बिलासपुर ।जांजगीर जिले के बलौदा से 6 वर्षीय बालक का अपहरण कर लाखों की फिरौती वसुलने का सपना पाले किडनैपर्स बिलासपुर पुलिस के द्वारा बिछाएं गए चक्रव्यूह में एसे फसे की फूटी कौड़ी तो मिली नही उल्टे अब जेल की हवा खानी पड़ेगी,अपहृत बच्चे को बिलासपुर पुलिस ने महज 12 घण्टे के अंदर ट्रेस कर सुरक्षित किडनैपर्स के चंगुल से मुक्त करा लिया है और अपहरण के मास्टरमाइंड और उसके साथी को को भी अरेस्ट कर लिया है।
गौरतलब हैं कि जांजगीर जिले के बलौदा थाना क्षेत्र के बलौदा नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 2 ठडगाबहार में रहने वाले राजेन्द्र कुर्रे घर के ही सामने किराने की दुकान चलाते हैं, उनके 3 पुत्रियां व 1 पुत्र हैं,इकलौता पुत्र होने के कारण पुत्र अनुज सारे घर का लाडला था,यह बात किडनैपर्स को पता थी।सुबह के करिब 9 के लगभग जब अनुज के पिता घर पर नही थे औऱ अनुज अपने घर के सामने दोस्त अभिषेक के साथ खेल रहा था तभी नीले रंग की बाइक में एक युवक पहुँचा और बच्चे को कहा कि तुम्हारे पापा कोल्डड्रिंक पीने को बुला रहे हैं जिस से अनुज उसके झांसे में आ गया और बाईक सवार के साथ चला गया।काफी देर तक अनुज को नही देख कर घर वालो को उसके लापता होने की जानकारी हुई तब उन्होंने पूछताछ और खोजबीन शुरू की तब अनुज के दोस्त अभिषेक ने अनुज को अज्ञात बाइक सवार के साथ जाने की बात बताई जिस से हड़कंप मच गया और पुलिस को अपहरण की सूचना दी गयी,अपहर्ताओं के द्वारा इसी बीच अनुज के पिता को फोन कर 5 लाख की फिरौती भी मांगी गई।
फिरौती की मांग आने के बाद स्प्ष्ट हो गया कि अनुज का अपहरण हो गया है तब जांजगीर पुलिस सक्रिय हुई और आये हुए नम्बर का लोकेशन निकाला गया तब वह सीपत की ओर जाती दिखी तब इसकी सूचना जांजगीर कप्तान पारुल माथुर ने बिलासपुर पुलिस को दी,जिस पर सक्रिय हो कर बिलासपुर पुलिस ने तुरन्त ही सीपत एरिया में घेरा बंदी करवा दी,तब तक अपहरण की सूचना मिलने पर मस्तूरी पुलिस भी चौकन्नी हो गयी थी और जांजगीर से बिलासपुर प्रवेश करने वाले मोहतरा मोड़ पर मस्तूरी प्रभारी फैजुल होदा शाह के द्वारा एडीशनल एसपी संजय ध्रुव के निर्देश पर घेरा बंदी कर दी गयी।
बिलासपुर एसपी प्रशान्त अग्रवाल ने बिलासपुर की सायबर सेल को भी सक्रिय कर दिया और इसके लिए रायपुर पेशी में गए सायबर एक्सपर्ट कलीम खान को तुरन्त ही वापस बुलाया गया,तकरीबन शाम 4 बजे कलीम खान की वापसी के बाद सायबर सेल में आईजी आफिस में पदस्थ एडिशनल एसपी दीपमाला कश्यप और कलीम खान और एसआई मनोज रॉय ने मोर्चा सम्हाला और लोकेशन ट्रेस करते रहे।
आरोपियों की लोकेशन तब मोहतरा की जगह जयराम नगर की तरफ से बढ़ते हुए दिखी,साइबर सेल से प्राप्त जानकारी के आधार पर ग्रामीण एडिशनल एसपी संजय ध्रुव ने
