राजनांदगांव 21 जुलाई, 2019। बारिश के दिनों में भाजी खाना जानलेवा हो सकता है क्योंकि भाजी में इतने महीन कीड़े होते है जो दिखाई तो नही देते मगर उससे जान भी जा सकती है । ऐसी ही घटना में चरौटा भाजी कहने से एक ही परिवार के 6 लोग बीमार पड़ गए और गम्भीर रूप से पीड़ित एक महिला की मौत हो गई ।
गांवों के खेत और बाड़ियो में व्यापक पैमाने पर अनेक प्रकार की भाजी उगाई जाती है मगर बारिश के दिनों में कोई भी भाजी नही कहानी चाहिए वह जानलेवा भी साबित हो सकता है । शहरी क्षेत्रों में इस बात को जानने वाले लोग बारिश के दिनों में भाजी से परहेज करते है मगर गांवों के लोग आसानी से और मुफ्त में उपलब्ध हो जाने वाले भाजी खासकर चरौटा और टिनपनिया भाजी को सब्जी के रूप में अक्सर बनाकर खाते है मगर वे नही जानते कि भाजी कहना कितना नुकसान देह होता है । भाजी खाने से उल्टी दस्त बुखार पेटदर्द होने के साथ ही कभी कभी मौत भी हो जाती है ।
ऐसी ही एक घटना में डोंगरगांव से लगे ग्राम मटिया में निवासरत साहू परिवार के छह सदस्य फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। इलाज के लिए सभी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक की हालात गंभीर थी तो उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया था। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी के मुताबिक परिवार ने सब्जी में चरोटा भाजी बनाई थी। इसके अलावा पकोड़े भी खाए थे। इसे से ही इंफेक्शन फैला और लोग बीमार पड़ गए। मामले की जानकारी सीएमएचओ को भी नहीं थी। जब उनसे पूछा गया तो वे हड़बड़ाए और जानकारी लेकर साझा की। उन्होंने ब्लॉक के अफसरों को जानकारी साझा नहीं करने के लिए फटकार भी लगाई। जानकारी अनुसार 18 जुलाई को मटिया निवासी श्याम बाई साहू (60) के यहां चरोटा भाजी की सब्जी बनाई गई थी। सब्जी खाने के बाद परिवार के छह सदस्य बीमार पड़ गए। जिसमेंे श्याम बाई भी शामिल थी। 19 जुलाई की शाम अत्यधिक तबियत बिगड़ने से श्याम बाई की मौत हो गई।