बिलासपुर । नगर पालिक निगम सिर्फ कागजों में ही सफाई व्यवस्था अच्छी चल रही है और बेहतर सफाई का दावा राष्ट्रीय स्तर पर करके अवॉर्ड पाने की होड़ मची है जबकि सच्चाई कुछ और बयां कर रही है । सफाई व्यवस्था को निजी हाथों में देकर निगम के अधिकारी चुप बैठ गए है । सफाई कर्मियों की फर्जी हाजिरी लगा निजी सफाई कम्पनी निगम को चुना लगा रही है ।अस्पतालों का मेडिकल वेस्ट अस्पताल के कर्मी खुलेआम रोड एवं डस्टबिन के बाहर फेंक कर चले जाते हैं ।
बिलासपुर नगर पालिक निगम की गंदगी के बीच गुजर बसर कर रहे वार्ड के नागरिक और झूठा तमगा लगाकर अवार्ड ले रहे नगर पालिक निगम के अधिकारी जबकि वास्तविकता इससे कोसों दूर है इसका साक्षात उदाहरण शहर के अनेकों जगह देखने को मिल सकते हैं लेकिन ना अधिकारी और ना जनप्रतिनिधि इनको कोई सरोकार नहीं है की व्यवस्था कैसे ठीक की जाए या सफाई कर्मचारी या उसके अंतर्गत लगे हुए अधिकारी अपने कर्तव्य अपनी भूमिका सही तरीके से निभा रहे हैं कि नहीं इस बात से नगर पालिक निगम के ना तो नेताओं को लेना देना है और ना अधिकारियों को ।गायत्री मंदिर रोड से मैग्नेटो मॉल जाने वाले रास्ते में डस्टबिन रखा हुआ है इस डस्टबिन में मैग्नेटो मॉल चौक में स्थित बर्न हॉस्पिटल का मेडिकल वेस्ट खुलेआम सड़कों में डाला जा रहा है।
एक तो कोरोना महामारी से वैसे ही जनता आमजन परेशान हैं दूसरा रोड और रास्ते में इस प्रकार का मेडिकल वेस्ट अस्पताल प्रबंधन के द्वारा डाला जाना अत्यंत निंदनीय है और डरावना भी है इससे संक्रमण फैलने का खतरा तो है ही इसके साथ ही साथ गाय एवं बछड़े भी अपने आपको इस मेडिकल वेस्ट से नहीं बचा पाएंगे इस अव्यवस्था की जिम्मेदारी आखिर किसकी है नगर पालिक निगम के जोन के इंजीनियर सफाई निरीक्षक या हेल्थ ऑफिसर इसके अलावा वार्ड में नियुक्त किए गए सफाई सुपरवाइजर या फिर वार्ड के जनप्रतिनिधि या शहर के जनप्रतिनिधि चाहे मेयर हो या फिर नगर पालिक निगम के आयुक्त हो इस प्रकार की गंदगी के आलम में जी रहे वार्ड के नागरिक। इस रोड में जस्टिस तंखा मेमोरियल अंध मूक बधिर शाला के सामने मुख्य मार्ग का यह हाल है। वार्ड के अंदर की गलियों और नालियों का तो हाल बेहाल है कर्मचारी सिर्फ हाजिरी लगाने के लिए और सुपरवाइजर गिनती गिनने के लिए अपना समय पूरा करते हैं। सफाई नाम की कोई व्यवस्था देखने को नहीं है लेकिन नगर पालिक निगम इन सब के एवज में जनता से टैक्स जरूर लेती है लचर सफाई व्यवस्था के चलते मोहल्ले के नागरिकों में आक्रोश और संक्रमण का डर बना हुआ है इस बात की शिकायत मोहल्ले के पीड़ित लोगो ने नगरीय प्रशासन मंत्रालय के अधिकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से भेजी गई है। देखना यह है कि आने वाले समय में नगर पालिक निगम अपनी झूठी वाहवाही लूटने में क्या कसर निभाते हैं या जनता की परेशानी को दूर करने में सहयोग करेंगे यह आने वाला समय ही बता पाएगा