बिलासपुर । महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला मुख्यालय में बैठे अधिकारी शासन और विभागीय मंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे है । यहां से तबादला कर दिए अमले को वे रिलीव करने के बजाय उनसे मेडिकल सर्टिफिकेट बनवा कर उन्हें यही रखे हुए है वही जो अमल दूसरे स्थान से स्थानांतरित होकर आए है उन्हें वांछित स्थान पर पदस्थ करने में बजाय उन लोगो को कार्यालय में रख कोई काम नही दिया जा रहा है । ये अधिकारी किसके दम पर और किसके इशारे पर ऐसा कर रहे है इसकी खबर शासन तक पहुंच रही है मगर फिलहाल कोई कार्रवाई नही हो पा रही है ।
पिछले माह महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने विभाग में 15 ,20 सालों से एक ही जगह पर पदस्थ परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों का बड़े पैमाने पर तबादला करते हुए उन स्थानों में भेजा गया जहां अमला जाना नही चाहते थे । पद नही होने के बाद भी जिला मुख्यालयों में अटैच करके वर्षों से रखे अमले को भी हटाया गया । मंत्री के इस साहसिक कदम से पूरे प्रदेश में खलबली सी मची रही ।
विभागीय मंत्री ने बिलासपुर जिले में भी व्यापक फेरबदल तो किया मगर जितने लोगो का तबादला किया गया था उनसे 4 सितम्बर तक स्थानान्तरीत स्थान पर पदभार ग्रहण करने कहा गया था साथ ही यह भी कहा गया कि नियत तिथि तक वे पुराने स्थान से रिलीव नही होते है तो वे स्वमेव रिलीव माने जाएंगे इसके बाद भी जिला मुख्यालय में कुंडली जमाये बैठे अधिकारी स्थानांतरित अमले को रिलीव नही कर रहे है और अधिकांश को मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर अवकाश में चले जाने कह दिया है वही दूसरे स्थानों से बिलास पुर जिले में स्थानांतरित किये गए कर्मचारी बिलासपुर तो आ गए है और जिला कार्यालय में अपनी ज्वाइनिंग भी दे दी है मगर जिला अधिकारी उनको उन स्थानों में पदभार ग्रहण करने अनुमति नही दे रहे जहां उनको कार्य करना है । अधिकारी इन स्थानांतरित होकर आए अमले को कार्यालय में ही रखे हुए है ।
जानकारी के मुताबिक पूर्ववर्ती सरकार के समय 15 सालों से मंत्रालय में बैठे विभागीय अधिकारियो के साथ घालमेल कर मनमर्जी चलाने वाले जिले के विभागीय अधिकारियों का प्रदेश में सरकार बदल जाने का जरा भी खौफ नही है और वे वही करना चाहते है जो पिछले 15 सालों से करते आ रहे है । इसमें मंत्रालय में बैठे वही अधिकारी पूरा साथ दे रहे है और सरकार तथा विभागीय मंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे है । ऐसे स्वछंद अधिकारियों पर कार्यवाही देर सबेर तो होनी ही है ।