मस्तूरी प्रभारी फैजुल को जयराम नगर में मोड़ पर भी घेरा बंदी करने के निर्देश दिए।इसी बीच जिस नम्बर से फिरौती के लिए काल किया गया था उसका एसडीआर(सब्सक्राइबर डिटेल रिकार्ड) निकाला गया तो वो रिसदा गांव का निकला जिस पर एडिशनल एसपी सिटी उमेश कश्यप ने उक्त गांव में इस मोबाइल धारी युवक की पतासाजी करवाई तब एसे किसी भी युवक के गांव में होने की जानकारी हाथ नही लगी।
इसी बीच जिस नम्बर से फिरौती के लिए काल आया था वो तो बन्द हो गया पर उसी मोबाइल में दूसरा सिम चालु हो गया,अबकी बार साइबर सेल की टीम ने चालू नम्बर का एसडीआर निकाला और उसमे से मोबाइल धारक युवक की जो फ़ोटो निकली उसकी पहचान 5 मिनट में ही बिलासपुर पुलिस ने देवगांव निवासी अंकित खांडेकर के रूप में कर ली।बिलासपुर पुलिस ने तुरन्त ही जानकारी जुटाई तब पता चला कि आरोपी के दो मकान हैं पहला बस्ती में व दूसरा गांव के बाहर सुने स्थान में तब कप्तान प्रशान्त अग्रवाल ने सुने मकान में अपह्रत बच्चे की होने की आशंका को ले कर मस्तूरी पुलिस को सुने घर के आस पास सिविल ड्रेस में जवान तैनात करने के निर्देश दिए ताकि हड़बड़ी में किडनैपर बच्चे को कोई नुकसान न पहुँचा दे।
एसपी प्रशान्त ने सम्हाला मोर्चा:
जब मस्तूरी के देवगांव में बच्चे के होने की जानकारी मिली तब एसपी प्रशान्त अग्रवाल ने खुद ही मोर्चा सम्हाला और घर के आस पास सिविल ड्रेस में पुलिस तैनात करने का आदेश दे कर खुद ही मस्तूरी के लिए निकल गए
बिलासपुर एसपी प्रशान्त अग्रवाल के मस्तुरी पहुँचने तक जांजगीर एसपी पारुल माथुर भी मौके पर पहुँच गयी थीं,एसपी अग्रवाल तब मौके के आस पास का जायजा लेने निकले और फिर वापस आ कर तुरन्त ही ऑपरेशन का प्लान बनाया गया। ऑपरेशन के लिए 4 टीमें बनाई गई।
हर टीम में शामिल किया गया सिविलियनस को
4 टीमें जो बनाई गई उसमे एसपी अग्रवाल के निर्देश पर प्रत्येक टीम में एक एक ग्रामीणों को शामिल किया गया ताकि वो आसानी से पुलिस टीम को रास्ता दिखा सकें। व सभी टीम में एक एक पुलिस कर्मी लोकल थाने मस्तूरी का क्षेत्र के मार्गदर्शन के लिए रखा गया।हर टीम में जांजगीर के पुलिस कर्मियों को भी शामिल किया गया।
आरोपी के द्वारा एक अनजान नम्बर पर भी लगातार काल किये गए थे जो पतासाजी में मस्तूरी के ही पाराघाट क्षेत्र का ही निकला जिसे एक युवक्ती चला रही थी,आशंका यह भी थी कि बच्चा हो न हो युवक्ती के पास भी हो।तब दोनो जिलों के एसपी ने तय किया कि एक टीम उक्त लड़की को जा कर अरेस्ट करेगी व एक टीम उक्त सुने मकान में घुसेगी इसके अलावा बाकी की दो टीमें उक्त मकान की बाहर से घेराबंदी करेंगी ताकि आरोपी यदि भागने की कोशिश भी करें तो पकड़ा जाएं।सारी टीमो की मॉनिटरिंग खुद एसपी कर रहें थे।पुलिस जब अंदर पहुँची तब अकेला बच्चा अंदर मिल गया।
आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
