं छात्रावासों को मॉडल छात्रावास बनाने एवं सर्व सुविधायुक्त बनाने, सघन पौधरोपण, शहरी पशुओं के व्यवस्थापन, बिलासपुर में अरपा नदी के आसपास सौन्द्रर्यीकरण और व्यवस्थापन और एथॉनाल निर्माण के प्रोजेक्ट को लेकर शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में योजनावार विस्तार से समीक्षा की।मुख्य सचिव ने राज्य शासन की अभिनव गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को सजगता और सर्तकता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के लिए उनकी अध्यक्षता में गठित समिति की लगातार बैठकें ली जा रही हैं। इसमें योजना को शुरू करने और उसके क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से उनके जिले में योजना के क्रियान्वयन के संबंध में उनसे चर्चा कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि गोठानों में स्व-सहायता समूहों द्वारा पशुपालकों से अच्छी गुणवत्ता का गोबर खरीदा जाएगा। गोठानों में बर्मी बेड बनाकर उनमें वर्मी कीड़े डाले जाएंगे, जिससे बर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार कर कृषि, उद्यानिकी और वन विभाग को विक्रय की जाएगी।
मुख्य सचिव ने बैठक में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में मुनगा के पौधे लगाने और गार्डन में हरी पत्तेदार सब्जियां और स्थानीय जलवायु के अनुकूल फलदार पौधे लगाने कहा। इसी तरह से जिस गांव में आंगनबाड़ी है, वहीं के स्व-सहायता समूह को मुर्गीपालन शेड बनाकर देने कहा। आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए अण्डों का क्रय गांव के ही स्व-सहायता समूह से किया जाए। इससे सुपोषण के लिए गांव में ही पौष्टिक खाद्य सामग्री मिलेगी और गांवों में ही लोगों को रोजगार दिया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने विभागीय मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लगातार सुपोषण अभियान की मानिटरिंग करें। सुपोषण अभियान के दौरान किसी की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव ने रामवन पथ गमन की समीक्षा के दौरान पर्यटन विभाग के सचिव को बिलासपुर के शिवरीनारायण और गरियाबंद के राजिम में जाकर,संबंधित जिलों के कलेक्टर और संभागायुक्त के साथ दौरा करने कहा। उक्त पर्यटन स्थल का सौर्दर्यीकरण औेर व्यवस्थापन कराएं। उन्होंने राम वन पथ गमन के मार्ग के सभी कार्यों की मानिटरिंग लगातार करते रहने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने नगर निगम आयुक्त, बिलासपुर को अरपा नदी के किनारे सौंदर्यीकरण और जमीन व्यवस्थापन कार्य को कराने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुवेर्दी, वन एवं उद्योग विभाग के सचिव मनोज पिंगुआ, कृषि विभाग की सचिव तथा कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, सहकारिता, महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रसन्ना आर, पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी, हाउसिंग बोर्ड के एमडी अय्याज तम्बोली, कलेक्टर रायपुर डॉ. एस.भारतीदासन रायपुर नगर निगम के कमिश्नर सौरभ कुमार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अटल नगर विकास प्राधिकरण अंकित आनंद, पर्यटन विभाग की एमडी इफ्फत्त आरा, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौरव सिंह सहित कृषि, नगरीय विकास, लोक निर्माण, वन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।