घटना के मुख्य आरोपी राजा कुर्रे को पुलिस ने रात में ही पकड़ लिया था व उसका साथी अंकित खाण्डेकर अंधेरे का फायदा उठा कर फरार हो गया था जिसे पुलिस वालो ने खेतो के बीच कीचड़ में ही जम कर इतना दौड़ाया की आरोपी भागते भागते बेहोश हो कर खेत में ही गिर गया था अंधेरे व खेत मे धान की फसल होने की वजह से पुलिस वालो को दिखाई नही दिया तब टीआई कलीम खान, मस्तूरीप्रभारी फैजुल होदा शाह,बिल्हा प्रभारी सागर पाठक,व सिरगिट्टी प्रभारी शांत साहू ने उस एरिया में घेराबंदी करते हुए डेराडाल दिया ताकि आरोपी फरार न हो जाए,साथ ही आस पास के गांव वालों को भी घटना और आरोपी के सम्बंध में सूचित किया गया,जिसका फायदा भी मिला और सुबह ग्रामीणों ने आरोपी को देख कर पुलिस को सूचना दी और फरार आरोपी पकड़ा गया।
मास्टर माइंड का पता किया कलीम ने:
जांजगीर पुलिस जिस नम्बर से फोन आया था उसी की लोकेशन निकालने में ही उलझ कर रह गई जबकि वह बन्द हो चुका था,तब बिलासपुर पुलिस ने उस आईएमईआई सेट पर नए चालू हुए नम्बर को ट्रेस करने की दिशा में क़ाम शुरू किया,जिस से साईबर प्रभारी कलीम खान को पता चला कि मुख्य आरोपी राजा कुर्रे हैं जो कि घटना स्थल पर नही गया था पर लगातार बच्चे के हुलिए और पहनावे के बारे में फोन से आरोपी अंकित खांडेकर को निर्देशित कर रहा था।दरअसल आरोपी राजा कुर्रे बच्चे के पिता राजेन्द्र कुर्रे का चचेरा भाई हैं और इस अपहरणकांड का मुख्य आरोपी हैं स्वयं के द्वारा अपहरण किये जाने पर पहचान लिए जाने के डर से उसने अंकित खांडेकर को साथ शामिल किया था ,अंकित बच्चे को पहचानता भी नही था जिस के बारे में राजा लगातार फोन से सूचना दे कर निर्देशित कर रहा था,कलीम के विवेचना में यह स्प्ष्ट हो गया कि अपहरण का मास्टरमाइंड राजा कुर्रे हैं।
गृहमंत्री ने की तारीफ
बिलासपुर पुलिस के द्वारा जांजगीर से अपह्रत बच्चे को ऑपरेशन चला कर सकुशल बरामद कर लेने और अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिए जाने पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने बिलासपुर पुलिस को टैग कर ट्विटर पर उत्साह वर्धन किया हैं।
केश सुलझाने के लिये बना व्हाट्सएप ग्रुप:-
इस केस के अपहर्ताओ के बिलासपुर में छिपे होने की आशंका को देखते हुए तुरन्त ही दोनो जिलों के पुलिस के द्वारा सँयुक्त रूप से बलौदा किडनैपिंग के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया ताकि दोनो जिलों की पुलिस आसानी से समन्यव बना कर एक दूसरे को सूचना प्रदान कर सके व एक साथ सभी टीम मेम्बरों तक आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध हो जाए,आरोपी अंकित खाण्डेकर का फोटो भी इसी ग्रुप में एसडीआर निकालने के बाद बिलासपुर साइबर सेल ने जारी किया जिसे मस्तूरी के पुलिस वालों ने पहचान लिया।उक्त ग्रुप में स्वयं बिलासपुर व जांजगीर के एसपी व दोनो जिलों के एडिशनल एसपी से ले कर आरक्षक स्तर के पुलिस कर्मी जुड़े थे व सूचनाओ का आदान प्रदान कर रहें थे।